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भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता: कुछ दल महिलाओं को आगे बढ़ने नहीं देना चाहते

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भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता: कुछ दल महिलाओं को आगे बढ़ने नहीं देना चाहते

सारांश

नई दिल्ली में भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने महिला आरक्षण विधेयक के अस्वीकृत होने के बाद विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है और यह एक गंभीर विषय है। इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक का अस्वीकृत होना महिलाओं के लिए एक बड़ा झटका है।
धर्मशीला गुप्ता ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बिना आरक्षण के महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में कमी आएगी।
प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
आने वाले समय में महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने की कोशिश जारी रहेगी।

नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में संविधान के 131वें संशोधन विधेयक के अस्वीकृत होने के बाद राजनीतिक माहौल में काफी गर्मी आ गई है। भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि वह पिछले तीन दिनों से बहुत चिंतित हैं, क्योंकि देश की महिलाओं के साथ अन्याय हुआ है। उनके अनुसार, महिलाओं को जिस आरक्षण का इंतजार था, वह अब सपना बनकर रह गया है और इसके लिए विपक्षी दल जिम्मेदार हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल महिलाओं की प्रगति नहीं देखना चाहते। उन्होंने कहा कि इन दलों ने महिलाओं का अपमान किया है और उन्हें उनके अधिकारों से दूर रखने का प्रयास किया है। देश की महिलाएं इन नेताओं को कभी नहीं भूलेंगी और भविष्य में उन्हें इसका जवाब जरूर मिलेगा।

धर्मशीला ने नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने आम परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि एक साधारण परिवार से होते हुए उन्हें राज्यसभा तक पहुंचने का मौका मिला। यदि यह महिला आरक्षण विधेयक पारित हो जाता, तो देशभर की महिलाएं लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभाओं में नेतृत्व कर सकती थीं और देश को नई दिशा दे सकती थीं।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उनके इशारे पर ही यह सब हुआ। उन्होंने कहा कि कुछ परिवारों में ही महिलाओं की राजनीति सीमित रह गई, जबकि आम महिलाओं को आगे आने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने खुद को बिहार की बेटी बताते हुए कहा कि उन्होंने संघर्ष का सामना किया है और चाहती थीं कि अन्य महिलाएं भी राजनीति में आगे बढ़ें।

इस मुद्दे पर दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने भी विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर पूरे देश में एक आशा का संचार हुआ था, लेकिन विपक्ष ने संसद में जिस तरह का व्यवहार किया, वह अत्यंत निंदनीय है। उनके अनुसार, यह विधेयक देश के लिए एक ऐतिहासिक कदम हो सकता था, लेकिन इसे पास नहीं होने दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि इस बार विधेयक पास नहीं हो पाया, लेकिन भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए प्रयास जारी रखेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज के समग्र विकास से भी जुड़ा है। महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने का यह प्रयास निंदनीय है और इससे समाज में असमानता बढ़ती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ाना है।
धर्मशीला गुप्ता ने किन दलों पर आरोप लगाए हैं?
धर्मशीला गुप्ता ने राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों पर आरोप लगाया है कि वे महिलाओं की प्रगति नहीं चाहते।
इस विधेयक के पारित न होने का क्या असर होगा?
इस विधेयक के पारित न होने से महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व में कमी आएगी, जिससे उनके अधिकारों का हनन होगा।
क्या भाजपा महिलाओं के अधिकारों के लिए काम कर रही है?
भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए प्रयास जारी रखने की बात कही है।
क्या धर्मशीला गुप्ता ने किसी विशेष नेता का उल्लेख किया?
हां, धर्मशीला गुप्ता ने राहुल गांधी का भी उल्लेख किया है और उन पर आरोप लगाया है कि उनके इशारे पर यह सब हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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