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पीएम मोदी ने विपक्ष के महिला विरोधी चेहरे को किया उजागर: एस जयशंकर

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पीएम मोदी ने विपक्ष के महिला विरोधी चेहरे को किया उजागर: एस जयशंकर

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर महिला अधिकारों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उनके संबोधन ने देश में उम्मीद जगाई और महिलाओं के आरक्षण को लेकर सख्त संदेश दिया। क्या महिलाएं जल्द ही अपने हक को प्राप्त करेंगी?

मुख्य बातें

पीएम मोदी का विपक्ष पर आरोप: महिला अधिकारों का अपमान।
महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का आश्वासन।
कांग्रेस और सहयोगियों का महिला आरक्षण विरोध।
किरण बेदी का सकारात्मक दृष्टिकोण।
भाजपा नेताओं का समर्थन और प्रतिक्रियाएँ।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पीएम मोदी ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण राष्ट्र संबोधन में विपक्ष को कठोर शब्दों में आड़ा हाथ लिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को छीनने पर विपक्ष ताली बजा रहा था।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी के इस प्रभावशाली संबोधन पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने विपक्ष के महिला विरोधी और विभाजनकारी चेहरे को उजागर किया। कांग्रेस, डीएमके, सपा और टीएमसी जैसी पार्टियों की सुधार-विरोधी सोच के चलते देश ने एक ऐतिहासिक अवसर खो दिया। पीएम मोदी के नेतृत्व में हम संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के वैध अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पूर्व राज्यपाल किरण बेदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी का संदेश ने फिर से उम्मीद जगाई है। शायद 2029 से पहले ही महिलाएं अपने उचित स्थान पर पहुँच जाएँगी। समय ही इस बदलाव का गवाह बनेगा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा कि पीएम मोदी का ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर संबोधन सुनकर उन्होंने कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों के महिला विरोधी चेहरे को उजागर किया। इससे जुड़े संविधान संशोधन का न गुजरना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह देश की नारी शक्ति के राजनीतिक सशक्तिकरण को रोकने के समान है। सदन में इस महत्वपूर्ण विधेयक के गिरने के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा उत्सव मनाना उनकी संवेदनहीनता और बेशर्मी को दर्शाता है। देश की मातृशक्ति इस अपमान को कभी नहीं मानेगी। निश्चित रूप से, आने वाले समय में देश की महिलाएं इस अन्याय का लोकतांत्रिक तरीके से उत्तर देंगी।

भाजपा की वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे ने लिखा कि सांच को आंच की जरूरत नहीं है।

उन्होंने आगे लिखा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने का प्रयास सभी महिलाओं द्वारा स्वागत किया जा रहा है। यह भी स्पष्ट है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वाले लोग चौथी बार भी विपक्ष में बैठने की तैयारी कर चुके हैं। ऐसे लोग चाहे जितना भ्रम

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पीएम मोदी के संबोधन का समर्थन करते हुए लिखा कि आज हर भारतीय देख रहा है कि कैसे महिलाओं की उड़ान को रोका गया और उनके सपनों को कुचला गया। हम सभी प्रयासों के बावजूद नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पारित नहीं हो पाया। मैं इस पर माताओं-बहनों से क्षमा मांगता हूँ।

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि नारी सब कुछ भुला सकती है, लेकिन कभी अपना अपमान नहीं भुलाती।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा कि कांग्रेस, महिला आरक्षण से नफरत करती है और हमेशा इसे रोकने के लिए षड्यंत्र कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सामाजिक भी है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
पीएम मोदी ने विपक्ष पर महिला अधिकारों को छीनने का आरोप लगाया है।
महिला आरक्षण पर पीएम मोदी का क्या कहना था?
पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को सुनिश्चित करने का वादा किया।
किरण बेदी का इस विषय पर क्या मत है?
किरण बेदी ने पीएम मोदी के संदेश को उम्मीद जगाने वाला बताया।
कांग्रेस का महिला आरक्षण के प्रति क्या रुख है?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि कांग्रेस महिला आरक्षण से नफरत करती है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम का क्या महत्व है?
यह विधेयक महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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