ई20 एथेनॉल ब्लेंडिंग से किसानों को ₹1.66 लाख करोड़, ₹1.98 लाख करोड़ विदेशी मुद्रा बची: अमित मालवीय
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने 18 जुलाई 2026 को केंद्र सरकार के एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (ई20) को देश की सर्वाधिक महत्वपूर्ण सार्वजनिक नीतिगत उपलब्धियों में से एक करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इस पहल ने किसानों की आय, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण — तीनों मोर्चों पर एक साथ सकारात्मक परिणाम दिए हैं।
मुख्य दावे और आंकड़े
सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए मालवीय ने कहा कि एथेनॉल सप्लाई वर्ष (ESY) 2014-15 से अब तक इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को लगभग ₹1.66 लाख करोड़ की आय प्राप्त हुई है। इसके साथ ही कच्चे तेल के आयात में कमी से देश ने ₹1.98 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचाई है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इस पहल के कारण 317 लाख मीट्रिक टन आयातित कच्चे तेल का विकल्प तैयार हुआ है और 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सहकारी मिलों पर असर
मालवीय के अनुसार, एथेनॉल अर्थव्यवस्था ने चीनी मिलों के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध कराया है, जिससे उनकी नकदी स्थिति सुदृढ़ हुई है और गन्ना किसानों को भुगतान की गति तेज हुई है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में गन्ना सत्र 2024-25 के 99.5 प्रतिशत बकाये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है, जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है।
उन्होंने यह भी कहा कि एथेनॉल उत्पादन ने मक्का उत्पादक किसानों के लिए एक नया बाज़ार तैयार किया है, जिससे उनकी उपज की माँग और मूल्य दोनों में सुधार हुआ है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि एथेनॉल उत्पादन के लिए केवल भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अतिरिक्त चावल का उपयोग किया जा रहा है और खाद्य सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है।
वाहनों पर प्रभाव को लेकर चिंताएँ खारिज
ई20 ईंधन के वाहनों पर प्रतिकूल प्रभाव को लेकर उठ रही आशंकाओं को मालवीय ने सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि भारत में पिछले दो दशकों से एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग हो रहा है और अब तक वाहनों की सर्विसिंग के दौरान ई20 ईंधन के कारण इंजन में असामान्य घिसावट या जंग लगने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।
नीति का व्यापक महत्व
मालवीय ने ज़ोर देकर कहा कि इस पैमाने की किसी भी सार्वजनिक नीति का मूल्यांकन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों और वास्तविक परिणामों के आधार पर होना चाहिए। उनके अनुसार, एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम ने देश के ईंधन तंत्र को किसानों से जोड़ने, आयातित तेल पर निर्भरता घटाने, सहकारी चीनी मिलों की वित्तीय स्थिति सुधारने और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में योगदान देने का काम एक साथ किया है। यह कार्यक्रम आने वाले वर्षों में भारत की ऊर्जा नीति की आधारशिला बनने की दिशा में अग्रसर है।