राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: SIT जांच जारी, मंत्री सूर्य प्रताप शाही बोले — दोषी नहीं बचेंगे
सारांश
मुख्य बातें
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 8 जुलाई को पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की जांच कर रहा है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री शाही ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भी एक बैठक आयोजित की जा चुकी है, जिसमें मामले से जुड़े कई पहलुओं को स्पष्ट किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार और ट्रस्ट दोनों ही इस विषय को पूरी गंभीरता से ले रहे हैं।
शाही ने यह भी रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच में पूर्ण पारदर्शिता बरतने और तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उनके अनुसार, 'दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे उसकी पहचान या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो।'
सरकार की प्रतिक्रिया
मंत्री शाही ने कहा कि मंदिर से जुड़े मामलों में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है, इसलिए सरकार किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में राम मंदिर के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाने शुरू किए हैं।
शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज योजना
इसी बैठक में मंत्री शाही ने एक नई सरकारी योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही वाराणसी से माध्यमिक और बेसिक विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और इंस्ट्रक्टरों के लिए कैशलेस इलाज योजना की शुरुआत करेंगे। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों और उनके परिवार के सदस्यों को ₹5 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
बिहार से भी प्रतिक्रिया
बिहार के कैमूर जिले से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रदेश अध्यक्ष और दिनारा के विधायक आलोक कुमार सिंह ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'जांच पूरी होने दीजिए — अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो संविधान और कानून के प्रावधानों के मुताबिक उचित कार्रवाई जरूर की जाएगी। अंतिम फैसला कोर्ट का है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार ने जांच समिति गठित कर दी है और रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।
आगे क्या होगा
SIT की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी। गौरतलब है कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े किसी भी विवाद पर राष्ट्रीय स्तर पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है, और इस मामले में भी सभी दलों की नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी है।