महिला आरक्षण विधेयक का कोयंबटूर की महिलाओं ने किया जोरदार स्वागत, पीएम मोदी की सराहना

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महिला आरक्षण विधेयक का कोयंबटूर की महिलाओं ने किया जोरदार स्वागत, पीएम मोदी की सराहना

सारांश

कोयंबटूर की महिलाओं ने महिला आरक्षण विधेयक का जोरदार स्वागत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की सराहना की और सभी राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील की।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन कोयंबटूर की महिलाओं द्वारा किया गया।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की गई।
  • 2029 तक विधेयक का लागू होना महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
  • राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
  • समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव आएगा।

कोयंबटूर, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक के प्रति तमिलनाडु की महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय महिला मतदाताओं ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की प्रशंसा की और सभी राजनीतिक दलों से इसके समर्थन की मांग की।

कोयंबटूर की निवासी थामराई पेन कल्पना ने कहा, "मैं महिला आरक्षण विधेयक का स्वागत करती हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लाने के लिए धन्यवाद। यह विधेयक संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है। मुझे विश्वास है कि तमिलनाडु की सत्ताधारी डीएमके सहित सभी राजनीतिक दल इस ऐतिहासिक विधेयक का समर्थन करेंगे।"

एक अन्य महिला सौम्या ने कहा, "हम महिला आरक्षण बिल को लागू करने के निर्धारित समय का स्वागत करते हैं। 2029 तक इसका लागू होना महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। समाज अब उस पुराने समय से आगे बढ़ चुका है, जब महिलाएं केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं और शिक्षा से वंचित थीं। अब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और राजनीति में उनकी भागीदारी आवश्यक है।"

कोयंबटूर की मरगथम ने महिला आरक्षण कानून को समाज की प्रगति से जोड़ा और कहा, "किसी भी समाज की प्रगति उसकी महिलाओं की स्थिति से जुड़ी होती है। आज महिलाएं शिक्षा, व्यवसाय, खेल और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन राजनीति में आने के लिए कई महिलाओं में अब भी डर और संकोच है। महिला आरक्षण विधेयक अब उनके लिए एक मजबूत सहारा बनेगा और उन्हें राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करेगा।"

एक अन्य महिला परमेश्वरी ने कहा, "हम महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री के प्रयासों का समर्थन करते हैं। महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी और उनके खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए राजनीतिक सशक्तिकरण अति आवश्यक है। महिलाओं के अधिकार अब केवल क्षेत्रीय दलों के नारों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इन्हें ऐतिहासिक विधेयकों के रूप में अपनाया जाना चाहिए, जो उन्हें सच में सत्ता के केंद्र में लाए।"

महिलाओं ने एकजुट होकर कहा कि महिला आरक्षण बिल न केवल राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाएगा, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण को भी सकारात्मक रूप से बदलने में मदद करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दल मिलकर इस विधेयक के शीघ्र लागू होने की दिशा में काम करेंगे।

Point of View

यह स्पष्ट है कि समाज में महिलाओं की स्थिति में सुधार लाने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है। प्रधानमंत्री मोदी की पहल ने इस चर्चा को एक नया मोड़ दिया है, और सभी दलों को इसे समर्थन देने की आवश्यकता है।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान करता है।
इस विधेयक का समर्थन कौन कर रहा है?
कोयंबटूर की महिलाएं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस विधेयक का समर्थन किया है।
महिला आरक्षण विधेयक कब लागू होगा?
इस विधेयक के अनुसार, इसे 2029 तक लागू किया जाएगा।
महिला आरक्षण विधेयक का समाज पर क्या प्रभाव होगा?
यह विधेयक राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाएगा और समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण को सकारात्मक रूप से बदलेगा।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
महिला आरक्षण विधेयक के तहत राजनीतिक सशक्तिकरण के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित की जाएगी।
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