हरियाणा में खरीद प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और किसान-अनुकूल बनाने की पहल: नायब सिंह सैनी
सारांश
Key Takeaways
- पारदर्शिता और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए नई पहलें लागू की गई हैं।
- तीन-स्तरीय फसल सत्यापन प्रणाली अनिवार्य हो गई है।
- किसानों को तेज और सुविधाजनक सेवाएं मिलेंगी।
- हरियाणा सरकार किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है।
- नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
चंडीगढ़, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को यह जानकारी दी कि सरकार ने खरीद प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और किसान-अनुकूल बनाने के लिए कई नई पहलें शुरू की हैं। इन पहलों से पारदर्शिता में वृद्धि होगी, अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगेगी और किसानों को तेज और अधिक सुविधाजनक सेवाएं प्राप्त होंगी।
सीएम सैनी ने कुरुक्षेत्र के बाबैन अनाज बाजार में गेहूं खरीद प्रक्रिया की समीक्षा की। इसके बाद, उन्होंने किसानों के साथ गेहूं बाजार में फसल लाने, बिक्री करने और भुगतान प्राप्त करने जैसे विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। किसानों ने सरकार की सराहना की और कहा कि उन्हें कोई कठिनाई नहीं आई।
मुख्यमंत्री ने हमीदपुर के किसान धर्मचंद को शॉल भेंटकर सम्मानित किया, जिन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपना गेहूं बेचा। इससे पहले, अनाज बाजार पहुंचने पर मुख्यमंत्री और हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष, सुमन सैनी का भव्य स्वागत हुआ।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने तीन-स्तरीय फसल सत्यापन प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि खरीद केंद्रों पर लाई गई फसलें, किसानों द्वारा पंजीकृत फसलों से मेल खाती हों। इससे फसल सत्यापन प्रक्रिया अधिक सटीक और विश्वसनीय हो रही है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और सुचारू व्यवस्था के साथ खरीद कार्यों का सफलतापूर्वक संचालन कर रही है। राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और उनकी फसलों के एक-एक दाने की खरीद सुनिश्चित करेगी।
सीएम सैनी ने बताया कि सरकार ने खरीद प्रणाली में व्यापक सुधार किए हैं और प्रत्येक बाजार में नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को जिला बाजारों की नियमित निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, और उपायुक्तों को जिला-स्तरीय खरीद प्रणाली का प्रभारी बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि मंत्री और विधायक भी व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए नियमित रूप से बाजारों का दौरा कर रहे हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।