पीवी सिंधु जापान ओपन 2026 फाइनल में: कोच के निर्देश और धैर्य बने जीत की नींव
सारांश
मुख्य बातें
पीवी सिंधु ने शनिवार, 19 जुलाई 2026 को टोक्यो मेट्रोपॉलिटन जिमनैजियम में जापान ओपन 2026 के महिला एकल सेमीफाइनल में चीन की चेन युफेई को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। यह सिंधु का पहला BWF सुपर 750 फाइनल है और दिसंबर 2024 के बाद उनका पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताबी मुकाबला।
मैच का घटनाक्रम
सिंधु पहले गेम में 21-19 से आगे चल रही थीं और दूसरे गेम में 15-10 की बढ़त बना चुकी थीं, तभी पूर्व ओलंपिक चैंपियन चेन युफेई हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण मैच से हट गईं। पहले गेम में सिंधु को दुनिया की नंबर 4 खिलाड़ी के कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन लंबी रैलियों में अपना संयम बनाए रखते हुए उन्होंने सेट अपने नाम किया।
दूसरे गेम में भी मुकाबला करीबी रहा। सिंधु ने बताया कि 11 अंकों के बाद उन्होंने 3-4 अंकों की बढ़त बना ली थी, लेकिन युफेई लगातार वापसी की कोशिश कर रही थीं। अंततः युफेई को रिटायर होना पड़ा।
कोच की भूमिका और मानसिक तैयारी
मैच के बाद सिंधु ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूँ कि मैं फाइनल में पहुँच गई हूँ। मेरे लिए, पहले गेम से ही हर मैच बहुत मायने रखता था और आज का मैच खासकर, शुरू से ही फोकस करने के लिए बहुत ज़रूरी था, क्योंकि जब आप टॉप रैंक वाले खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं, तो हर अंक मायने रखता है।'
उन्होंने अपने कोच के मार्गदर्शन को विशेष महत्व दिया। सिंधु ने कहा, 'मेरे कोच कह रहे थे कि बस अगले पॉइंट पर फोकस करो। कभी-कभी जब आप आगे चल रहे होते हैं और अंक गंवा देते हैं, तो आप अचानक निराश हो जाते हैं — मेरे कोच के इस निर्देश से सच में मदद मिली।'
आम जनता और खेल जगत पर असर
यह जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए महत्वपूर्ण है। दिसंबर 2024 के बाद किसी BWF वर्ल्ड टूर फाइनल में पहुँचना सिंधु की फॉर्म में वापसी का संकेत है। गौरतलब है कि सिंधु दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियन हैं, और इस तरह के सुपर 750 स्तर के फाइनल में उनकी उपस्थिति भारतीय महिला बैडमिंटन को वैश्विक मंच पर मज़बूती देती है।
फाइनल में क्या होगा आगे
सिंधु का रविवार को फाइनल में सामना जापान की अकाने यामागुची से होगा। वर्ल्ड नंबर 3 यामागुची तीन बार की विश्व चैंपियन रही हैं और घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का उन्हें स्पष्ट लाभ मिलेगा। सिंधु के लिए यह मुकाबला उनके करियर की बड़ी परीक्षाओं में से एक होगा।