पीयूष गोयल: 2047 तक $30 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लिए सर्कुलर इकोनॉमी और निष्पक्ष व्यापार अनिवार्य
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 12 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भारतीय व्यापार महोत्सव के उद्घाटन समारोह में भारतीय उद्योग जगत, कारोबारियों और नागरिकों से निष्पक्ष व्यापार, रीसाइक्लिंग, पुनः उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2047 तक $30 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब आर्थिक विकास के साथ-साथ टिकाऊ और जिम्मेदार कारोबारी मॉडल को भी अपनाया जाए। वर्तमान में भारत की अर्थव्यवस्था लगभग $4 ट्रिलियन की है।
वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भागीदारी
गोयल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती आर्थिक भागीदारी और विभिन्न देशों के साथ मजबूत होते व्यापारिक संबंध भारतीय उद्योगों के लिए असाधारण अवसर लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में नौ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) संपन्न किए हैं, जिनकी बदौलत भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्राथमिकता-आधारित पहुँच मिल रही है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ पुनर्गठित हो रही हैं और भारत के पास एक विश्वसनीय विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरने का ऐतिहासिक मौका है।
निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि
मंत्री ने भारत के निर्यात प्रदर्शन की सराहना करते हुए बताया कि पिछले छह वर्षों में देश का निर्यात लगभग 73 प्रतिशत बढ़ा है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से जुलाई अवधि में निर्यात में करीब 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार ने चालू वर्ष के लिए $1 ट्रिलियन निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है। गोयल ने कहा कि देश के एमएसएमई, किसान, मछुआरे, उद्यमी, श्रमिक और सेवा क्षेत्र ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सर्कुलर इकोनॉमी और जलवायु जिम्मेदारी
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए गोयल ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था को टिकाऊ विकास के सिद्धांतों पर आधारित होना होगा। उन्होंने उद्योग जगत से रीसाइक्लिंग, पुनः उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उनके अनुसार, संसाधनों के बेहतर उपयोग से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि आर्थिक दक्षता भी बढ़ेगी। गौरतलब है कि यह आह्वान ऐसे समय में आया है जब भारत पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्बन उत्सर्जन घटाने का दबाव बढ़ रहा है।
डिजिटलीकरण और 'मेक इन इंडिया' पर जोर
मंत्री ने कारोबारियों और उद्यमियों से अपने व्यवसायों के डिजिटलीकरण पर जोर देने, बेहतर विनिर्माण प्रक्रियाएँ अपनाने और निष्पक्ष व्यापारिक प्रथाओं का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, डिजाइन और नवाचार पर विशेष ध्यान देकर 'मेक इन इंडिया' ब्रांड को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्टैंड-अप इंडिया जैसी सरकारी पहलों और बुनियादी ढाँचे में बड़े निवेश का भी उल्लेख किया।
आत्मनिर्भरता और वैश्विक महत्वाकांक्षा
गोयल ने कहा कि यदि भारतीय उपभोक्ता अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों को अपनाते हैं, तो उत्पादन बढ़ेगा, बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्था विकसित होगी और भारतीय कंपनियाँ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और मजबूत बनेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उद्योग जगत, एमएसएमई, किसान, मछुआरे, श्रमिक और उद्यमियों के सामूहिक प्रयास भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में स्थापित करेंगे। आने वाले वर्षों में भारत के पास वैश्विक विकास गाथा का प्रमुख केंद्र बनने का अवसर है।