12 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीयूष गोयल: 2047 तक $30 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लिए सर्कुलर इकोनॉमी और निष्पक्ष व्यापार अनिवार्य

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीयूष गोयल: 2047 तक $30 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लिए सर्कुलर इकोनॉमी और निष्पक्ष व्यापार अनिवार्य

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय व्यापार महोत्सव में साफ संदेश दिया — $4 ट्रिलियन से $30 ट्रिलियन का सफर सिर्फ उत्पादन बढ़ाने से नहीं, बल्कि सर्कुलर इकोनॉमी, 9 FTA का लाभ उठाने और $1 ट्रिलियन निर्यात लक्ष्य हासिल करने से तय होगा।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने 12 अगस्त 2026 को भारतीय व्यापार महोत्सव में उद्योग जगत से सर्कुलर इकोनॉमी और निष्पक्ष व्यापार अपनाने का आह्वान किया।
भारत की अर्थव्यवस्था वर्तमान में लगभग $4 ट्रिलियन ; सरकार का लक्ष्य 2047 तक $30 ट्रिलियन ।
पिछले छह वर्षों में निर्यात में 73% की वृद्धि; अप्रैल-जुलाई 2026 में 15% की बढ़त।
सरकार ने चालू वर्ष के लिए $1 ट्रिलियन निर्यात का लक्ष्य तय किया है।
केंद्र ने 9 मुक्त व्यापार समझौते (FTA) संपन्न किए, जिससे भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्राथमिकता-आधारित पहुँच मिल रही है।
गोयल ने डिजिटल इंडिया , स्टार्टअप इंडिया और स्टैंड-अप इंडिया को विकास के प्रमुख स्तंभ बताया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 12 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भारतीय व्यापार महोत्सव के उद्घाटन समारोह में भारतीय उद्योग जगत, कारोबारियों और नागरिकों से निष्पक्ष व्यापार, रीसाइक्लिंग, पुनः उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2047 तक $30 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब आर्थिक विकास के साथ-साथ टिकाऊ और जिम्मेदार कारोबारी मॉडल को भी अपनाया जाए। वर्तमान में भारत की अर्थव्यवस्था लगभग $4 ट्रिलियन की है।

वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भागीदारी

गोयल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती आर्थिक भागीदारी और विभिन्न देशों के साथ मजबूत होते व्यापारिक संबंध भारतीय उद्योगों के लिए असाधारण अवसर लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में नौ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) संपन्न किए हैं, जिनकी बदौलत भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्राथमिकता-आधारित पहुँच मिल रही है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ पुनर्गठित हो रही हैं और भारत के पास एक विश्वसनीय विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरने का ऐतिहासिक मौका है।

निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि

मंत्री ने भारत के निर्यात प्रदर्शन की सराहना करते हुए बताया कि पिछले छह वर्षों में देश का निर्यात लगभग 73 प्रतिशत बढ़ा है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से जुलाई अवधि में निर्यात में करीब 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार ने चालू वर्ष के लिए $1 ट्रिलियन निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है। गोयल ने कहा कि देश के एमएसएमई, किसान, मछुआरे, उद्यमी, श्रमिक और सेवा क्षेत्र ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

सर्कुलर इकोनॉमी और जलवायु जिम्मेदारी

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए गोयल ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था को टिकाऊ विकास के सिद्धांतों पर आधारित होना होगा। उन्होंने उद्योग जगत से रीसाइक्लिंग, पुनः उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उनके अनुसार, संसाधनों के बेहतर उपयोग से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि आर्थिक दक्षता भी बढ़ेगी। गौरतलब है कि यह आह्वान ऐसे समय में आया है जब भारत पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्बन उत्सर्जन घटाने का दबाव बढ़ रहा है।

डिजिटलीकरण और 'मेक इन इंडिया' पर जोर

मंत्री ने कारोबारियों और उद्यमियों से अपने व्यवसायों के डिजिटलीकरण पर जोर देने, बेहतर विनिर्माण प्रक्रियाएँ अपनाने और निष्पक्ष व्यापारिक प्रथाओं का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, डिजाइन और नवाचार पर विशेष ध्यान देकर 'मेक इन इंडिया' ब्रांड को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्टैंड-अप इंडिया जैसी सरकारी पहलों और बुनियादी ढाँचे में बड़े निवेश का भी उल्लेख किया।

आत्मनिर्भरता और वैश्विक महत्वाकांक्षा

गोयल ने कहा कि यदि भारतीय उपभोक्ता अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों को अपनाते हैं, तो उत्पादन बढ़ेगा, बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्था विकसित होगी और भारतीय कंपनियाँ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और मजबूत बनेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उद्योग जगत, एमएसएमई, किसान, मछुआरे, श्रमिक और उद्यमियों के सामूहिक प्रयास भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में स्थापित करेंगे। आने वाले वर्षों में भारत के पास वैश्विक विकास गाथा का प्रमुख केंद्र बनने का अवसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन $4 ट्रिलियन से इस मुकाम तक पहुँचने के लिए जिस रफ्तार की जरूरत है, वह भारत के ऐतिहासिक विकास दर से कहीं अधिक है। सर्कुलर इकोनॉमी और निष्पक्ष व्यापार की बात सराहनीय है, लेकिन इन्हें नीतिगत ढाँचे में बाध्यकारी बनाए बिना ये महज आह्वान बनकर रह सकते हैं। 9 FTA की उपलब्धि उल्लेखनीय है, परंतु आलोचकों का कहना है कि इनके वास्तविक लाभ अभी तक MSME स्तर तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुँचे हैं। असली परीक्षा यह है कि $1 ट्रिलियन निर्यात लक्ष्य और सर्कुलर इकोनॉमी की प्रतिबद्धता — दोनों एक साथ कैसे साधी जाएँगी, जबकि घरेलू विनिर्माण अभी भी वैश्विक मानकों से पीछे है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने 2047 तक $30 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लिए क्या रोडमैप बताया?
गोयल के अनुसार, $4 ट्रिलियन से $30 ट्रिलियन के लक्ष्य तक पहुँचने के लिए निष्पक्ष व्यापार, सर्कुलर इकोनॉमी, डिजिटलीकरण और वैश्विक बाजारों में सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसके साथ 9 FTA का लाभ उठाना और $1 ट्रिलियन निर्यात लक्ष्य हासिल करना भी इस रोडमैप का हिस्सा है।
भारत ने कितने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं और इनका क्या फायदा है?
केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में 9 मुक्त व्यापार समझौते (FTA) संपन्न किए हैं। इनकी बदौलत भारतीय कंपनियों, निर्यातकों और सेवा क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्राथमिकता-आधारित पहुँच मिल रही है।
भारत का निर्यात लक्ष्य क्या है और हालिया प्रदर्शन कैसा रहा है?
सरकार ने चालू वर्ष के लिए $1 ट्रिलियन निर्यात का लक्ष्य तय किया है। पिछले छह वर्षों में निर्यात लगभग 73% बढ़ा है, जबकि अप्रैल से जुलाई 2026 की अवधि में करीब 15% की वृद्धि दर्ज की गई है।
सर्कुलर इकोनॉमी से भारतीय उद्योगों को क्या फायदा होगा?
गोयल के अनुसार, रीसाइक्लिंग और पुनः उपयोग पर आधारित सर्कुलर इकोनॉमी से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि संसाधनों के बेहतर उपयोग से आर्थिक दक्षता भी बढ़ेगी। यह जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी सहायक होगा।
भारतीय व्यापार महोत्सव में और कौन-सी प्रमुख बातें कही गईं?
गोयल ने कारोबारियों से व्यवसायों के डिजिटलीकरण, बेहतर विनिर्माण प्रक्रियाओं और 'मेक इन इंडिया' ब्रांड को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्टैंड-अप इंडिया जैसी सरकारी पहलों को विकास के प्रमुख स्तंभ बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले