27 सितंबर 2026
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गुवाहाटी में ₹177 करोड़ की अंडरग्राउंड केबलिंग परियोजना मंजूर, 18 किमी में बदलेगा शहर का स्वरूप

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गुवाहाटी में ₹177 करोड़ की अंडरग्राउंड केबलिंग परियोजना मंजूर, 18 किमी में बदलेगा शहर का स्वरूप

सारांश

गुवाहाटी के आसमान से तारों का जाल हटाने की दिशा में असम सरकार ने ₹177 करोड़ की अंडरग्राउंड केबलिंग परियोजना को हरी झंडी दे दी है। 5 प्रमुख कॉरिडोर में 18 किमी का यह कदम पूर्वोत्तर के सबसे बड़े शहर के शहरी स्वरूप को बदलने का वादा करता है।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 27 सितंबर 2026 को गुवाहाटी अंडरग्राउंड केबलिंग परियोजना की मंजूरी की घोषणा की।
परियोजना की अनुमानित लागत ₹177 करोड़ से अधिक है।
शहर के पाँच चिन्हित कॉरिडोर में करीब 18 किलोमीटर क्षेत्र में बिजली और संचार की ओवरहेड तारें भूमिगत की जाएंगी।
परियोजना का उद्देश्य गुवाहाटी के शहरी स्वरूप को सुधारना और नागरिक बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाना है।
गुवाहाटी पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा शहरी केंद्र और प्रमुख व्यावसायिक प्रवेश द्वार है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 27 सितंबर 2026 को गुवाहाटी अंडरग्राउंड केबलिंग परियोजना को स्वीकृति मिलने की घोषणा की, जिसके तहत शहर के प्रमुख मार्गों पर बिछी बिजली और संचार की ओवरहेड तारों को भूमिगत किया जाएगा। ₹177 करोड़ से अधिक की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना गुवाहाटी के पाँच चिन्हित कॉरिडोर में करीब 18 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगी।

परियोजना का स्वरूप और दायरा

परियोजना के अंतर्गत गुवाहाटी के पाँच प्रमुख कॉरिडोर में बिजली और दूरसंचार की मौजूदा ओवरहेड केबलों को हटाकर उनके स्थान पर भूमिगत नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इससे सड़कों के ऊपर तारों के उलझे जाल से स्थायी मुक्ति मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि परियोजना का मूल उद्देश्य गुवाहाटी के शहरी आसमान और दृश्य-स्वरूप को बेहतर बनाना है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'आपकी आसमान की तस्वीरें सबसे खूबसूरत नजारों की हकदार हैं।'

शहरी बुनियादी ढाँचे पर असर

गुवाहाटी पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा शहरी केंद्र और प्रमुख व्यापारिक प्रवेश द्वार है। तेजी से बढ़ती आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण शहर के नागरिक बुनियादी ढाँचे पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। अंडरग्राउंड केबलिंग से न केवल सौंदर्य में सुधार होगा, बल्कि आँधी-तूफान जैसी आपदाओं के दौरान बिजली-आपूर्ति भंग होने के जोखिम में भी कमी आने की संभावना है।

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब गुवाहाटी तेजी से शहरी विस्तार की ओर अग्रसर है और बेहतर नागरिक सुविधाओं की माँग निरंतर बढ़ रही है। गौरतलब है कि देश के कई महानगरों — मुंबई, बेंगलुरु और नई दिल्ली के कुछ हिस्सों — में भी अंडरग्राउंड केबलिंग को शहरी नवीनीकरण का अहम हिस्सा माना जाता रहा है।

सरकार का नजरिया

असम सरकार ने इस परियोजना को शहर के बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाने और उसकी सुंदरता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया है। मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, इससे गुवाहाटी को अधिक साफ-सुथरा और व्यवस्थित शहर बनाने में मदद मिलेगी।

परियोजना को मिली मंजूरी से चिन्हित कॉरिडोर में बिजली के खंभों पर लटकती तारों की समस्या से भी निजात मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जो व्यस्त शहरी क्षेत्रों की दशा को प्रभावित करती रही हैं।

आगे का रास्ता

परियोजना की विस्तृत क्रियान्वयन समय-सीमा अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है। हालाँकि, सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि कार्य चरणबद्ध तरीके से पाँचों कॉरिडोर में संचालित किया जाएगा। यह परियोजना गुवाहाटी को पूर्वोत्तर भारत के एक आधुनिक और सुनियोजित शहरी केंद्र के रूप में स्थापित करने की व्यापक योजना का हिस्सा मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह पूरे शहर में विस्तार पाएगी या केवल चुनिंदा कॉरिडोर तक सीमित रहेगी। मुख्यधारा की रिपोर्टिंग प्रायः परियोजना के क्रियान्वयन की समय-सीमा और ठेकेदार चयन की पारदर्शिता जैसे पहलुओं को नजरअंदाज कर देती है, जो किसी भी सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे की परियोजना की सफलता के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुवाहाटी अंडरग्राउंड केबलिंग परियोजना क्या है?
यह असम सरकार द्वारा मंजूर ₹177 करोड़ से अधिक की परियोजना है, जिसके तहत गुवाहाटी के पाँच प्रमुख कॉरिडोर में करीब 18 किलोमीटर क्षेत्र में बिजली और संचार की ओवरहेड तारों को भूमिगत किया जाएगा। इसका उद्देश्य शहर के दृश्य-स्वरूप को सुधारना और नागरिक बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाना है।
इस परियोजना की कुल लागत कितनी है?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, परियोजना को ₹177 करोड़ से अधिक की अनुमानित लागत पर मंजूरी दी गई है। यह राशि पाँच चिन्हित कॉरिडोर में भूमिगत नेटवर्क स्थापित करने पर खर्च होगी।
गुवाहाटी के किन इलाकों में यह परियोजना लागू होगी?
परियोजना गुवाहाटी के पाँच चिन्हित कॉरिडोर में लागू होगी, जिनमें कुल करीब 18 किलोमीटर क्षेत्र शामिल है। इन मार्गों पर बिजली और दूरसंचार की ओवरहेड केबलें हटाकर भूमिगत नेटवर्क बिछाया जाएगा।
इस परियोजना से गुवाहाटी के निवासियों को क्या फायदा होगा?
परियोजना से सड़कों के ऊपर तारों के उलझे जाल से निजात मिलेगी, शहर का स्वरूप साफ-सुथरा होगा और बिजली-आपूर्ति अधिक विश्वसनीय बनने की संभावना है। साथ ही, आँधी-तूफान के दौरान ओवरहेड तारों के टूटने से होने वाले नुकसान में भी कमी आ सकती है।
क्या यह पहल पूर्वोत्तर भारत में पहली बार हो रही है?
गुवाहाटी पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा शहरी केंद्र है और इस पैमाने पर अंडरग्राउंड केबलिंग परियोजना इस क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय कदम है। देश के अन्य महानगरों में इस तरह की पहल पहले हो चुकी है, लेकिन पूर्वोत्तर में यह शहरी नवीनीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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