महिला आरक्षण विधेयक पर पीएम मोदी के विचारों को कार्यान्वित करने का प्रयास: अपर्णा यादव
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं को सशक्त बनाने का एक कदम है।
- प्रधानमंत्री मोदी ने इस विधेयक को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
- महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने से लोकतंत्र में सुधार होगा।
- यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने महिलाओं की आवाज को मजबूत करने की बात की।
- महिला आरक्षण से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।
लखनऊ, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लेख को लेकर यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हम इस विधेयक को पारित करने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रयासरत हैं, जो महिलाओं को सशक्त बनाता है।
उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने महिलाओं के प्रति जो विचार व्यक्त किए थे, उन्हें वास्तविकता में बदलने का प्रयास किया। पीएम मोदी की कथनी और करनी में कोई विरोधाभास नहीं है। वे जो कहते हैं, उसे कार्यान्वित भी करते हैं। एक महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे देश में महिलाओं को पारंपरिक रूप से देवी की तरह पूजा और सम्मान दिया जाता है।
महिला आरक्षण विधेयक पर प्रधानमंत्री मोदी के लेख के संदर्भ में एक महिला ने कहा कि पीएम मोदी का प्रस्ताव सही है, क्योंकि विधानसभाओं और विधान परिषदों में महिलाओं की संख्या बढ़ने से उनकी शक्ति और भी मजबूती से उभर सकती है।
महिला आरक्षण बिल पर एडवोकेट अमनप्रीत कौर ने कहा कि यह एक उत्कृष्ट नीति है। हम मोदी सरकार के आभारी हैं, क्योंकि यह महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है। इससे हमारे समाज को फायदा होगा और एक स्पष्ट संदेश जाएगा कि महिलाओं को समान अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
पीएम मोदी के लेख को लेकर असम की एक महिला ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात से पूरी तरह सहमत हूं, क्योंकि पिछले दस वर्षों में पूर्वोत्तर भारत में महिलाओं की शक्ति में काफी वृद्धि हुई है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि महिलाओं के लिए विधायी संस्थाओं में आरक्षण अब की आवश्यकता है। इससे हमारा लोकतंत्र और भी जीवंत एवं सहभागी बनेगा। इस आरक्षण को लागू करने में किसी भी प्रकार की देरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगी।