ईयू-भारत एफटीए से 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करेंगे भारत-फिनलैंड, हेलसिंकी में गोयल-पुर्रा की अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और फिनलैंड की उप प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री रिक्का पुर्रा ने हेलसिंकी में मुलाकात कर प्रस्तावित ईयू-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के माध्यम से 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने की संभावनाओं पर सहमति जताई। रिपोर्टों के अनुसार, इस बैठक में डिजिटलाइजेशन, सस्टेनेबिलिटी, स्पेस और डिफेंस सहित कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में क्या हुई चर्चा
बैठक के बाद रिक्का पुर्रा ने कहा, 'डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी तथा ईयू और भारत के बीच होने वाला फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हमें वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने में सक्षम बनाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस में फिनलैंड की विशेषज्ञता भारत की विकास यात्रा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) के अनुरूप है।
पुर्रा ने आगे कहा, 'मुझे उम्मीद है कि विश्वसनीय साझेदार के रूप में हम स्पेस, डिफेंस और अन्य महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में अपने सहयोग को और गहरा करेंगे।'
गोयल ने किन क्षेत्रों पर दिया जोर
पीयूष गोयल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'हमने आर्थिक और वित्तीय सहयोग को मजबूत करने, व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने तथा डिजिटलाइजेशन और उभरते क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार करने पर चर्चा की।' फिनलैंड के आर्थिक मामलों के मंत्री साकारी पुइस्तो के साथ अलग बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), 6जी, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, स्पेस और सस्टेनेबिलिटी जैसे अग्रणी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
फिनलैंड की कंपनियों से निवेश का आग्रह
गोयल ने शुक्रवार को हेलसिंकी में फिनलैंड की प्रमुख टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई उच्चस्तरीय बैठकें कीं। उन्होंने कंपनियों से भारत में मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) क्षमताओं का विस्तार करने तथा भारत से निर्यात बढ़ाने के लिए निवेश बढ़ाने का आग्रह किया।
फिनलैंड के आर्थिक मामलों के मंत्री साकारी पुइस्तो ने कहा कि भारतीय मंत्री की फिनलैंड यात्रा यह दर्शाती है कि भारत की विकास योजनाओं और ईयू-भारत एफटीए के क्रियान्वयन से जुड़े कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को लेकर दोनों देशों की गहरी रुचि है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय बाजार का विशाल आकार फिनलैंड की कंपनियों के लिए पारंपरिक और नए दोनों क्षेत्रों में अपार संभावनाएं उपलब्ध कराता है।
ईयू-भारत एफटीए की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि ईयू-भारत एफटीए पर वार्ता वर्षों से चल रही है और हाल के महीनों में इसमें नई गति आई है। यह समझौता होने पर भारत को यूरोपीय संघ के विशाल बाजार तक बेहतर पहुँच मिलेगी, जबकि यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत में प्रवेश की शर्तें सरल होंगी। फिनलैंड जैसे तकनीक-केंद्रित देश इस साझेदारी से विशेष रूप से लाभान्वित होने की स्थिति में हैं।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी भूमिका को विस्तार देने की कोशिश कर रहा है और फिनलैंड सहित नॉर्डिक देश भारत को एक प्राथमिकता वाले साझेदार के रूप में देख रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच हुई इस उच्चस्तरीय वार्ता से ईयू-भारत एफटीए वार्ता को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।