सूरत की महिलाओं ने महिला आरक्षण विधेयक पर पीएम मोदी की सराहना की, विपक्ष पर राजनीति का आरोप
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सूरत, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) का लोकसभा में पारित न होना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की सराहना सूरत की महिलाओं और विभिन्न राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा की गई है। इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों पर महिलाओं के सशक्तिकरण के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
पूर्व मेयर और भाजपा की प्रवक्ता हेमाली बोघावाला ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मैं सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद कहना चाहती हूं। उन्होंने देश की महिलाओं के प्रति गहरा सम्मान और विश्वास प्रकट किया है। जब लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने की प्रक्रिया चल रही थी, तब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया और तालियां बजाईं। इस दृश्य ने देश की महिलाओं की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचाया।"
सामाजिक कार्यकर्ता और शैक्षणिक संस्थान की प्रशासक यामिनी उपाध्याय ने प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा देश और जनता के बारे में सोचते हैं। वे राष्ट्र को बेहतर बनाने के प्रयास में लगे रहते हैं। इस बार भी उन्होंने महिलाओं को समानता और समान अवसर देने वाला एक महत्वपूर्ण विधेयक लाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष ने इसे रोकने का काम किया।"
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा, "पीएम नरेंद्र मोदी ने ईमानदारी और प्रतिबद्धता से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि महिलाओं को उनके अधिकार मिलें। यह माना जा रहा था कि उनके प्रयासों से महिलाओं को सशक्त बनाया जा सकेगा, लेकिन विपक्ष ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण विधेयक को पास नहीं होने दिया।"
सूरत की महिलाओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन को भावुक कर देने वाला बताया। कई महिलाओं का कहना था कि पीएम मोदी ने महिलाओं के सपनों और सम्मान के लिए जो संघर्ष किया, वह सराहनीय है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे महिलाओं के वोट चाहते हैं, लेकिन महिलाओं को सत्ता और निर्णय लेने की प्रक्रिया में हिस्सेदारी देने से बचते हैं।
हेमाली बोघावाला ने आगे कहा कि यह विधेयक महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में एक-तिहाई आरक्षण देने का ऐतिहासिक कदम था। इसका विरोध करके विपक्ष ने साबित कर दिया है कि वे महिलाओं के असली सशक्तिकरण के खिलाफ हैं।