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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: भाजपा नेताओं ने कहा — दोषियों को मिले कड़ी सज़ा, SIT जांच जारी

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: भाजपा नेताओं ने कहा — दोषियों को मिले कड़ी सज़ा, SIT जांच जारी

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भाजपा ने आक्रामक रुख अपनाया है — आरपी सिंह और साध्वी निरंजन ज्योति ने दोषियों को कड़ी सज़ा की माँग की, SIT जांच का बचाव किया और कपिल सिब्बल से लेकर केजरीवाल तक विपक्ष पर एक साथ निशाना साधा।

मुख्य बातें

भाजपा नेता आरपी सिंह और साध्वी निरंजन ज्योति ने 3 जुलाई को राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कड़ी सज़ा की माँग की।
SIT जांच जारी है; बैंक अधिकारियों से पूछताछ हो रही है और जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा।
आरपी सिंह ने कपिल सिब्बल पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने पहले राम मंदिर का फैसला रोकने की कोशिश की थी।
साध्वी निरंजन ज्योति ने अरविंद केजरीवाल के राम मंदिर दौरे पर सवाल उठाए।
महबूबा मुफ्ती और सलमान खुर्शीद के ईरान दौरे को भाजपा ने राजनीतिक नज़रिए से देखने योग्य बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह और केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने शुक्रवार, 3 जुलाई को नई दिल्ली में राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। दोनों नेताओं ने एकसुर में कहा कि इस मामले में दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा और विशेष जांच दल (SIT) की जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

SIT जांच और सरकार का रुख

आरपी सिंह ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बैंक अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

साध्वी निरंजन ज्योति ने भी इस बात पर ज़ोर दिया कि SIT की जांच रिपोर्ट आने के बाद सभी तथ्य सामने आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी तीर्थस्थल पर इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े प्रबंध और सख्त कार्रवाई ज़रूरी है।

विपक्ष पर पलटवार

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल की टिप्पणी पर आरपी सिंह ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि सिब्बल ने पहले अदालत में राम मंदिर मामले का फैसला टालने की माँग की थी। उनका आरोप था कि सिब्बल ने 'राम मंदिर का फैसला रोकने की पूरी कोशिश की थी और अब एक घटना को आधार बनाकर बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं।' उन्होंने कहा कि इनका उद्देश्य केवल सनातन पर सवाल उठाना है।

कांग्रेस नेता केसी. वेणुगोपाल द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे पत्र पर साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि इस विवाद से देशभर के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने याद दिलाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों लोगों ने वर्षों तक संघर्ष और त्याग किया है।

महबूबा मुफ्ती और सलमान खुर्शीद के ईरान दौरे पर प्रतिक्रिया

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की मौजूदगी पर आरपी सिंह ने कहा कि दोनों निजी तौर पर उस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह उनके व्यक्तिगत संबंधों का विषय हो सकता है, 'लेकिन भारत में उनके इस दौरे को राजनीतिक नज़रिए से भी देखा जाएगा।'

केजरीवाल पर निशाना और अमरनाथ यात्रा

साध्वी निरंजन ज्योति ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले वह मंदिर जाने का विरोध करते थे और अब राम मंदिर जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उनकी सच्ची आस्था थी तो वे पहले क्यों नहीं गए। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के मुद्दे को कई लोगों ने राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया है।

अमरनाथ यात्रा के संदर्भ में आरपी सिंह ने इसे सभी शिवभक्तों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र धार्मिक यात्रा बताया। साध्वी निरंजन ज्योति ने प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया संदेश का समर्थन करते हुए यात्रियों को शुभकामनाएं दीं और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान को सराहनीय बताया।

SIT की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि चढ़ावा विवाद में कितने और किस स्तर के लोग शामिल थे — और क्या यह मामला केवल प्रशासनिक चूक था या संगठित अनियमितता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जांच का दायरा कितना स्वतंत्र और पारदर्शी रहेगा। गौरतलब है कि तीर्थस्थलों पर वित्तीय अनियमितताओं के मामले नए नहीं हैं — और बिना संस्थागत सुधार के केवल दंडात्मक कार्रवाई दीर्घकालिक समाधान नहीं है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
राम मंदिर चढ़ावा विवाद अयोध्या के राम मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़ी कथित अनियमितताओं से संबंधित है। इस मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है और बैंक अधिकारियों से पूछताछ जारी है।
राम मंदिर मामले में SIT जांच कहाँ तक पहुँची है?
भाजपा नेता आरपी सिंह के अनुसार SIT जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। बैंक अधिकारियों से पूछताछ हो रही है और ज़रूरत पड़ने पर अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
कपिल सिब्बल ने राम मंदिर विवाद पर क्या कहा और भाजपा ने क्या जवाब दिया?
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने इस विवाद पर टिप्पणी की थी, जिस पर भाजपा के आरपी सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि सिब्बल ने पहले अदालत में राम मंदिर का फैसला टालने की माँग की थी और अब एक घटना को आधार बनाकर बयानबाज़ी कर रहे हैं।
साध्वी निरंजन ज्योति ने केजरीवाल पर क्या आरोप लगाए?
साध्वी निरंजन ज्योति ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल पहले मंदिर जाने का विरोध करते थे और अब राम मंदिर जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उनकी आस्था सच्ची थी तो वे पहले क्यों नहीं गए।
महबूबा मुफ्ती और सलमान खुर्शीद के ईरान दौरे पर भाजपा का क्या कहना है?
भाजपा के आरपी सिंह ने कहा कि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद निजी तौर पर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनके व्यक्तिगत संबंधों का विषय हो सकता है, लेकिन भारत में इस दौरे को राजनीतिक नज़रिए से भी देखा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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