18 जुलाई 2026
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योगी का पलटवार: 2007-2017 की सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद कीं, यूपी उद्योग तबाही के कगार पर था

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योगी का पलटवार: 2007-2017 की सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद कीं, यूपी उद्योग तबाही के कगार पर था

सारांश

योगी आदित्यनाथ ने अमरोहा में दो-तरफा दांव खेला — पिछली सरकारों को चीनी उद्योग की बर्बादी का ज़िम्मेदार ठहराया और ₹3.23 लाख करोड़ के गन्ना भुगतान व 122 चालू मिलों के आँकड़े पेश किए। साथ ही ₹207 करोड़ की 43 परियोजनाओं से अमरोहा को विकास का नया चेहरा देने का वादा किया।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 18 जुलाई 2025 को अमरोहा में कहा कि 2007-2017 की सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद कीं और 21 औने-पौने दाम पर बेचीं।
वर्तमान BJP सरकार 122 चीनी मिलों का संचालन कर रही है; किसानों को ₹3.23 लाख करोड़ गन्ना भुगतान हो चुका है।
गन्ने का मूल्य बढ़कर ₹400 प्रति कुंतल हुआ; यूपी चीनी, गन्ना व एथेनॉल उत्पादन में देश का नंबर-एक राज्य।
अमरोहा व धनौरा विधानसभा क्षेत्र के लिए ₹207 करोड़ से अधिक की 43 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास।
ODOP योजना से अमरोहा के तबला-ढोलक को वैश्विक पहचान; हसनपुर में औद्योगिक पार्क निर्माणाधीन।
मुख्यमंत्री ने पूर्व क्रिकेटर व मंत्री चेतन चौहान को श्रद्धांजलि दी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 जुलाई 2025 को अमरोहा में आयोजित जनसभा में पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि 2007 से 2017 के बीच की सरकारें आज भी सत्ता में होतीं, तो उत्तर प्रदेश का चीनी उद्योग पूरी तरह बंद हो चुका होता। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में 29 चीनी मिलें बंद की गईं और 21 चीनी मिलें औने-पौने दाम पर बेच दी गईं। वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, गजरौला में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अमरोहाधनौरा विधानसभा क्षेत्र के लिए ₹207 करोड़ से अधिक लागत की 43 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।

चीनी उद्योग की वर्तमान स्थिति

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (BJP) की डबल इंजन सरकार अब 122 चीनी मिलों का संचालन कर रही है। उन्होंने बताया कि किसानों को अब तक ₹3.23 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है और गन्ने का मूल्य बढ़कर ₹400 प्रति कुंतल हो गया है। योगी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब चीनी, गन्ना और एथेनॉल उत्पादन में देश का नंबर-एक राज्य बन चुका है।

अमरोहा के विकास का खाका

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरोहा को अब कोई पिछड़ा नहीं कह सकता। एक ज़िला एक उत्पाद (ODOP) योजना के ज़रिए अमरोहा के तबला और ढोलक को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि मध्य गंगा नहर परियोजना पूरी होने के करीब है और गंगा एक्सप्रेसवे ने दिल्ली, लखनऊ व प्रयागराज की दूरी को कम कर दिया है। हसनपुर में बन रहा औद्योगिक पार्क भी जनपद को नई ऊँचाई देगा।

सुरक्षा, सुशासन और माफिया पर प्रहार

योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में हर जनपद में दंगे होते थे और लोग असुरक्षित थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने माफिया को 'मिट्टी में मिलाने' का काम किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पहले रामपुरसैफई का सिंडिकेट सरकारी नौकरियों में अपनी पकड़ रखता था, लेकिन अब हर भर्ती में अमरोहा-धनौरा के युवाओं को भी नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं।

आस्था और धार्मिक आयोजनों पर बयान

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले की सरकारें कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, रामनवमी की शोभायात्रा और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक लगाती थीं। उन्होंने कहा कि अब किसी भी त्योहार पर कोई रोक नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने तिगरीगढ़ मेले को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में माघ व कुंभ मेले जैसा भव्य बनाने के लिए सिंचाई विभाग को गंगा चैनलाइज़ेशन के निर्देश देने की बात कही।

प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और पूर्व नेताओं का स्मरण

योगी ने कहा कि कांग्रेस के एक पूर्व प्रधानमंत्री ने स्वयं माना था कि सरकारी धन का केवल 85 पैसे प्रति रुपया ही जनता तक पहुँचता था। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति, किसान सम्मान निधि और आवास योजनाओं का पैसा अब सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जाता है। कार्यक्रम में उन्होंने पूर्व क्रिकेटर व पूर्व मंत्री चेतन चौहान को भी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि एनडीए सरकार चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास की गति तब और बढ़ सकती थी यदि जनपद के सभी विधानसभा क्षेत्रों में BJP के विधायक होते।

संपादकीय दृष्टिकोण

21 बेचीं' का आँकड़ा राजनीतिक रूप से धारदार है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पड़ताल ज़रूरी है — क्योंकि उस दौर में कुछ मिलें घाटे के कारण बंद हुई थीं, न केवल नीतिगत उपेक्षा से। ₹3.23 लाख करोड़ के गन्ना भुगतान का दावा प्रभावशाली है, पर यह भी देखना होगा कि इसमें से कितना समय पर मिला और कितना बकाया रहा। यूपी का एथेनॉल उत्पादन में अग्रणी होना वास्तविक नीतिगत सफलता है, लेकिन छोटे किसानों तक इसका लाभ पहुँचने की सत्यापन-योग्य रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं है। चुनावी ज़िले में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और विपक्षी विधायकों पर सीधा निशाना — यह भाषण विकास-रिपोर्ट कम, चुनावी तैयारी अधिक लगती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर चीनी उद्योग को लेकर क्या आरोप लगाए?
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2007 से 2017 के बीच की सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद कीं और 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया। उनके अनुसार, यदि वे सरकारें आज भी होतीं तो यूपी का पूरा चीनी उद्योग ठप हो चुका होता।
अभी उत्तर प्रदेश में कितनी चीनी मिलें चालू हैं और किसानों को कितना भुगतान हुआ?
मुख्यमंत्री के अनुसार वर्तमान BJP सरकार 122 चीनी मिलों का संचालन कर रही है। किसानों को अब तक ₹3.23 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है और गन्ने का मूल्य ₹400 प्रति कुंतल तक पहुँच गया है।
अमरोहा में योगी ने किन परियोजनाओं का उद्घाटन किया?
सीएम योगी ने वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, गजरौला में अमरोहा व धनौरा विधानसभा क्षेत्र के लिए ₹207 करोड़ से अधिक लागत की 43 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई और औद्योगिक विकास से जुड़ी योजनाएँ शामिल हैं।
ODOP योजना से अमरोहा को क्या फायदा हुआ है?
एक ज़िला एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत अमरोहा के तबला और ढोलक को राष्ट्रीय व वैश्विक पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहाँ के किसान आम की उपज को भी वैश्विक बाज़ार तक पहुँचा रहे हैं।
योगी ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी योजनाओं का पैसा बिचौलियों के ज़रिए जाता था और एक पूर्व प्रधानमंत्री ने खुद माना था कि 100 में से केवल 85 पैसे ही जनता तक पहुँचते थे। अब डबल इंजन सरकार में छात्रवृत्ति, किसान सम्मान निधि और आवास योजना की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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