गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने ईरान से मछुआरों की सफल वापसी पर खुशी जताई

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गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने ईरान से मछुआरों की सफल वापसी पर खुशी जताई

सारांश

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने ईरान में फंसे मछुआरों की सुरक्षित वापसी को गर्व का क्षण बताया। यह अभियान भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयासों का प्रतीक है।

Key Takeaways

  • ईरान से मछुआरों की सुरक्षित वापसी गर्व का क्षण है।
  • भारत सरकार ने कूटनीतिक प्रयास किए हैं।
  • गुजरात के 74 मछुआरे इस अभियान का हिस्सा हैं।
  • अहमदाबाद पहुंच चुके मछुआरे भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
  • यह अभियान पश्चिम एशिया में संकट के बीच चलाया गया।

गांधीनगर, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने ईरान में फंसे मछुआरों की सुरक्षित वापसी को “राहत, कृतज्ञता और गर्व का क्षण” बताया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, “अनिश्चित परिस्थितियों से सुरक्षित तट तक, ईरान के तट पर फंसे सैकड़ों भारतीय मछुआरे अब अपने घर लौट रहे हैं। अहमदाबाद पहुंच चुके ये मछुआरे उनकी मजबूती और दुनिया के किसी भी कोने में अपने नागरिकों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।”

हर्ष संघवी ने इस अभियान के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का आभार जताते हुए कहा, “यह वही भारत है जो अपने लोगों की परवाह करता है और उन्हें सुरक्षित घर लाता है।”

केंद्रीय मंत्री गोयल ने बताया कि ईरान से बचाए गए लोगों में गुजरात के 74 मछुआरे शामिल हैं, जिन्हें भारत लौटने के बाद आगे घर पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा, “वे घर जाने को लेकर काफी चिंतित थे, इसलिए हमने उनके लिए दो बसों की व्यवस्था की।”

यह वापसी ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारतीय अधिकारियों द्वारा बड़े स्तर पर निकासी अभियान चलाया जा रहा है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने शनिवार को जानकारी दी कि 312 भारतीय मछुआरों को आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित भारत लाया गया है, जिसमें आर्मेनिया सरकार ने सहयोग किया।

इससे पहले इसी महीने 345 मछुआरों को भी आर्मेनिया के जरिए भारत लाया गया था। सरकार के अनुसार, अब तक कम से कम 1,777 भारतीय नागरिकों—जिनमें छात्र और मछुआरे शामिल हैं—को ईरान, आर्मेनिया और अजरबैजान के समन्वय से सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।

अधिकारियों ने बताया कि निकाले गए कई लोगों को लंबे समय तक अनिश्चितता और कामकाज में बाधा जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्हें आर्मेनिया तक लंबी यात्रा कराकर वहां से हवाई मार्ग से भारत लाया गया।

यह अभियान पश्चिम एशिया में संकट के बीच फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के निरंतर कूटनीतिक प्रयासों को दर्शाता है, जिसके तहत अलग-अलग समूहों में लोगों को देश के विभिन्न हिस्सों में वापस लाया जा रहा है।

Point of View

NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

ईरान से कितने भारतीय मछुआरे वापस आए हैं?
अब तक 1,777 भारतीय नागरिकों को ईरान, आर्मेनिया और अजरबैजान के समन्वय से वापस लाया गया है।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री ने किस बात पर खुशी जताई?
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने ईरान में फंसे मछुआरों की सुरक्षित वापसी पर खुशी जताई है।
क्या इस निकासी अभियान में सरकार की भूमिका है?
जी हाँ, यह अभियान भारतीय सरकार के निरंतर कूटनीतिक प्रयासों का परिणाम है।
मछुआरों की वापसी के लिए कौन-कौन से मंत्री जिम्मेदार हैं?
प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ईरान में भारतीय मछुआरों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
उनको लंबे समय तक अनिश्चितता और कामकाज में बाधाओं जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
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