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ई85 फ्यूल लॉन्च के बाद एथेनॉल विस्तार पर चर्चा, हरदीप पुरी बोले — 2024 में ही हासिल हुआ 20% मिश्रण लक्ष्य

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ई85 फ्यूल लॉन्च के बाद एथेनॉल विस्तार पर चर्चा, हरदीप पुरी बोले — 2024 में ही हासिल हुआ 20% मिश्रण लक्ष्य

सारांश

भारत ने 2030 का 20% एथेनॉल मिश्रण लक्ष्य 2024 में ही पार कर लिया — और अब सरकार ई85 लॉन्च के बाद अगले कदम पर विचार कर रही है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने SIAM सहित ऑटो उद्योग के साथ व्यापक विस्तार योजना पर चर्चा की पुष्टि की।

मुख्य बातें

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 10 जून को बताया कि ई85 फ्यूल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए लॉन्च किया जा चुका है।
पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण 2014 के 1.5% से बढ़कर 2024 में 20% हो गया — लक्ष्य समय से 6 साल पहले हासिल।
सरकार SIAM और अन्य ऑटोमोबाइल संगठनों के साथ एथेनॉल ईंधन के और विस्तार पर चर्चा कर रही है।
'समुद्र मंथन' पहल के तहत घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए ₹90,000 करोड़ आवंटित।
उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर 9 से घटाकर 4 किए गए — दुरुपयोग रोकने के लिए।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार, 10 जून को नई दिल्ली में बताया कि केंद्र सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए ई85 ईंधन सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है और अब ऑटोमोबाइल उद्योग के साथ मिलकर एथेनॉल आधारित ईंधन के और विस्तार पर गंभीर विचार-विमर्श चल रहा है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि भारत ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित समय 2030 से छह साल पहले ही 2024 में हासिल कर लिया है।

एथेनॉल मिश्रण में भारत की उल्लेखनीय प्रगति

पुरी ने बताया कि 2014 में पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा मात्र 1.5 प्रतिशत थी, जो नवंबर 2022 तक बढ़कर 10 प्रतिशत हो गई। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य इसे 2030 तक 20 प्रतिशत तक ले जाना था, लेकिन हमने इसे समय से पहले 2024 में हासिल कर लिया।" यह प्रगति भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

ई85 फ्यूल और उद्योग के साथ चर्चा

मंत्री ने स्पष्ट किया कि ई85 ईंधन केवल ई85-कम्पैटिबल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए ही उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया, "फिलहाल, हम इंडस्ट्री के साथ बड़े पैमाने पर बातचीत कर रहे हैं, जिसमें हमारी ऑटोमोबाइल एसोसिएशन, सियाम और दूसरे संगठन शामिल हैं।" सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) जैसे प्रमुख उद्योग निकायों के साथ यह परामर्श प्रक्रिया एथेनॉल-आधारित ईंधन के व्यापक रोलआउट से पहले की तैयारी का हिस्सा है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की व्यापक रणनीति

पुरी ने भारत की समग्र ऊर्जा नीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश घरेलू स्तर पर खोज और उत्पादन बढ़ाकर, बायोफ्यूल की अधिक ब्लेंडिंग करके और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विस्तार करके ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 'समुद्र मंथन' पहल के तहत नए कुएं खोदने और घरेलू ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹90,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

ईंधन कीमतें और एक्साइज ड्यूटी

हाल ही में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी पर उठी चिंताओं के जवाब में पुरी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कई बार एक्साइज ड्यूटी घटाए जाने के कारण दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें चार साल पहले की तुलना में कम हैं। सरकार ने नवंबर 2021, मई 2022 और हाल ही में भी पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम की थी। इसके अलावा, भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित कई राज्यों ने भी ईंधन पर वैट में कटौती की है।

उज्ज्वला योजना में सब्सिडी सिलेंडरों की संख्या घटाने का फैसला

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या नौ से घटाकर चार किए जाने के निर्णय पर पुरी ने कहा कि यह कदम सब्सिडी वाले सिलेंडरों के दुरुपयोग की रिपोर्टों के आधार पर उठाया गया। उनके अनुसार, कुछ लाभार्थी इन सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों के लिए कर रहे थे या उन्हें दोबारा बेच रहे थे, जबकि उन्हें पूरे कोटे की आवश्यकता नहीं थी। आगे चलकर एथेनॉल नीति की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का बाज़ार कितनी तेज़ी से विकसित होता है और उद्योग के साथ चल रही बातचीत किस निष्कर्ष पर पहुँचती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — जब ई85 जैसे उच्च-मिश्रण ईंधन को बाज़ार में टिकाऊ बनाना होगा। फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की भारतीय सड़कों पर संख्या अभी बेहद सीमित है, और जब तक यह आधार नहीं बढ़ता, ई85 आउटलेट्स की उपयोगिता भी सीमित रहेगी। SIAM के साथ चल रही चर्चा सही दिशा में है, पर उद्योग को वाहन निर्माण में निवेश के लिए स्पष्ट नीतिगत रोडमैप और मांग-आश्वासन चाहिए — जो अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई85 फ्यूल क्या है और यह किन वाहनों के लिए है?
ई85 एक उच्च-एथेनॉल मिश्रण ईंधन है जिसमें लगभग 85% एथेनॉल और 15% पेट्रोल होता है। यह केवल ई85-कम्पैटिबल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में ही उपयोग किया जा सकता है, सामान्य पेट्रोल वाहनों में नहीं।
भारत ने 20% एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य कब हासिल किया?
भारत ने पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य 2024 में हासिल कर लिया, जो मूल रूप से 2030 तक के लिए निर्धारित था। 2014 में यह मिश्रण केवल 1.5% था।
समुद्र मंथन पहल क्या है?
समुद्र मंथन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित एक ऊर्जा पहल है, जिसके तहत नए कुएं खोदने और घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए ₹90,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
उज्ज्वला योजना में सब्सिडी सिलेंडरों की संख्या क्यों घटाई गई?
सरकार के अनुसार, कुछ लाभार्थी सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों के लिए कर रहे थे या उन्हें दोबारा बेच रहे थे। इसी दुरुपयोग को रोकने के लिए सिलेंडरों की संख्या नौ से घटाकर चार की गई।
दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें चार साल पहले से कम कैसे हैं?
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के अनुसार, केंद्र सरकार ने नवंबर 2021, मई 2022 और हाल ही में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है। BJP शासित कई राज्यों ने भी वैट घटाया है, जिससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें चार साल पहले की तुलना में कम हैं।
राष्ट्र प्रेस
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