2027 UP चुनाव: योगी के सत्ता-वापसी दावे पर अजय राय का पलटवार, बोले- जनता भ्रमित नहीं होगी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 4 सितंबर को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 2027 विधानसभा चुनाव में पुनः सरकार बनाने के दावे को सिरे से खारिज किया। राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब मुख्यमंत्री के बड़े-बड़े वादों की असलियत समझ चुकी है और उनके दावों से भ्रमित होने का कोई सवाल नहीं उठता।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
अजय राय ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झूठे दावों के सहारे जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मथुरा का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ कई इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है और बड़ी संख्या में घरों में पानी घुसा हुआ है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
राय के अनुसार, भगवान के नाम पर मथुरा में विकास के दावे तो खूब किए गए, लेकिन यमुना नदी की दशा में अपेक्षित सुधार आज तक नहीं हुआ। उन्होंने इसे सरकार की नीतिगत विफलता बताया।
सोनिया गांधी की प्रस्तावित किताब पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की आने वाली किताब के सवाल पर अजय राय ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित किया है और यहाँ तक कि प्रधानमंत्री पद तक को ठुकरा दिया था। उनका कहना था कि जब यह किताब प्रकाशित होगी, तो पूरा देश उसे पढ़ेगा।
कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने भी इस किताब पर कहा कि इसमें कई महत्वपूर्ण बातें सामने आएंगी और यह लोगों के लिए एक नए मार्गदर्शन का स्रोत बन सकती है।
राम मंदिर चढ़ावे पर उठाए सवाल
आराधना मिश्रा 'मोना' ने भाजपा पर राम मंदिर और राष्ट्र के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि देशभर के लोगों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार जो योगदान दिया, उस चढ़ावे को लेकर उठे आरोपों की सच्चाई जनता के सामने कब आएगी।
उन्होंने कहा कि एसआईटी जाँच के बावजूद इस मामले में जनता को अब तक स्पष्ट जवाब नहीं मिला है, जो चिंताजनक है।
2027 चुनाव: कांग्रेस का रुख
योगी आदित्यनाथ के 2027 में सत्ता में वापसी के दावे पर आराधना मिश्रा 'मोना' ने कहा कि इसका फैसला समय करेगा — यह जनता तय करेगी कि कौन सत्ता में लौटता है। कांग्रेस का संकेत साफ है कि वह उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और सरकार की कथित विफलताओं को मुद्दा बनाएगी।