लेबनान में बैंडेज और एंटीबायोटिक्स की कमी, डब्ल्यूएचओ की चिंता
सारांश
Key Takeaways
- डब्ल्यूएचओ ने लेबनान में ट्रॉमा मेडिकल किट की कमी की चेतावनी दी।
- इजरायली हमलों के कारण स्थिति गंभीर है।
- 254 लोगों की मौत और 1,165 लोग घायल हुए।
- मानसिक स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव संभव है।
बेरूत, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि लेबनान के कुछ अस्पतालों में जीवन रक्षक ट्रॉमा मेडिकल किट जल्द ही खत्म हो सकते हैं। इसका मुख्य कारण बुधवार को हुए गंभीर हमले बताए जा रहे हैं।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, इजरायली हमलों के चलते बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं, जिससे इन किट्स का स्टॉक तेजी से घट रहा है।
लेबनान में डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ. अब्दिनासिर अबूबकर ने रॉयटर्स से कहा, "ट्रॉमा प्रबंधन के लिए आवश्यक कुछ सामग्रियों की पहले से ही कमी थी, और यह संभव है कि कुछ ही दिनों में ये पूरी तरह समाप्त हो जाएं।"
उन्होंने यह भी बताया कि इन जीवन रक्षक ट्रॉमा किट में बैंडेज, एंटीबायोटिक्स और एनेस्थेटिक्स शामिल होते हैं, जिनका उपयोग युद्ध में घायल मरीजों के उपचार के लिए किया जाता है।
एक वीडियो क्लिप में अबूबकर ने कहा कि लोगों की स्थिति अत्यंत गंभीर है। नागरिकों और स्वास्थ्य कर्मियों की जान को खतरा है। शिविरों में कितने दिन रह पाएंगे, यह बड़ा सवाल है। मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।
ईरान द्वारा संघर्ष विराम की घोषणा के बावजूद, इजरायल ने लेबनान पर हमले जारी रखे। आईडीएफ ने दावा किया कि ये हमले हिज्बुल्लाह के खिलाफ हैं। बुधवार को हुए हमले में 254 लोगों की मौत हुई और 1,165 लोग घायल हुए। इसे एक बड़ी घटना मानते हुए राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।
लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के अनुसार, इस एयर स्ट्राइक में कम से कम 1,165 लोग घायल हुए हैं। इसके बाद राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।
गुरुवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश हिज्बुल्लाह पर हमले जारी रखेगा। जब तक उत्तरी इजरायल के लोगों की सुरक्षा पूरी नहीं हो जाती, तब तक हमले चलते रहेंगे।