राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: कांग्रेस ने SIT जांच पर जताया अविश्वास, भाजपा बोली — भगवान राम की नज़र से कोई नहीं बचेगा
सारांश
मुख्य बातें
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 3 जुलाई 2026 को विभिन्न राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रियाएँ दीं। कांग्रेस ने विशेष जांच दल (SIT) की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में जांच की माँग की, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
कांग्रेस का SIT पर अविश्वास
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि फिलहाल SIT जांच पर पर्याप्त भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया — 'किस आधार और किन पैमानों पर राम मंदिर ट्रस्ट में लोगों की नियुक्ति की गई? जिन्होंने नियुक्तियाँ कीं, उनसे भी जवाब माँगा जाना चाहिए।' दीक्षित ने यह भी पूछा कि जब पूरी प्रणाली स्थापित की जा रही थी, तब क्या कोई ऑडिट तंत्र था और दान को दर्ज करने की कोई निर्धारित प्रक्रिया थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राम मंदिर निर्माण का राजनीतिक लाभ तो उठाया, लेकिन संस्था के लिए पारदर्शी नियम-कायदे नहीं बनाए। दीक्षित ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार की भी जांच होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट जांच की माँग
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में होनी चाहिए। ठाकुर ने आरोप लगाया कि SIT के गठन के बाद जांच के लिए अतिरिक्त समय माँगना यह दर्शाता है कि मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा, 'भगवान राम के नाम पर न केवल वोट, बल्कि पैसा भी लूटा गया है।'
भाजपा का रुख — दोषी नहीं बचेंगे
भाजपा नेता विनय कटियार ने कहा कि मंदिर में पूजा-पाठ और श्रद्धालुओं का आगमन सुचारु रूप से जारी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गड़बड़ी की है, उनके लिए 'दूसरा स्थान' तय हो चुका है — अर्थात वे दंड से नहीं बचेंगे। कटियार ने इसे 'कोई मामूली बात नहीं' बताते हुए मंदिर की रक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी करार दिया।
मंत्री लखींद्र कुमार रौशन ने कहा कि चंदे में जिस किसी ने भी धांधली की है, ट्रस्ट की ओर से उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सत्ता की कमान संभाल रहे हैं — इसलिए कोई भी इस मामले में बच नहीं पाएगा। भगवान राम की नज़र से कोई बचने वाला नहीं है।' रौशन ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन्होंने कभी राम भक्तों पर गोली चलाई, वे आज राम मंदिर के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।
विपक्ष की गिरफ्तारी की माँग
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने माँग की कि चंपल राय बंसल, अनिल मिश्रा, गोविंद गिरी, गोपाल राय और नृपेंद्र मिश्रा को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। समाजवादी पार्टी के विधायक संग्राम सिंह ने कहा कि इस मामले में चोरी और डकैती हुई है और इससे भगवान राम नाराज हैं।
आगे क्या होगा
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब राम मंदिर ट्रस्ट की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर पहले से सवाल उठ रहे थे। गौरतलब है कि SIT का गठन हो चुका है, लेकिन विपक्ष उसकी स्वतंत्रता पर सवाल उठा रहा है। अब यह देखना होगा कि क्या सर्वोच्च न्यायालय इस मामले में स्वतः संज्ञान लेता है या सरकार SIT की जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाती है।