10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: CM योगी का भरोसा — SIT 15 दिन में सच्चाई उजागर करेगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: CM योगी का भरोसा — SIT 15 दिन में सच्चाई उजागर करेगी

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच CM योगी ने अयोध्या में दो टूक कहा — SIT निष्पक्ष है, 15 दिन में जाँच पूरी होगी और दोषी बख्शे नहीं जाएँगे। साथ ही उन्होंने ₹245 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण किया और विपक्ष पर तीखा हमला बोला।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 19 जून 2026 को अयोध्या में कहा कि SIT राम मंदिर चढ़ावा विवाद की निष्पक्ष जाँच कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों से 15 दिन इंतजार करने और बयानबाजी से बचने की अपील की।
दस्तावेजी साक्ष्य रखने वालों से SIT को सबूत सौंपने का आग्रह किया गया; दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
योगी ने ₹245 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर आरोप — अयोध्या की वैश्विक पहचान को रोकने की कोशिश।
राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय का उद्घाटन और वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 जून 2026 को अयोध्या में स्पष्ट किया कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जाँच कर रही विशेष जाँच दल (SIT) पूरी तरह निष्पक्ष है और 'दूध का दूध, पानी का पानी' करके रहेगी। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि जाँच पूरी होने तक बयानबाजी से परहेज करें और यदि किसी के पास दस्तावेजी साक्ष्य हो तो उसे SIT को सौंपें।

मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश

मुख्यमंत्री ने ₹245 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए कहा, '15 दिन और इंतजार कर लीजिए, चिंता करने की जरूरत नहीं है। जाँच एजेंसी अपना काम कर रही है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी दोषी पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन जाँच को प्रभावित करने वाली अनर्गल टिप्पणियाँ स्वीकार्य नहीं हैं।

विपक्ष पर तीखा हमला

योगी ने समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग अतीत में रामभक्तों और कारसेवकों पर गोली चलाने के लिए जाने जाते हैं, वे आज रामभक्ति और अयोध्या के सम्मान का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल कभी नहीं चाहते थे कि अयोध्या को वैश्विक पहचान मिले।

कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े किए, वे आज रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं। सपा पर उन्होंने आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने अयोध्या से दूरी बनाए रखी और अपने नेताओं को भी यहाँ आने से रोका, वे अब इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।

अयोध्या के विकास का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज दुनिया के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में अपनी पहचान बना रही है। सोलर सिटी, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, चौड़ी सड़कें और परिक्रमा मार्गों का विकास इसकी नई पहचान बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को अयोध्या का यह बदलता स्वरूप रास नहीं आ रहा और इसीलिए दुष्प्रचार के ज़रिए छवि धूमिल करने की कोशिश की जाती है।

अन्य कार्यक्रम

इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के लोकार्पण और वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के सम्मान को समर्पित है।

आगे क्या होगा

SIT को अगले 15 दिनों में अपनी जाँच पूरी करने की उम्मीद जताई गई है। राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर राजनीतिक तापमान तब तक ऊँचा बने रहने की संभावना है, जब तक SIT अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करती।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि असली सवाल मंदिर ट्रस्ट की आंतरिक वित्तीय पारदर्शिता का है। जब तक SIT रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती और स्वतंत्र लेखापरीक्षा नहीं होती, तब तक 'दूध का दूध' वाला दावा केवल आश्वासन है, प्रमाण नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद उठा है, जिसकी जाँच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT गठित की है। मामले की विस्तृत जानकारी SIT की जाँच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।
SIT जाँच कब तक पूरी होगी?
CM योगी आदित्यनाथ ने 19 जून 2026 को कहा कि अगले 15 दिनों में जाँच एजेंसी अपना काम पूरा कर लेगी। यह समय-सीमा प्रशासनिक नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री का आश्वासन है।
CM योगी ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
योगी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि ये दल अतीत में रामभक्तों पर गोली चलाने के लिए जाने जाते हैं और कभी नहीं चाहते थे कि अयोध्या को वैश्विक पहचान मिले। उन्होंने कहा कि विपक्ष दुष्प्रचार के ज़रिए अयोध्या की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहा है।
अयोध्या दौरे में CM योगी ने कौन-सी परियोजनाओं का उद्घाटन किया?
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में ₹245 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का उद्घाटन और वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी शामिल था।
SIT को साक्ष्य कैसे दें?
CM योगी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी के पास राम मंदिर चढ़ावा विवाद से संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य हैं, तो उन्हें सीधे SIT को सौंपना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक बयानबाजी के बजाय जाँच प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले