राम मंदिर चढ़ावा विवाद: इंद्रेश कुमार बोले — SIT जांच स्वतंत्र, दोषी साबित हुए तो मिलेगी सख्त सजा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने 28 जून 2026 को रायपुर में पत्रकारों से बात करते हुए राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता दी गई है और यदि किसी की भी संलिप्तता सिद्ध होती है तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
SIT जांच और पारदर्शिता का आश्वासन
इंद्रेश कुमार ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच एसआईटी (SIT) कर रही है। उनके अनुसार सरकार, ट्रस्ट और संबंधित संगठनों ने जांच में पूरा सहयोग दिया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अन्य संस्थाएं भी पारदर्शिता के साथ इस प्रक्रिया में भागीदार हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि गड़बड़ी साबित होने पर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।
भूपेश बघेल की टिप्पणी पर पलटवार
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) और RSS की तुलना महमूद गजनवी से किए जाने पर इंद्रेश कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान केवल समाज में भ्रम उत्पन्न करते हैं और विपक्ष को आलोचना के बजाय देश के विकास में सकारात्मक योगदान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश न्याय और संविधान के मार्ग पर अग्रसर है और रहेगा।
प्रियांक खड़गे के पत्र पर सवाल
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे द्वारा RSS प्रमुख को संगठन की कानूनी स्थिति और वित्तीय पारदर्शिता की मांग करते हुए लिखे गए पत्र पर इंद्रेश कुमार ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति से उसके घर और निजी खर्चों का हिसाब माँगा जाने लगे तो यह व्यावहारिक नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसे सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले अपने निजी और व्यावसायिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करने चाहिए। इंद्रेश कुमार ने खड़गे पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने जो इमारतें और फैक्ट्रियां बनाई हैं, उनका हिसाब-किताब क्या है।
कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हाल ही में भोपाल के एक कार्यक्रम में कहा था कि संघ में भीड़ तो बढ़ी है लेकिन अच्छे लोगों की कमी आ गई है और सरकार आने के बाद हर अधिकारी खुद को RSS से जोड़ने लगा है। इस पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि ऐसी टिप्पणियाँ संगठन के कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने में असमर्थ हैं, बल्कि ये उन्हें और दृढ़ बनाती हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई के रास्ते पर चलने वालों को आलोचनाओं का सामना करना पड़ता ही है।
आगे क्या होगा
इंद्रेश कुमार ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि कुछ तत्व जानबूझकर देश में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और समाज को ऐसे प्रयासों से सतर्क रहना चाहिए। SIT की जांच जारी है और उसके निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। राम मंदिर चढ़ावा विवाद में जवाबदेही सुनिश्चित करने की माँग विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से लगातार उठ रही है।