राम मंदिर चढ़ावा जांच पर विपक्ष का हमला: 'छोटी मछलियाँ फँसाई जा रहीं, बड़े बचाए जा रहे'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 2 जुलाई — राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की जाँच कर रही विशेष जाँच दल (SIT) को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिए जाने और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर कथित तौर पर अंडे व सब्जियाँ फेंके जाने की घटना को लेकर विपक्ष ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखे आरोप लगाए। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सदस्य मनोज झा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इन दोनों मुद्दों पर सरकार को घेरा।
SIT को अतिरिक्त समय: विपक्ष का सवाल
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जाँच में SIT को दिए गए अतिरिक्त समय पर मनोज झा ने कहा कि जाँच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'छोटी मछलियों पर दबाव बनाकर शार्क को नहीं बचाया जाना चाहिए।' झा का स्पष्ट संकेत था कि यदि इस मामले में बड़े नाम सामने आते हैं, तो उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए — न कि जाँच को केवल निचले स्तर के लोगों तक सीमित रखा जाए।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने और आगे जाते हुए आरोप लगाया कि SIT को अतिरिक्त समय इसलिए दिया गया है ताकि 'बड़े मगरमच्छों को बचाया जा सके।' उन्होंने माँग की कि जाँच की निगरानी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा की जाए।
महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर कथित हमला
TMC सांसद महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर BJP कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर अंडे और सब्जियाँ फेंके जाने की घटना पर मनोज झा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'अगर राजनीति का स्वरूप ऐसा हो गया कि चुनाव हारने के बाद जीतने वाली पार्टी को सब कुछ करने का लाइसेंस मिल जाए, तो आज अंडे फेंके गए हैं, कल पत्थर भी फेंके जा सकते हैं।'
सुरेंद्र राजपूत ने इस घटना को 'बेहद शर्मनाक' करार देते हुए कहा, 'महुआ मोइत्रा केवल आरोप नहीं लगा रहीं बल्कि उनके कार्यालय पर हमला हुआ है। आज अंडों से हमला किया गया है, कल पिस्तौल से भी हमला हो सकता है। पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। एक महिला जनप्रतिनिधि पर इस तरह का हमला बेहद शर्मनाक है और पूरा नारी समाज इसका जवाब देगा।'
UCC पर भी उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के सवाल पर मनोज झा ने कहा कि यह मुद्दा बार-बार उठाया जाता है, लेकिन असली सवाल यह है कि 'क्या इससे बंगाल के युवाओं को नौकरी मिल जाएगी? क्या इससे आय की असमानता खत्म हो जाएगी?' उनका तर्क था कि UCC को रोज़गार और आर्थिक सुधार से ध्यान भटकाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
आगे क्या
SIT के पास अब 15 दिन का अतिरिक्त समय है, जिसके बाद उसे अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। विपक्ष ने संकेत दिया है कि यदि जाँच में पारदर्शिता नहीं दिखी, तो वे इस मुद्दे को संसद में उठाएँगे। महुआ मोइत्रा के कार्यालय पर हमले की घटना को लेकर TMC ने भी कानूनी कार्रवाई का विकल्प खुला रखा है।