13 जुलाई 2026
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ई20 पेट्रोल विवाद पर हरदीप सिंह पुरी का पलटवार — 'वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित, ई85 लॉन्च के बाद शुरू हुई दुष्प्रचार मुहिम'

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ई20 पेट्रोल विवाद पर हरदीप सिंह पुरी का पलटवार — 'वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित, ई85 लॉन्च के बाद शुरू हुई दुष्प्रचार मुहिम'

सारांश

ई85 फ्लेक्स-फ्यूल लॉन्च के बाद एथेनॉल विरोधी अभियान तेज हुआ तो केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पलटवार किया। उनका तर्क — 20 करोड़ दोपहिया वाहन बिना किसी बड़ी समस्या के ई20 पर चल रहे हैं, और यह विरोध राजनीति से प्रेरित है, विज्ञान से नहीं।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 9 जुलाई 2026 को ई20 पेट्रोल को 'वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत' बताया।
भारत में अप्रैल 2023 से ई15, अप्रैल 2024 से ई19 और अप्रैल 2025 से ई20 ईंधन उपयोग में है।
पुरी के अनुसार 20 करोड़ से अधिक दोपहिया और 20 लाख से ज़्यादा चारपहिया वाहन ई20 पर सफलतापूर्वक चल रहे हैं।
5 जून को ई85 फ्लेक्स-फ्यूल लॉन्च के बाद एथेनॉल विरोधी अभियान तेज होने का आरोप लगाया।
भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का 85% से अधिक आयात करता है — एथेनॉल कार्यक्रम इस निर्भरता घटाने की कोशिश है।
पुरी ने कहा कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम की शुरुआत कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थी, इसलिए विरोध 'राजनीतिक प्रतीत होता है'।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 9 जुलाई 2026 को एथेनॉल मिश्रित ईंधन ई20 के विरुद्ध उठ रही आलोचनाओं को सिरे से नकारते हुए कहा कि यह ईंधन पूरी तरह वैज्ञानिक परीक्षण से गुज़रा हुआ, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत और सुरक्षित विकल्प है। उन्होंने आरोप लगाया कि 5 जून को फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए ई85 ईंधन लॉन्च होने के तुरंत बाद एथेनॉल मिश्रण के खिलाफ भ्रामक सूचनाएँ फैलाने का अभियान शुरू हो गया।

मंत्री का बयान और समयरेखा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई पोस्ट में पुरी ने स्पष्ट किया कि भारत में अप्रैल 2023 से ई15, अप्रैल 2024 से ई19 और अप्रैल 2025 से ई20 ईंधन का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कहा, 'इतने बड़े पैमाने पर उपयोग के बावजूद कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई है।' उनके अनुसार आलोचनाओं का समय और ई85 लॉन्च के बीच का संयोग 'नज़रअंदाज़ करना मुश्किल' है।

वाहनों पर असर — आँकड़े क्या कहते हैं

पुरी ने दावा किया कि देश में 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन और 20 लाख से ज़्यादा चारपहिया वाहन कई वर्षों से ई20 ईंधन पर सफलतापूर्वक चल रहे हैं। उन्होंने कहा, 'अचानक एथेनॉल मिश्रण के खिलाफ अभियान तेज हो गया है, जबकि ज़मीनी अनुभव इसके उलट है।' यह आँकड़े मंत्री के अपने बयान पर आधारित हैं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं।

ऊर्जा सुरक्षा और किसानों का सवाल

मंत्री ने ई20 कार्यक्रम को भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का 85 प्रतिशत से अधिक आयात करता है और वैश्विक तेल माँग में वृद्धि का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा भारत से आता है। उन्होंने तर्क दिया कि पेट्रोल में मिलाया जाने वाला प्रत्येक लीटर एथेनॉल — कच्चे तेल का आयात घटाता है, वायु प्रदूषण कम करता है, विदेशी मुद्रा बचाता है और किसानों को आय का अतिरिक्त स्रोत देता है। पुरी ने कहा कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम ने देश के 'अन्नदाता' किसानों को 'ऊर्जादाता' बनाने का काम किया है।

राजनीतिक आरोप और कांग्रेस का संदर्भ

पुरी ने यह भी रेखांकित किया कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम की नींव पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में रखी गई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे में अब इसके विस्तार का विरोध 'राजनीतिक कारणों से प्रेरित प्रतीत होता है।' आलोचकों ने इस आरोप पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

आगे की राह

ई85 के लॉन्च के साथ फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को बढ़ावा देना सरकार की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य भू-राजनीतिक उथल-पुथल और वैश्विक तेल कीमतों के उतार-चढ़ाव से भारत को अधिक सुरक्षित बनाना है। ई20 विवाद का अंतिम फैसला तकनीकी साक्ष्य और उपभोक्ता अनुभव के आधार पर ही होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर पारदर्शी तकनीकी साक्ष्य साझा करना ही जनता का भरोसा जीतने का सबसे प्रभावी तरीका होगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई20 पेट्रोल क्या है और यह सामान्य पेट्रोल से कैसे अलग है?
ई20 पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। भारत में इसे अप्रैल 2025 से चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है और केंद्र सरकार इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित एवं वाहनों के लिए सुरक्षित बताती है।
हरदीप सिंह पुरी ने ई20 के खिलाफ अभियान को किस कारण से राजनीतिक बताया?
पुरी के अनुसार एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम की शुरुआत पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थी, और 5 जून को ई85 फ्लेक्स-फ्यूल लॉन्च के तुरंत बाद ही आलोचनाएँ तेज हुईं। उनका कहना है कि यह समय-संयोग इंगित करता है कि विरोध वैज्ञानिक नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रेरणा से है।
ई85 फ्लेक्स-फ्यूल क्या है और इसे कब लॉन्च किया गया?
ई85 फ्लेक्स-फ्यूल में 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है और यह विशेष रूप से फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए बनाया गया है। इसे 5 जून को लॉन्च किया गया, जिसके बाद ई20 को लेकर विवाद तेज हुआ।
एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से किसानों को क्या फायदा होता है?
सरकार के अनुसार एथेनॉल उत्पादन से किसानों को गन्ने और अन्य फसलों के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत मिलता है। केंद्रीय मंत्री पुरी ने इसे 'अन्नदाता' किसानों को 'ऊर्जादाता' बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
भारत एथेनॉल मिश्रण क्यों बढ़ा रहा है?
भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का 85 प्रतिशत से अधिक आयात करता है और वैश्विक तेल माँग में वृद्धि का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा भारत से आता है। एथेनॉल मिश्रण से आयात निर्भरता घटती है, विदेशी मुद्रा बचती है और वायु प्रदूषण में कमी आती है।
राष्ट्र प्रेस
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