राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पीएम ने ज्योतिबा फुले को दी श्रद्धांजलि
सारांश
Key Takeaways
- महात्मा ज्योतिराव फुले का योगदान सामाजिक सुधार में अद्वितीय रहा है।
- उन्होंने महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा दिया।
- उनका सत्यशोधक समाज ने समानता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।
- राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
नई दिल्ली, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अनेक सांसदों ने शनिवार को संसद परिसर में महात्मा ज्योतिराव उर्फ ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा के नेता जेपी नड्डा, केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल आदि ने भी इस महान समाज सुधारक को श्रद्धांजलि अर्पित की।
ज्योतिराव फुले 19वीं सदी के एक प्रमुख भारतीय समाज सुधारक थे, जिन्होंने महिलाओं और दबे-कुचले समुदायों की शिक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए। उन्होंने समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए सत्यशोधक समाज की स्थापना की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "महात्मा ज्योतिराव फुले ने अपने जीवन का अधिकांश हिस्सा वंचित समुदायों के उत्थान में समर्पित किया। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और सामाजिक सुधार तथा समावेशन की एक अमिट विरासत छोड़ी।"
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी सोशल मीडिया पर एक भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा, "महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर मैं उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उनके प्रयासों ने एक अधिक न्यायपूर्ण और समतावादी समाज की नींव रखी।"
राहुल गांधी ने भी लिखा, "महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती पर, मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उनके संघर्ष ने देश को समानता और न्याय का मार्ग दिखाया।"
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा, "महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें सादर नमन। उनके विचार सदैव मार्गदर्शक रहेंगे।"