7 जुलाई 2026
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ई25 ईंधन पर जल्दबाजी नहीं, परीक्षण के बाद फैसला: पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी

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ई25 ईंधन पर जल्दबाजी नहीं, परीक्षण के बाद फैसला: पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी

सारांश

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया — ई25 अभी दूर है। परीक्षण जारी हैं, ऑटो कंपनियों से बात होगी, तब जाकर फैसला। साथ ही अंडमान में गैस खोज और एलपीजी उत्पादन को 54,000 मीट्रिक टन तक बढ़ाने की उपलब्धि को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया।

मुख्य बातें

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 7 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि ई25 ईंधन लागू करने की फिलहाल कोई जल्दी नहीं है।
ई25 परीक्षण जारी हैं; रिपोर्ट आने के बाद ऑटोमोबाइल निर्माताओं सहित सभी हितधारकों से चर्चा होगी।
भारत अप्रैल 2025 से ई20 और साढ़े तीन वर्षों से ई15 का उपयोग कर रहा है; ई85 का विस्तार सीमित स्तर पर जारी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो — जिनमें ईंधन बदलाव से वाहन खराब होने के दावे हैं — को मंत्री ने भ्रामक बताकर खारिज किया।
अंडमान क्षेत्र में तीन में से दो अन्वेषण कुओं में प्राकृतिक गैस मिली; 'समुद्र मंथन' अभियान को ऊर्जा क्रांति की शुरुआत बताया।
घरेलू एलपीजी उत्पादन क्षमता 35,000 से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन की गई; संकट के दौरान 33 करोड़ उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हुई।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 7 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि सरकार फिलहाल ई25 इथेनॉल-मिश्रित ईंधन लागू करने की किसी जल्दी में नहीं है। मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ई25 से संबंधित परीक्षण अभी जारी हैं और नतीजे आने के बाद ही ऑटोमोबाइल निर्माताओं सहित सभी हितधारकों से विचार-विमर्श कर आगे का रास्ता तय किया जाएगा।

इथेनॉल मिश्रण की मौजूदा स्थिति

पुरी ने बताया कि भारत पिछले साढ़े तीन वर्षों से ई15 ईंधन का उपयोग कर रहा है, जबकि ई20 को अप्रैल 2025 से लागू किया गया था। उन्होंने कहा कि ई20 को लागू हुए एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है और वाहन निर्माता तथा उपभोक्ता दोनों इस ईंधन से पूरी तरह सहज हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर ई20 को लेकर भ्रामक दावे वायरल हो रहे हैं।

सरकार का रुख: परीक्षण पहले, निर्णय बाद में

मंत्री पुरी ने कहा, 'यदि कोई यह कह रहा है कि भारत जल्द ही ई25 पर जाने वाला है, तो यह सही नहीं है।' उन्होंने जोड़ा कि परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद उनका मूल्यांकन होगा और फिर सभी हितधारकों, विशेष रूप से ऑटोमोबाइल निर्माताओं से चर्चा की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा, 'मैं न तो कार बनाता हूं और न ही ईंधन' — यानी किसी भी नीतिगत बदलाव में उद्योग की भागीदारी अनिवार्य होगी। गौरतलब है कि ई85 ईंधन की शुरुआत अभी सीमित स्तर पर हुई है और इसके विस्तार के लिए नए पेट्रोल पंपों व बुनियादी ढाँचे का विकास किया जा रहा है।

वायरल वीडियो पर सरकार का खंडन

पुरी ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन वीडियो को सिरे से खारिज किया जिनमें दावा किया जा रहा है कि ईंधन में बदलाव के कारण वाहन खराब हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें भ्रामक हैं और तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की।

अंडमान में गैस खोज: ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

एक कार्यक्रम में बोलते हुए पुरी ने अंडमान क्षेत्र में हुई प्राकृतिक गैस खोज को भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि तीन अन्वेषण कुओं में से दो में प्राकृतिक गैस मिली है। मंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले वर्ष 15 अगस्त को शुरू किया गया 'समुद्र मंथन' अभियान 'विकसित भारत' की ऊर्जा क्रांति की नींव है।

एलपीजी संकट से सबक और उत्पादन क्षमता में विस्तार

पुरी ने वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान सरकार के कदमों का ब्यौरा देते हुए बताया कि 33 करोड़ से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं तक निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कहा कि प्रभावी कूटनीतिक प्रयासों से फंसे हुए ऊर्जा जहाजों को सुरक्षित निकाला गया और घरेलू एलपीजी उत्पादन क्षमता को 35,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया गया। इसी का परिणाम रहा कि संकट के दौरान देश में एलपीजी आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रही। आगे चलकर घरेलू ऊर्जा उत्पादन में यह वृद्धि विदेशी आयात पर निर्भरता को और कम करने में सहायक होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

निर्णय बाद में' का रुख सतर्क तो दिखता है, लेकिन इथेनॉल मिश्रण की समयसीमा को लेकर बार-बार बदलते संकेतों ने उद्योग और उपभोक्ताओं दोनों में अनिश्चितता पैदा की है। ई20 के एक वर्ष बाद भी ई25 की कोई स्पष्ट समयसीमा न होना यह दर्शाता है कि ऑटोमोबाइल उद्योग की तकनीकी तैयारी और नीतिगत महत्वाकांक्षा के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई है। अंडमान गैस खोज निश्चित रूप से उत्साहजनक है, परंतु घरेलू उत्पादन से आयात-निर्भरता में वास्तविक कमी तब तक नहीं आएगी जब तक उत्खनन से वाणिज्यिक उत्पादन तक की पूरी श्रृंखला समयबद्ध ढंग से पूरी न हो।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई25 ईंधन क्या है और यह ई20 से कैसे अलग है?
ई25 वह ईंधन है जिसमें पेट्रोल में 25% इथेनॉल मिलाया जाता है, जबकि ई20 में यह मिश्रण 20% है। भारत अप्रैल 2025 से ई20 का उपयोग कर रहा है और ई25 अभी परीक्षण चरण में है।
ई25 ईंधन कब तक लागू होगा?
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार अभी कोई निश्चित समयसीमा नहीं है। परीक्षण पूरे होने और ऑटोमोबाइल निर्माताओं सहित सभी हितधारकों से चर्चा के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
क्या ई20 ईंधन से वाहन खराब हो रहे हैं?
मंत्री पुरी ने इस दावे को पूरी तरह भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और वाहन निर्माता ई20 से पूरी तरह सहज हैं।
अंडमान में गैस खोज का भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर क्या असर होगा?
मंत्री पुरी के अनुसार अंडमान क्षेत्र में तीन अन्वेषण कुओं में से दो में प्राकृतिक गैस मिली है। यह घरेलू उत्पादन बढ़ाने और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, हालांकि व्यावसायिक उत्पादन की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान भारत ने एलपीजी आपूर्ति कैसे बनाए रखी?
सरकार ने कूटनीतिक प्रयासों से फंसे ऊर्जा जहाजों को सुरक्षित निकाला और घरेलू एलपीजी उत्पादन क्षमता को 35,000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन किया। इससे संकट के दौरान 33 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के गैस मिलती रही।
राष्ट्र प्रेस
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