21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ई85 फ्यूल स्टेशन 2027 तक 5,000 तक पहुँचेंगे: हरदीप पुरी का बड़ा ऐलान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ई85 फ्यूल स्टेशन 2027 तक 5,000 तक पहुँचेंगे: हरदीप पुरी का बड़ा ऐलान

सारांश

भारत सरकार 2027 तक 5,000 ई85 फ्यूल स्टेशन स्थापित करेगी — NCR, मुंबई, पुणे से शुरुआत होगी। पेट्रोलियम मंत्री पुरी के अनुसार, 50% वाहनों के फ्लेक्स-फ्यूल अपनाने पर ₹12,403 करोड़ किसानों की आय बढ़ेगी और 66.4 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन घटेगा।

मुख्य बातें

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 4 जून 2026 को 2027 के अंत तक 5,000 ई85 फ्यूल स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य घोषित किया।
पहले चरण में NCR, मुंबई, पुणे और नागपुर में लगभग 100 स्टेशन ; दिसंबर 2026 तक संख्या 500 तक पहुँचाने की योजना।
ई85 में 85% तक एथेनॉल होता है; BIS ने इसे फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए मानक ईंधन घोषित किया है।
50% नए वाहनों के फ्लेक्स-फ्यूल अपनाने पर किसानों की आय में ₹12,403 करोड़ की बढ़ोतरी और 66.4 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी संभव।
मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल लॉन्च के साथ चारपहिया सेगमेंट में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक की शुरुआत।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 4 जून 2026 को नई दिल्ली में घोषणा की कि केंद्र सरकार 2027 के अंत तक देश के प्रमुख शहरों में 5,000 ई85 फ्यूल डिस्पेंसिंग स्टेशन स्थापित करेगी। यह घोषणा मारुति सुजुकी वैगनआर के फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान की गई, जो भारत के स्वच्छ ऊर्जा रोडमैप में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

चरणबद्ध विस्तार की योजना

मंत्री पुरी ने बताया कि इस योजना को तीन चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों में लगभग 100 ई85 स्टेशन शुरू किए जाएंगे। इसके बाद दिसंबर 2026 तक यह संख्या 500 तक पहुँचाने का लक्ष्य है, और 2027 के अंत तक देशभर में 5,000 स्टेशन स्थापित करने की योजना है।

गौरतलब है कि ई85 एक ऐसा ईंधन मिश्रण है जिसमें 85 प्रतिशत तक एथेनॉल होता है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने इसे फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए मानक ईंधन के रूप में अधिसूचित किया है।

किसानों और पर्यावरण पर असर

पुरी ने कहा कि यदि देश में बिकने वाले नए दोपहिया और चारपहिया वाहनों में से 50 प्रतिशत फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक अपनाते हैं, तो इससे 311.8 करोड़ लीटर अतिरिक्त एथेनॉल की माँग पैदा होगी। इसके साथ ही किसानों की आय में लगभग ₹12,403 करोड़ की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है और करीब 66.4 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सकता है।

मंत्री ने कहा, 'इससे हमारे किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ऊर्जादाता भी बनेंगे।' यह पहल न केवल भारत के ऊर्जा आयात बिल को कम करने में सहायक होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देगी।

वैश्विक संदर्भ और भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें ऊँचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिसका असर देश की तेल विपणन कंपनियों और ईंधन कीमतों पर भी पड़ा है। पुरी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी जापान जैसे देशों की तुलना में अपेक्षाकृत कम रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी ऊर्जा निर्भरता कम करने और घरेलू स्रोतों को बढ़ावा देने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

गडकरी की उम्मीदें और उद्योग की भागीदारी

कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में और अधिक वाहन निर्माता कंपनियाँ फ्लेक्स-फ्यूल सेगमेंट में प्रवेश करेंगी, क्योंकि भारत तेज़ी से स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। मारुति सुजुकी की वैगनआर इस श्रेणी में चारपहिया सेगमेंट में प्रवेश करने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक बन गई है।

फ्लेक्स-फ्यूल इकोसिस्टम का यह विस्तार भारत के 2070 तक नेट-ज़ीरो लक्ष्य की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है, और आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में नीतिगत और निवेश गतिविधि और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 ई85 स्टेशनों का यह लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति में होगी — भारत में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में भी इसी तरह के लक्ष्य घोषित हुए थे, जो ज़मीन पर धीमे साबित हुए। ई85 को 'इलेक्ट्रिक वाहनों से अधिक पर्यावरण-अनुकूल' बताने का दावा वैज्ञानिक समुदाय में अभी भी बहस का विषय है, क्योंकि यह एथेनॉल उत्पादन की पूरी आपूर्ति श्रृंखला के कार्बन फुटप्रिंट पर निर्भर करता है। किसानों को 'ऊर्जादाता' बनाने का विचार नीतिगत रूप से आकर्षक है, पर ₹12,403 करोड़ की आय वृद्धि का अनुमान 50% वाहन अपनाने की उस शर्त पर टिका है जो अभी केवल एक परिदृश्य है, तथ्य नहीं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई85 ईंधन क्या है और यह सामान्य पेट्रोल से कैसे अलग है?
ई85 एक ईंधन मिश्रण है जिसमें 85 प्रतिशत तक एथेनॉल और शेष पेट्रोल होता है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने इसे फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए मानक ईंधन के रूप में अधिसूचित किया है, जबकि सामान्य पेट्रोल में अभी केवल 20% तक एथेनॉल मिश्रण (E20) होता है।
भारत में ई85 फ्यूल स्टेशन कब और कहाँ शुरू होंगे?
पहले चरण में NCR, मुंबई, पुणे और नागपुर में लगभग 100 स्टेशन शुरू होंगे। दिसंबर 2026 तक 500 और 2027 के अंत तक देशभर में 5,000 ई85 स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य है।
फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक से किसानों को क्या फायदा होगा?
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, यदि 50% नए वाहन फ्लेक्स-फ्यूल अपनाते हैं तो किसानों की आय में लगभग ₹12,403 करोड़ की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है। एथेनॉल मुख्यतः गन्ने और मक्के जैसी कृषि उपज से बनता है, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
क्या फ्लेक्स-फ्यूल वाहन इलेक्ट्रिक वाहनों से ज़्यादा पर्यावरण-अनुकूल हैं?
पुरी ने कहा कि ई85 को देश के सबसे स्वच्छ ईंधन विकल्पों में से एक माना जा रहा है और कई मामलों में यह इलेक्ट्रिक वाहनों की तुलना में भी अधिक पर्यावरण-अनुकूल हो सकता है। हालाँकि, यह दावा एथेनॉल उत्पादन की पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भर करता है और विशेषज्ञों के बीच इस पर अलग-अलग मत हैं।
मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल का इस योजना से क्या संबंध है?
हरदीप पुरी की यह घोषणा मारुति सुजुकी वैगनआर के फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान की गई। वैगनआर चारपहिया सेगमेंट में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक अपनाने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक बन गई है, जो अब तक मुख्यतः दोपहिया वाहनों तक सीमित थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले