राम मंदिर चढ़ावा विवाद: मंत्री अनिल राजभर बोले — विपक्ष एसआईटी जांच को प्रभावित न करे
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने 3 जुलाई 2026 को लखनऊ में राम मंदिर चढ़ावा विवाद, मदरसों की जांच और विपक्ष की भूमिका पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्ष को एसआईटी को गुमराह करने और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश से बाज़ आना चाहिए।
एसआईटी जांच पर सरकार का रुख
अनिल राजभर ने कहा, 'विपक्ष की ओर से बेवजह एसआईटी को गुमराह करने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश न की जाए। सरकार का संकल्प है कि पूरे प्रकरण में हम दूध का दूध और पानी का पानी करेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि लक्ष्य बनाकर विपक्ष की ओर से हो-हल्ला मचाया जा रहा है, जो उचित नहीं है।
कांग्रेस के पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया
कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र पर राजभर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'ये चिट्ठी लिखने वाले कौन हैं, कहां से आ गए? भगवान के मंदिर का विरोध करने वालों, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़ा करने वालों के ज्ञान की जरूरत नहीं है। अयोध्या में हो रही कार्रवाई को देश, प्रदेश और दुनिया देख रही है।'
मदरसों की एटीएस जांच पर बयान
एटीएस द्वारा मदरसों की जांच के प्रश्न पर अनिल राजभर ने कहा कि शिक्षा के प्रतिष्ठान भावी पीढ़ी के निर्माण का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि मदरसों को लेकर जो सवाल उठते रहे हैं, वे किसी से छिपे नहीं हैं। उनका मानना है कि इस जांच पर न्यायालय की ओर से कोई रोक नहीं लगाई जाएगी।
समाजवादी पार्टी और 'इंडिया' गठबंधन पर निशाना
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर राजभर ने कहा कि सपा को भाजपा की चिंता छोड़कर खुद की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा, '2027 के विधानसभा चुनाव में सब कुछ साफ हो जाएगा।' 'इंडिया' गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु के चुनावों में यह गठबंधन कहीं दिखाई नहीं दिया — 'जो अस्तित्व में ही नहीं है, उस पर चर्चा क्या करनी।'
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे पर उत्साह
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रस्तावित दौरे पर राजभर ने कहा कि सभी कार्यकर्ता उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में हर कार्यकर्ता 2027 के चुनाव के लिए कमर कसेगा। यह दौरा उत्तर प्रदेश में पार्टी की चुनावी तैयारियों को धार देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।