असम कैबिनेट का बड़ा फैसला: बोडोलैंड को ₹450 करोड़, गुवाहाटी एयरोट्रोपोलिस के लिए ₹2,100 करोड़ मंजूर
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को दिसपुर स्थित लोक सेवा भवन में हुई राज्य कैबिनेट बैठक में एक साथ कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) को विकास कार्यों के लिए ₹450 करोड़ की पहली किस्त जारी करना, गुवाहाटी एयरोट्रोपोलिस सैटेलाइट सिटी परियोजना हेतु ₹2,100 करोड़ की स्वीकृति, और युवाओं, पिछड़े वर्गों तथा किसानों से जुड़े कई अहम नीतिगत बदलाव शामिल हैं। बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने इन फैसलों का विस्तृत ब्यौरा साझा किया।
बोडोलैंड और बुनियादी ढाँचे के लिए बड़ा आवंटन
कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए BTC को 'स्टेट ओन प्रायोरिटी डेवलपमेंट फंड-जनरल' (SOPD-G) के अंतर्गत ₹450 करोड़ की पहली किस्त को मंजूरी दी। यह राशि बोडोलैंड क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से जारी की जाएगी। गौरतलब है कि बोडो शांति समझौते (2020) के बाद से BTC को केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर विशेष विकास निधि मिलती रही है।
इसके साथ ही, गुवाहाटी एयरोट्रोपोलिस सैटेलाइट सिटी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और विकास कार्यों हेतु ₹2,100 करोड़ की स्वीकृति दी गई। यह परियोजना गुवाहाटी को एक आधुनिक विमानन-केंद्रित नगर के रूप में विकसित करने की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है।
युवा कल्याण और कौशल विकास के फैसले
कैबिनेट ने 'मुख्यमंत्री जीवन प्रेरणा योजना' के लिए ₹118.58 करोड़ के बजट प्रावधान को मंजूरी दी। इस योजना के तहत 2025 में चुने गए 48,366 उम्मीदवारों को शेष 10 महीनों के लिए प्रतिमाह ₹2,500 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
'सीएम-फ्लाइट' (मुख्यमंत्री की वैश्विक मानव प्रतिभा के लिए विदेशी भाषा पहल) योजना में भुगतान की व्यवस्था को नए सिरे से तय किया गया है। अब प्रशिक्षण सहायता राशि तीन किस्तों में जारी होगी — प्रशिक्षण के तीन और छह महीने बाद ₹30,000-₹30,000 की दो किस्तें, और प्रशिक्षण पूर्ण होने तथा विदेशी भाषा दक्षता प्रमाण-पत्र जमा करने पर ₹40,000 की अंतिम किस्त।
सरकारी नियुक्तियों में पुलिस सत्यापन अनिवार्य
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि कैबिनेट ने सरकारी सेवा में नियुक्त उम्मीदवारों के चरित्र, पृष्ठभूमि, राष्ट्रीयता और दस्तावेजों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन को मंजूरी दी है। नियुक्ति के छह महीने के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा। नियुक्तियों में विलंब न हो, इसके लिए नोटरी-प्रमाणित हलफनामे की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी।
ओबीसी प्रमाण-पत्र, आधार और कृषि कर में राहत
कैबिनेट ने उन समुदायों के लिए राज्य के प्रारूप वाला ओबीसी 'नॉन-क्रीमी लेयर' प्रमाण-पत्र जारी करने की मंजूरी दी, जो असम की राज्य ओबीसी सूची में शामिल हैं किंतु केंद्रीय ओबीसी सूची में नहीं। इससे इन समुदायों को राज्य सरकार की नौकरियों और राज्य-संचालित शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।
मोरन और मटाक समुदायों के 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के नए आधार एनरोलमेंट पर लगी रोक में 31 मार्च 2027 तक ढील दी गई है, जिससे इन समुदायों के हज़ारों लोग अब आधार बनवा सकेंगे।
कृषि क्षेत्र को राहत देते हुए कैबिनेट ने तय किया कि कुल कृषि आय के पहले ₹10 लाख पर कृषि आयकर से पूर्ण छूट दी जाएगी। यह निर्णय टैक्स स्लैब और छूट सीमाओं में संशोधन के बाद लिया गया है।
ऊर्जा और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश
कैबिनेट ने नामरूप सोलर पीवी परियोजना (क्षमता: 25 मेगावाट) से उत्पादित समस्त विक्रय-योग्य बिजली के लिए 25 वर्षीय बिजली खरीद समझौते (PPA) को मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त, जागीरोड में फाइव-स्टार होटल निर्माण के लिए लीज डीड को भी स्वीकृति दी गई, जो राज्य में पर्यटन और आतिथ्य उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है।
यह ऐसे समय में आया है जब असम सरकार पूर्वोत्तर में निवेश आकर्षित करने और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रही है। इन निर्णयों के क्रियान्वयन पर सभी की नज़रें रहेंगी।