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पीएम मोदी ने विपक्ष को दिया महिला आरक्षण पर ‘ब्लैंक चेक’, कहा- श्रेय आप ले सकते हैं

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पीएम मोदी ने विपक्ष को दिया महिला आरक्षण पर ‘ब्लैंक चेक’, कहा- श्रेय आप ले सकते हैं

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल को पास कराने के लिए विपक्ष को 'ब्लैंक चेक' देने की पेशकश की। उन्होंने यह भी कहा कि इस ऐतिहासिक संशोधन का श्रेय विपक्ष को देने के लिए वह तैयार हैं। जानें इस बिल की अहमियत और मोदी का विपक्ष को संदेश।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल पर सर्वसम्मति की आवश्यकता।
पीएम मोदी ने विपक्ष को श्रेय देने की पेशकश की।
बिल को राजनीतिक रंग न देने की सलाह।
महिलाओं का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व बढ़ाने का प्रयास।
संसद में स्थान की कोई कमी नहीं है।

नई दिल्ली, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को महिलाओं की राष्ट्रीय नीति निर्माण में भागीदारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि महिला आरक्षण बिल को संसद में सर्वसम्मति से पारित किया जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक संशोधन का श्रेय वह विपक्ष को देने के लिए तैयार हैं।

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल में संशोधनों पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे 'तकनीकी बातों और बहानों' के पीछे छिपकर इसे और टाल नहीं सकते।

उन्होंने आगे कहा कि यह मुद्दा तीन दशकों से लंबित है और इसे अब सर्वसम्मति से पारित किया जाना चाहिए। पीएम मोदी ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की देरी पर सभी की नजर है और जो इसे रोकने की कोशिश करेंगे, उन्हें 'उचित सजा' मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने विपक्षी सदस्यों को समर्थन देने के लिए प्रेरित करते हुए एक 'ब्लैंक चेक' देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, "हमें श्रेय नहीं चाहिए। आप इसे पास कराएं, मैं आपका फोटो लगाकर विज्ञापन जारी कर दूंगा। मैं आपको श्रेय का ब्लैंक चेक दे रहा हूं।" जब उन्होंने यह बातें कहीं, विपक्षी नेता नारेबाजी कर रहे थे।

यह ध्यान देने योग्य है कि संसद का विशेष तीन दिवसीय सत्र १६ अप्रैल से शुरू होकर १८ अप्रैल तक चलेगा, जिसमें तीन महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा होगी: संविधान (१३१वां संशोधन) बिल, २०२६; केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, २०२६; और परिसीमन बिल, २०२६

पीएम मोदी ने विपक्ष को यह सलाह दी कि वे ‘नारी शक्ति’ के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा होने से न रोकें, क्योंकि ऐसा करना नुकसानदायक साबित होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि इस बिल को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए, क्योंकि यदि महिला आरक्षण बिल लागू होता है, तो इससे सभी को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व पहले ही सुनिश्चित हो चुका है और यदि यही व्यवस्था राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी लागू होती है, तो इससे सदनों में संवेदनशीलता बढ़ेगी और महिलाओं के अनुभव से उन्हें मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं की प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।

अंत में, उन्होंने विपक्ष पर हल्का कटाक्ष करते हुए कहा कि परिसीमन के बाद सांसदों की संख्या बढ़ने पर भी संसद में पर्याप्त स्थान है, क्योंकि सरकार ने पहले ही इसका अनुमान लगाकर बड़ा भवन बनवाया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक दलों के बीच सहयोग और समझौते की आवश्यकता को भी दर्शाता है।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल एक प्रस्तावित कानून है जो संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण सुनिश्चित करता है।
पीएम मोदी ने विपक्ष को 'ब्लैंक चेक' क्यों दिया?
उन्होंने कहा कि वह इस बिल का श्रेय विपक्ष को देने के लिए तैयार हैं, ताकि सभी राजनीतिक दल मिलकर इसे पारित कर सकें।
महिला आरक्षण का क्या महत्व है?
महिला आरक्षण से महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आवाज को प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इस बिल पर चर्चा कब होगी?
इस बिल पर चर्चा संसद के विशेष तीन दिवसीय सत्र में १६ अप्रैल से १८ अप्रैल तक होगी।
क्या विपक्ष इस बिल का समर्थन करेगा?
यह देखना होगा कि विपक्ष पीएम मोदी के प्रस्ताव का किस तरह से जवाब देता है और क्या वे इस बिल का समर्थन करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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