2 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर चढ़ावा जांच पर विपक्ष का हमला: 'छोटी मछलियाँ फँसाई जा रहीं, बड़े बचाए जा रहे'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर चढ़ावा जांच पर विपक्ष का हमला: 'छोटी मछलियाँ फँसाई जा रहीं, बड़े बचाए जा रहे'

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT को मिले अतिरिक्त समय पर विपक्ष ने सवाल उठाए — RJD के मनोज झा ने 'छोटी मछलियाँ फँसाने, बड़ों को बचाने' का आरोप लगाया। साथ ही महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर कथित हमले को लेकर कांग्रेस ने पुलिस की निष्क्रियता पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

मुख्य बातें

राम मंदिर चढ़ावा मामले की जाँच कर रही SIT को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया।
RJD सांसद मनोज झा ने कहा — 'छोटी मछलियों पर दबाव बनाकर शार्क को नहीं बचाया जाना चाहिए।' कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत का आरोप — SIT को अतिरिक्त समय 'बड़े मगरमच्छों को बचाने' के लिए दिया गया।
TMC सांसद महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर BJP कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर अंडे व सब्जियाँ फेंके जाने का आरोप।
मनोज झा ने चेतावनी दी — 'आज अंडे फेंके गए, कल पत्थर भी फेंके जा सकते हैं।' UCC पर झा ने सवाल उठाया — 'क्या इससे बंगाल के युवाओं को नौकरी मिलेगी?'

नई दिल्ली, 2 जुलाई — राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की जाँच कर रही विशेष जाँच दल (SIT) को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिए जाने और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर कथित तौर पर अंडे व सब्जियाँ फेंके जाने की घटना को लेकर विपक्ष ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखे आरोप लगाए। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सदस्य मनोज झा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इन दोनों मुद्दों पर सरकार को घेरा।

SIT को अतिरिक्त समय: विपक्ष का सवाल

राम मंदिर चढ़ावा मामले की जाँच में SIT को दिए गए अतिरिक्त समय पर मनोज झा ने कहा कि जाँच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'छोटी मछलियों पर दबाव बनाकर शार्क को नहीं बचाया जाना चाहिए।' झा का स्पष्ट संकेत था कि यदि इस मामले में बड़े नाम सामने आते हैं, तो उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए — न कि जाँच को केवल निचले स्तर के लोगों तक सीमित रखा जाए।

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने और आगे जाते हुए आरोप लगाया कि SIT को अतिरिक्त समय इसलिए दिया गया है ताकि 'बड़े मगरमच्छों को बचाया जा सके।' उन्होंने माँग की कि जाँच की निगरानी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा की जाए।

महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर कथित हमला

TMC सांसद महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर BJP कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर अंडे और सब्जियाँ फेंके जाने की घटना पर मनोज झा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'अगर राजनीति का स्वरूप ऐसा हो गया कि चुनाव हारने के बाद जीतने वाली पार्टी को सब कुछ करने का लाइसेंस मिल जाए, तो आज अंडे फेंके गए हैं, कल पत्थर भी फेंके जा सकते हैं।'

सुरेंद्र राजपूत ने इस घटना को 'बेहद शर्मनाक' करार देते हुए कहा, 'महुआ मोइत्रा केवल आरोप नहीं लगा रहीं बल्कि उनके कार्यालय पर हमला हुआ है। आज अंडों से हमला किया गया है, कल पिस्तौल से भी हमला हो सकता है। पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। एक महिला जनप्रतिनिधि पर इस तरह का हमला बेहद शर्मनाक है और पूरा नारी समाज इसका जवाब देगा।'

UCC पर भी उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के सवाल पर मनोज झा ने कहा कि यह मुद्दा बार-बार उठाया जाता है, लेकिन असली सवाल यह है कि 'क्या इससे बंगाल के युवाओं को नौकरी मिल जाएगी? क्या इससे आय की असमानता खत्म हो जाएगी?' उनका तर्क था कि UCC को रोज़गार और आर्थिक सुधार से ध्यान भटकाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

आगे क्या

SIT के पास अब 15 दिन का अतिरिक्त समय है, जिसके बाद उसे अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। विपक्ष ने संकेत दिया है कि यदि जाँच में पारदर्शिता नहीं दिखी, तो वे इस मुद्दे को संसद में उठाएँगे। महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर हमले की घटना को लेकर TMC ने भी कानूनी कार्रवाई का विकल्प खुला रखा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पुलिस की कथित निष्क्रियता के साथ मिलकर, एक महिला सांसद की सुरक्षा और लोकतांत्रिक मर्यादा के बारे में गंभीर सवाल खड़े करती है — जिन्हें मुख्यधारा की कवरेज अक्सर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के शोर में दबा देती है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा मामला क्या है और SIT की जाँच कहाँ तक पहुँची है?
राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितताओं की जाँच के लिए SIT गठित की गई थी। अब SIT को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है, जिसके बाद वह अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। विपक्ष का आरोप है कि यह समय विस्तार बड़े आरोपियों को बचाने के लिए दिया गया है।
मनोज झा ने 'छोटी मछलियाँ और शार्क' वाला बयान किस संदर्भ में दिया?
RJD के राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने यह बयान SIT को अतिरिक्त समय दिए जाने के संदर्भ में दिया। उनका आशय था कि जाँच केवल छोटे लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि यदि बड़े नाम सामने आएँ तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई हो।
महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर क्या हुआ?
TMC सांसद महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर BJP कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर अंडे और सब्जियाँ फेंके जाने का आरोप लगाया गया है। विपक्ष ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस ने इस मामले में क्या माँग की है?
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने राम मंदिर जाँच में पारदर्शिता और स्वतंत्र निगरानी की माँग की है। साथ ही उन्होंने महुआ मोइत्रा पर कथित हमले को लेकर दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की माँग की।
UCC पर विपक्ष का क्या रुख है?
मनोज झा ने पश्चिम बंगाल में UCC लागू करने के सवाल पर कहा कि यह मुद्दा रोज़गार और आय असमानता जैसी असली समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए उठाया जाता है। उनका सवाल था कि क्या UCC से बंगाल के युवाओं को नौकरी मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 16 घंटे पहले
  2. कल
  3. कल
  4. 6 दिन पहले
  5. 6 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले