31 जुलाई 2026
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राम मंदिर चंदा विवाद: भाई जगताप बोले — निष्पक्ष जांच हो, श्रद्धालुओं का भरोसा टूट रहा है

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राम मंदिर चंदा विवाद: भाई जगताप बोले — निष्पक्ष जांच हो, श्रद्धालुओं का भरोसा टूट रहा है

सारांश

कांग्रेस एमएलसी भाई जगताप ने राम मंदिर दान विवाद को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है — मांग की है कि देशभर के मंदिरों की जांच हो और श्रद्धालुओं का भरोसा बहाल किया जाए। यह विवाद BJP की उस राजनीतिक विरासत पर सवाल खड़ा करता है जो राम मंदिर आंदोलन से बनी थी।

मुख्य बातें

कांग्रेस एमएलसी भाई जगताप ने 15 जून 2026 को अयोध्या राम मंदिर के दान विवाद पर निष्पक्ष जांच की मांग की।
जगताप ने कहा कि सरकार को केवल राम मंदिर नहीं, बल्कि देशभर के मंदिरों की जांच करानी चाहिए।
₹5 से ₹500 तक दान करने वाले श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा को उन्होंने सरकार की जिम्मेदारी बताया।
BJP पर संविधान के प्रति दोहरे रवैये और हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के BJP-बैन वाले बयान पर जगताप ने कहा — मीडिया पूरा संदर्भ नहीं दिखाती।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) भाई जगताप ने 15 जून 2026 को अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े विवाद पर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच अनिवार्य है और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना सरकार का संवैधानिक दायित्व है, जिसे वह पूरा करने में विफल रही है।

मुख्य आरोप और बयान

भाई जगताप ने कहा, 'राम मंदिर के मुद्दे पर सरकार को शर्म आनी चाहिए। आपने राम मंदिर आंदोलन का राजनीतिक फायदा उठाया और उसी की वजह से सत्ता में आए, फिर भी आज मंदिर में ऐसी गड़बड़ियां हो रही हैं। इसके बावजूद, ऐसा लगता है कि आप हालात की गंभीरता को समझ नहीं पा रहे हैं।' उनका यह बयान सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा राजनीतिक प्रहार है, जिसने राम मंदिर निर्माण को अपनी प्रमुख उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया था।

सभी मंदिरों की जांच की मांग

जगताप ने मांग की कि सरकार को केवल राम मंदिर तक सीमित न रहकर देशभर के मंदिरों में दान-प्रबंधन की जांच करानी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि यह गड़बड़ी अकेले एक मंदिर तक सीमित नहीं हो सकती। उनके अनुसार, 'अभी तो केवल एक ही मंदिर की बात आई है — देखकर ऐसा लगता है कि कई मंदिरों में होगा। इन सब कामों से देश की बदनामी हो रही है और लोगों का विश्वास भी टूट रहा है।'

श्रद्धालुओं के भरोसे का सवाल

एमएलसी जगताप ने तर्क दिया कि मंदिर में दान करने वाले श्रद्धालु — चाहे कोई ₹5 दे या ₹500 — वे आस्था और विश्वास के आधार पर यह कदम उठाते हैं। उस विश्वास को बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार यह जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही है, जो श्रद्धालुओं के साथ सीधा अन्याय है।

अशोक गहलोत के बयान पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं तो BJP को प्रतिबंधित कर देतीं — भाई जगताप ने सीधी प्रतिक्रिया देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि मीडिया प्रायः बयानों को अधूरा प्रस्तुत करती है और पूरे संदर्भ को जाने बिना कोई राय नहीं बनानी चाहिए।

BJP पर व्यापक हमला

जगताप ने BJP नेताओं पर संविधान के प्रति दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि BJP के नेता पहले संविधान को माथे से लगाते हैं और फिर उसी का अपमान करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि BJP नेता देश में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण को हवा देकर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि राम मंदिर दान विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मंदिर प्रशासन की पारदर्शिता पर पहले से ही सवाल उठ रहे थे। आने वाले दिनों में यह विवाद और राजनीतिक रंग पकड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विश्वास और राम — को उसी के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है। असली सवाल यह है कि राम मंदिर ट्रस्ट के दान-प्रबंधन में पारदर्शिता के लिए कोई स्वतंत्र लेखापरीक्षा तंत्र है या नहीं — और यदि नहीं है, तो इस विवाद का राजनीतिक दोहन दोनों पक्षों द्वारा जारी रहेगा, जबकि श्रद्धालु बीच में फंसे रहेंगे।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर दान विवाद क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान के प्रबंधन को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
भाई जगताप ने सरकार से क्या मांग की है?
कांग्रेस एमएलसी भाई जगताप ने मांग की है कि सरकार राम मंदिर समेत देशभर के मंदिरों में दान-प्रबंधन की निष्पक्ष जांच कराए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
क्या यह विवाद केवल राम मंदिर तक सीमित है?
भाई जगताप के अनुसार, यह समस्या केवल एक मंदिर तक सीमित नहीं हो सकती। उन्होंने आशंका जताई कि अन्य मंदिरों में भी इसी तरह की अनियमितताएं हो सकती हैं, इसलिए व्यापक जांच जरूरी है।
कांग्रेस BJP पर क्या आरोप लगा रही है?
कांग्रेस का आरोप है कि BJP ने राम मंदिर आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाकर सत्ता हासिल की, लेकिन मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विफल रही। जगताप ने यह भी कहा कि BJP नेता देश में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं।
अशोक गहलोत के बयान पर भाई जगताप ने क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बयान पर — जिसमें इंदिरा गांधी का संदर्भ देते हुए BJP को प्रतिबंधित करने की बात कही गई थी — जगताप ने सीधी टिप्पणी से परहेज किया। उन्होंने कहा कि मीडिया बयानों को अधूरा प्रस्तुत करती है और पूरे संदर्भ को जाने बिना प्रतिक्रिया देना उचित नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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