फीफा वर्ल्ड कप फाइनल: अर्जेंटीना बनाम स्पेन, मेसी के 8 गोल और इतिहास रचने की दौड़
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला रविवार देर रात (भारतीय समयानुसार) अर्जेंटीना और स्पेन के बीच खेला जाएगा। 39 वर्षीय कप्तान लियोनेल मेसी टूर्नामेंट में 8 गोल के साथ शीर्ष स्कोरर हैं, जबकि स्पेन के युवा सितारे लामिन यमाल और पाउ कुबार्सी चुनौती पेश करने को तैयार हैं। भारत में भी फुटबॉल प्रेमियों के बीच इस खिताबी भिड़ंत को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
मुकाबले का पूरा संदर्भ
अर्जेंटीना इस टूर्नामेंट की सबसे आक्रामक टीम रही है — 7 मैचों में 19 गोल दागकर वह खिताब की प्रबल दावेदार बनी है। 2022 फीफा वर्ल्ड कप की विजेता अर्जेंटीना अब अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी। गौरतलब है कि फीफा इतिहास में अब तक केवल इटली और ब्राजील ही लगातार दो बार खिताब जीतने में सफल रहे हैं — अर्जेंटीना इस दुर्लभ क्लब में शामिल होने का प्रयास करेगी।
भारतीय फुटबॉल जगत की राय
मुंबई डायनामोज एफसी की खिलाड़ी नियति गाडा ने कहा, 'मुझे लगता है कि ये मुकाबला बेहद रोमांचक होगा। इस मुकाबले में आक्रामक खेल देखने को मिलेगा। मैं स्पेन का समर्थन कर रही हूं, क्योंकि उनके पास काफी टैलेंट है। इस टीम में लामिन यमाल और पाउ कुबार्सी जैसे युवा खिलाड़ी हैं। मुझे लगता है कि स्पेन इस खिताब को अपने नाम करेगा। हालांकि, अर्जेंटीना भी एक मजबूत टीम है।'
स्टॉर्म चेजर्स फुटबॉल क्लब के को-फाउंडर और हेड कोच अल्फ्रेड बिसंगे ने कहा, 'यह युवाओं के खिलाफ अनुभवी खिलाड़ियों का मुकाबला होगा। स्पेन की टीम में युवा हैं, जबकि अर्जेंटीना के पास मेसी जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। स्पेन यूरो चैंपियन है, जबकि अर्जेंटीना ने पिछला फीफा वर्ल्ड कप अपने नाम किया है।'
नासिक की फुटबॉल एकेडमी के कोच श्रीकांत वाकचौरे ने कहा, 'अर्जेंटीना ने 1978, 1986 और 2022 में वर्ल्ड कप जीता है, जबकि स्पेन ने 2010 में खिताब अपने नाम किया था। अर्जेंटीना के पास स्टार प्लेयर मेसी हैं, जिन्होंने इस वर्ल्ड कप में अब तक 8 गोल दागे हैं। अर्जेंटीना ही इस खिताब को अपने नाम करेगी।'
मेसी बनाम यमाल — पीढ़ियों की टक्कर
फुटबॉल प्रेमी लक्ष्य ने कहा, 'ये एक रोमांचक मुकाबला होगा, जिसमें लामिन यमाल और मेसी के बीच भिड़ंत देखने को मिलेगी। मेसी यह वर्ल्ड कप जीतेंगे, क्योंकि वह 'गोट' हैं। यह मेसी का आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है। अगर लामिन यह खिताब जीतते हैं, तो यह चमत्कार होगा, क्योंकि वह महज 19 साल के हैं।' यह मुकाबला दरअसल दो पीढ़ियों की फुटबॉल सोच का टकराव भी है — स्पेन की युवा ऊर्जा और अर्जेंटीना का अनुभवी आत्मविश्वास।
इतिहास और आँकड़े
अर्जेंटीना के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका है। यदि वह जीतती है, तो वह इटली (1934, 1938) और ब्राजील (1958, 1962) के साथ लगातार दो खिताब जीतने वाली तीसरी टीम बन जाएगी। स्पेन के लिए यह 2010 के बाद दूसरा खिताब होगा। अर्जेंटीना और इतिहास के बीच अब सिर्फ स्पेन खड़ा है।