प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र के प्रति संबोधन: 10 प्रमुख बिंदुओं में समझें
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधन विधेयक के गिरने के बाद, शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित किया। इस अवसर पर, उन्होंने विपक्षी दलों जैसे कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, और तृणमूल पर तीखा हमला किया। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने अपनी संकीर्ण और स्वार्थी राजनीति के चलते देश की आधी आबादी का हक छीन लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि ये परिवारवादी पार्टियां नहीं चाहतीं कि उनके परिवार से बाहर की कोई महिला राजनीति में आगे बढ़े।
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में 10 महत्वपूर्ण बातें शामिल थीं, जिनमें उन्होंने महिला शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने से सभी राज्यों को होने वाले लाभ और विधेयक के गिरने से होने वाले नुकसानों का जिक्र किया। इसके अलावा, उन्होंने इस बिल का विरोध करने के पीछे विपक्षी दलों की मानसिकता को भी उजागर किया।
1. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भले ही हमें बिल पास कराने के लिए आवश्यक 66 प्रतिशत वोट नहीं मिले हों, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि देश की 100 प्रतिशत नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है।
2. महिलाओं के अधिकारों को छीनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे। जो उन्होंने किया, वह केवल टेबल पर थपकी नहीं थी; यह नारी के स्वाभिमान और आत्मसम्मान पर चोट थी। नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती।
3. नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है। यह उत्तर-दक्षिण, पूर्व-पश्चिम सभी राज्यों में समान विकास का प्रयास था।
4. कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने इस ईमानदार प्रयास को सदन में पूरे देश के सामने भ्रूणहत्या कर दी।
5. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध का एक बड़ा कारण इन परिवारवादी पार्टियों का डर है। इन्हें डर है कि अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इन परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व संकट में पड़ जाएगा।
6. सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है कि न तो किसी राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा और न ही किसी का प्रतिनिधित्व कम होगा। सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी।
7. महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके कांग्रेस ने सिद्ध कर दिया है कि वह एक एंटी रिफॉर्म पार्टी है। लटकाना-भटकाना-अटकाना यही कांग्रेस का सिद्धांत रहा है।
8. यह विषय नाकामी या क्रेडिट का नहीं था। मैंने संसद में भी कहा था कि आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दीजिए, मैं इसका क्रेडिट विज्ञापन छपवाकर विपक्ष के लोगों को दे दूंगा।
9. मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं कि हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को समाप्त करेंगे।
10. संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का विरोध करने वाले दलों से मैं स्पष्ट कहता हूं कि ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्रांटेड ले रहे हैं।