बांकीपुर उपचुनाव: एनडीए के संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलन में उमड़ा जोश, प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा की जीत का दावा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर आगामी उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुँच गई है। 18 जुलाई को पटना के कदमकुआं स्थित हिंदी साहित्य सम्मेलन भवन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के समर्थन में संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें गठबंधन के सभी घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता एक मंच पर एकत्रित हुए। नेताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए बांकीपुर में एनडीए की निर्णायक जीत का दावा किया।
सम्मेलन में किसने लिया भाग
इस संयुक्त सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), राष्ट्रीय लोक मोर्चा और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) — एनडीए के सभी पाँच घटक दलों के प्रदेश अध्यक्षों ने भाग लिया। इनके अलावा सांसद रविशंकर प्रसाद, एनडीए के कई विधायक, जिला अध्यक्ष और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने सम्मेलन को व्यापक जनसमर्थन का प्रतीक बनाया।
नेताओं ने क्या कहा
BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि निष्ठावान कार्यकर्ता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं के जोश और समर्पण को बांकीपुर की जनता के एनडीए पर विश्वास का संकेत बताया और बूथ स्तर तक पहुँचकर प्रत्येक मतदाता से संपर्क करने का आह्वान किया। सरावगी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार ने विकास की नई दिशा दी है।
जद(यू) प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि कार्यकर्ताओं का उत्साह उपचुनाव के परिणाम का स्पष्ट संकेत दे रहा है। लोजपा (रामविलास) प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को एनडीए के प्रति जनविश्वास की मजबूती का कारण बताया। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार ने एनडीए को विकास, सुशासन और जनसेवा के संकल्प का गठबंधन करार दिया।
हम के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार ने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर सरकार की उपलब्धियाँ जनता तक पहुँचाने का आग्रह किया और दावा किया कि बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करेगा।
बांकीपुर सीट का महत्व
बांकीपुर विधानसभा सीट पटना के हृदय में स्थित है और इसे राज्य की राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील सीटों में गिना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनावों से पहले गठबंधनों की एकजुटता की परीक्षा उपचुनावों में हो रही है। गौरतलब है कि एनडीए ने इस सीट पर पाँचों घटक दलों को एक मंच पर लाकर विपक्ष को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है।
आगे क्या होगा
उपचुनाव की तारीखों की अधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन एनडीए ने बूथ स्तर तक संपर्क अभियान शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के समर्थन में यह सम्मेलन गठबंधन के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।