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राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: SIT जांच जारी, मंत्री सूर्य प्रताप शाही बोले — दोषी नहीं बचेंगे

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राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: SIT जांच जारी, मंत्री सूर्य प्रताप शाही बोले — दोषी नहीं बचेंगे

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में UP सरकार ने SIT बिठाई है और मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने साफ कहा है कि दोषियों पर कार्रवाई होगी — चाहे उनका प्रभाव कितना भी बड़ा हो। बिहार के विधायक आलोक कुमार सिंह ने भी जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही।

मुख्य बातें

श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की जांच के लिए CM योगी आदित्यनाथ ने SIT गठित की है।
UP कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 8 जुलाई को कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में मामले से जुड़े कई पहलुओं को स्पष्ट किया गया।
वाराणसी से शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और इंस्ट्रक्टरों के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस इलाज योजना शुरू होने की घोषणा।
बिहार के दिनारा विधायक आलोक कुमार सिंह ने कहा — 'अंतिम फैसला कोर्ट का है।'

श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 8 जुलाई को पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की जांच कर रहा है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य घटनाक्रम

मंत्री शाही ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भी एक बैठक आयोजित की जा चुकी है, जिसमें मामले से जुड़े कई पहलुओं को स्पष्ट किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार और ट्रस्ट दोनों ही इस विषय को पूरी गंभीरता से ले रहे हैं।

शाही ने यह भी रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच में पूर्ण पारदर्शिता बरतने और तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उनके अनुसार, 'दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे उसकी पहचान या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो।'

सरकार की प्रतिक्रिया

मंत्री शाही ने कहा कि मंदिर से जुड़े मामलों में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है, इसलिए सरकार किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में राम मंदिर के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाने शुरू किए हैं।

शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज योजना

इसी बैठक में मंत्री शाही ने एक नई सरकारी योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही वाराणसी से माध्यमिक और बेसिक विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और इंस्ट्रक्टरों के लिए कैशलेस इलाज योजना की शुरुआत करेंगे। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों और उनके परिवार के सदस्यों को ₹5 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

बिहार से भी प्रतिक्रिया

बिहार के कैमूर जिले से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रदेश अध्यक्ष और दिनारा के विधायक आलोक कुमार सिंह ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'जांच पूरी होने दीजिए — अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो संविधान और कानून के प्रावधानों के मुताबिक उचित कार्रवाई जरूर की जाएगी। अंतिम फैसला कोर्ट का है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार ने जांच समिति गठित कर दी है और रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।

आगे क्या होगा

SIT की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी। गौरतलब है कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े किसी भी विवाद पर राष्ट्रीय स्तर पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है, और इस मामले में भी सभी दलों की नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि जांच रिपोर्ट कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता से सार्वजनिक होती है। यह पहली बार नहीं है जब किसी धार्मिक ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हों और जांच समिति बनाई गई हो — लेकिन ऐसे मामलों में रिपोर्ट अक्सर लंबे समय तक लंबित रहती है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मंदिर में पारदर्शिता की माँग केवल राजनीतिक नहीं, नैतिक भी है। बिना समयबद्ध जांच और सार्वजनिक जवाबदेही के, यह बयानबाजी महज आश्वासन बनकर रह सकती है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला क्या है?
श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या में चढ़ावे की राशि के कथित गबन को लेकर आरोप सामने आए हैं। मामले की जांच के लिए UP सरकार ने SIT गठित की है और ट्रस्ट ने भी बैठक कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया है।
SIT जांच में अब तक क्या हुआ है?
UP कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही के अनुसार, SIT जांच जारी है और जो लोग शामिल पाए गए हैं उनके खिलाफ कदम उठाए जा चुके हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
CM योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच में पूरी पारदर्शिता रखी जाए और तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि दोषी चाहे जो हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज योजना क्या है?
UP सरकार माध्यमिक और बेसिक विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और इंस्ट्रक्टरों के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस इलाज योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना की शुरुआत CM योगी आदित्यनाथ वाराणसी से करेंगे और इसमें पात्र लाभार्थियों के परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे।
बिहार के विधायक आलोक कुमार सिंह ने इस मामले पर क्या कहा?
दिनारा विधायक और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ने कहा कि जांच पूरी होने दी जाए और दोषी पाए जाने पर संविधान व कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम फैसला कोर्ट का होगा।
राष्ट्र प्रेस
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