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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: मंत्री अनिल राजभर बोले — विपक्ष एसआईटी जांच को प्रभावित न करे

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: मंत्री अनिल राजभर बोले — विपक्ष एसआईटी जांच को प्रभावित न करे

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर UP मंत्री अनिल राजभर ने विपक्ष को सीधी चेतावनी दी — एसआईटी को गुमराह न करें। साथ ही कांग्रेस के पत्र को खारिज किया, मदरसा जांच का बचाव किया और 2027 चुनाव में जवाब देने का संकल्प जताया।

मुख्य बातें

UP मंत्री अनिल राजभर ने 3 जुलाई 2026 को कहा कि विपक्ष एसआईटी को गुमराह करने और जांच प्रभावित करने की कोशिश न करे।
सरकार ने संकल्प जताया कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद में 'दूध का दूध और पानी का पानी' किया जाएगा।
कांग्रेस महासचिव के.सी.
वेणुगोपाल के PM मोदी को लिखे पत्र को राजभर ने सिरे से खारिज किया।
एटीएस द्वारा मदरसों की जांच पर राजभर ने कहा — न्यायालय इस पर रोक नहीं लगाएगा।
'इंडिया' गठबंधन को राजभर ने 'अस्तित्वहीन' करार दिया, पश्चिम बंगाल व केरल चुनावों का हवाला दिया।
BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दौरे को 2027 चुनावी तैयारियों के लिए अहम बताया।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने 3 जुलाई 2026 को लखनऊ में राम मंदिर चढ़ावा विवाद, मदरसों की जांच और विपक्ष की भूमिका पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्ष को एसआईटी को गुमराह करने और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश से बाज़ आना चाहिए।

एसआईटी जांच पर सरकार का रुख

अनिल राजभर ने कहा, 'विपक्ष की ओर से बेवजह एसआईटी को गुमराह करने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश न की जाए। सरकार का संकल्प है कि पूरे प्रकरण में हम दूध का दूध और पानी का पानी करेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि लक्ष्य बनाकर विपक्ष की ओर से हो-हल्ला मचाया जा रहा है, जो उचित नहीं है।

कांग्रेस के पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र पर राजभर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'ये चिट्ठी लिखने वाले कौन हैं, कहां से आ गए? भगवान के मंदिर का विरोध करने वालों, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़ा करने वालों के ज्ञान की जरूरत नहीं है। अयोध्या में हो रही कार्रवाई को देश, प्रदेश और दुनिया देख रही है।'

मदरसों की एटीएस जांच पर बयान

एटीएस द्वारा मदरसों की जांच के प्रश्न पर अनिल राजभर ने कहा कि शिक्षा के प्रतिष्ठान भावी पीढ़ी के निर्माण का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि मदरसों को लेकर जो सवाल उठते रहे हैं, वे किसी से छिपे नहीं हैं। उनका मानना है कि इस जांच पर न्यायालय की ओर से कोई रोक नहीं लगाई जाएगी।

समाजवादी पार्टी और 'इंडिया' गठबंधन पर निशाना

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर राजभर ने कहा कि सपा को भाजपा की चिंता छोड़कर खुद की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा, '2027 के विधानसभा चुनाव में सब कुछ साफ हो जाएगा।' 'इंडिया' गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु के चुनावों में यह गठबंधन कहीं दिखाई नहीं दिया — 'जो अस्तित्व में ही नहीं है, उस पर चर्चा क्या करनी।'

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे पर उत्साह

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रस्तावित दौरे पर राजभर ने कहा कि सभी कार्यकर्ता उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में हर कार्यकर्ता 2027 के चुनाव के लिए कमर कसेगा। यह दौरा उत्तर प्रदेश में पार्टी की चुनावी तैयारियों को धार देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि इस मुद्दे पर अदालतें पहले भी सरकारी कार्रवाई पर सवाल उठा चुकी हैं। 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह पूरी बयानबाज़ी राजनीतिक ध्रुवीकरण की सुनियोजित कोशिश की तरह दिखती है, जिसमें जांच की निष्पक्षता से ज़्यादा चुनावी संदेश को प्राथमिकता दी जा रही है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है और एसआईटी जांच क्यों हो रही है?
राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन और उसके हिसाब-किताब को लेकर विवाद उठा है, जिसकी जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का संकल्प जताया है।
मंत्री अनिल राजभर ने विपक्ष को क्या चेतावनी दी?
अनिल राजभर ने कहा कि विपक्ष को एसआईटी को गुमराह करने और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश से बाज़ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे प्रकरण में सच्चाई सामने लाकर रहेगी।
कांग्रेस के के.सी. वेणुगोपाल ने PM मोदी को पत्र क्यों लिखा?
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। अनिल राजभर ने इस पत्र को खारिज करते हुए कहा कि भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वालों के ज्ञान की ज़रूरत नहीं है।
मदरसों की एटीएस जांच पर सरकार का क्या रुख है?
अनिल राजभर ने कहा कि मदरसों में क्या हो रहा है यह जानना ज़रूरी है, और उनका मानना है कि इस जांच पर न्यायालय कोई रोक नहीं लगाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि शिक्षा संस्थान भावी पीढ़ी को गढ़ते हैं, इसलिए पारदर्शिता आवश्यक है।
'इंडिया' गठबंधन पर अनिल राजभर का क्या कहना है?
राजभर ने 'इंडिया' गठबंधन को 'अस्तित्वहीन' करार दिया और कहा कि पश्चिम बंगाल, केरल तथा तमिलनाडु के हालिया चुनावों में यह गठबंधन कहीं नज़र नहीं आया। उन्होंने कहा कि जो अस्तित्व में नहीं है, उस पर चर्चा करना व्यर्थ है।
राष्ट्र प्रेस
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