मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में PM मोदी का जोरदार स्वागत, बोले — 'ये शो हाउसफुल और ब्लॉकबस्टर है'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में हज़ारों की संख्या में भारतीय प्रवासी समुदाय उमड़ पड़ा। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ कार्यक्रम में पहुँचे मोदी ने जब वहाँ मौजूद भारतीयों से फ्लैशलाइट जलाने का आग्रह किया, तो पूरा स्टेडियम रोशनी से जगमगा उठा। भीड़ के उत्साह से अभिभूत होकर उन्होंने कहा, 'ये शो हाउसफुल और ब्लॉकबस्टर है।'
PM मोदी का संबोधन
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत उस भूमि के परंपरागत स्वामियों को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी बात उस ज़मीन के पारंपरिक मालिकों को नमन करते हुए शुरू करना चाहता हूँ जहाँ हम मिल रहे हैं और मैं उनके बड़े-बुज़ुर्ग, चाहे वे अतीत के हों, वर्तमान के हों या भविष्य के, उनके प्रति सम्मान व्यक्त करता हूँ।'
मेलबर्न की विशेषता का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा, 'ये मेलबर्न शहर एक दिन में ही चार सीज़न के दर्शन करा देता है, लेकिन भारतीय समुदाय ने अपने कल्चरल कलर से इसे और वाइब्रेंट बना दिया है। यहाँ मेलबर्न में और आसपास काफी ऐसे स्थान हैं, मार्केट हैं जो भारतीयता के रंग से भरे हैं — कोई इसे लिटिल इंडिया कहता है, कोई मिनी इंडिया... नाम कोई भी हो लेकिन रंग भारतीयता से भरे हुए हैं।'
12 वर्षों में तीसरी यात्रा — 'हैट्रिक'
प्रधानमंत्री ने अपने 2014 के ऑस्ट्रेलिया दौरे को याद करते हुए बताया कि उस समय करीब 28 वर्षों के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया की यात्रा की थी। उन्होंने कहा, 'उस दौरान मैंने कहा था कि अगली बार भारत के प्रधानमंत्री के आने के लिए लोगों को 28 साल इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।' मोदी ने रेखांकित किया कि पिछले 12 वर्षों में यह उनकी ऑस्ट्रेलिया की तीसरी यात्रा है — एक तरह की 'हैट्रिक' — जो दोनों देशों के बीच तेज़ी से प्रगाढ़ होते संबंधों का प्रमाण है।
विक्टोरिया की प्रीमियर का स्वागत संदेश
विक्टोरिया की प्रीमियर जेसिंटा ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा, 'विक्टोरिया भारतीयों का सम्मान करता है, आपके मूल्यों का आदर करता है; हमारे लिए भारत ट्रेड का नहीं बल्कि ट्रस्ट का सबब है।' उन्होंने इस मंच से भारत के लोगों को विक्टोरिया आने का न्योता भी दिया।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का प्रतीक
कार्यक्रम में भारत का राष्ट्रगान गूँजा और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की उपस्थिति ने इस आयोजन को द्विपक्षीय महत्त्व दिया। यह कार्यक्रम भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव, बढ़ती साझेदारी और लोगों के आपसी रिश्तों की जीवंत झलक बना। मार्वल स्टेडियम में उमड़ी भीड़ इस बात का संकेत है कि ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय का अपनी मातृभूमि से जुड़ाव आज भी उतना ही गहरा है।