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असम नवंबर से रोज़ाना 4.8 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स निर्यात करेगा: CM हिमंता बिस्वा सरमा

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असम नवंबर से रोज़ाना 4.8 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स निर्यात करेगा: CM हिमंता बिस्वा सरमा

सारांश

असम अब केवल चाय और तेल का राज्य नहीं रहेगा — नवंबर 2026 से जागीरोड की टाटा सेमीकंडक्टर यूनिट रोज़ाना 4.8 करोड़ चिप्स वैश्विक बाज़ारों में भेजेगी। CM सरमा के अनुसार दो और सेमीकंडक्टर परियोजनाएँ पाइपलाइन में हैं — पूर्वोत्तर भारत की औद्योगिक कहानी तेज़ी से बदल रही है।

मुख्य बातें

असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 22 जून 2026 को घोषणा की कि राज्य नवंबर 2026 से रोज़ाना 4.8 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्यात करेगा।
मोरीगांव जिले के जागीरोड में निर्माणाधीन टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग यूनिट से यह निर्यात होगा।
असम पिछले सात-आठ वर्षों से 12-13 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है — राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक।
राज्य सरकार ने दो और सेमीकंडक्टर परियोजनाओं के लिए समझौते पक्के किए हैं।
CM ने कहा — अगले 3-4 वर्षों में असम बिजली सरप्लस राज्य बन जाएगा।
गुवाहाटी जुलाई 2026 में दो उच्चस्तरीय बैठकों की मेज़बानी करेगा।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 22 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक टीवी समिट में घोषणा की कि राज्य नवंबर 2026 से रोज़ाना 4.8 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्यात शुरू करेगा। यह निर्यात मोरीगांव जिले के जागीरोड में निर्माणाधीन टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग यूनिट से होगा, जो असम को भारत के उभरते सेमीकंडक्टर मानचित्र पर एक निर्णायक स्थान दिलाएगा।

टाटा सेमीकंडक्टर यूनिट: क्या है तैयारी

मुख्यमंत्री सरमा ने समिट में कहा, 'नवंबर से टाटा सेमीकंडक्टर असम से चिप्स का एक्सपोर्ट शुरू करेगा। हम गुवाहाटी से दुनियाभर के बाज़ारों में रोज़ाना लगभग 48 मिलियन चिप्स एक्सपोर्ट करेंगे।' उन्होंने बताया कि इस सुविधा केंद्र में तैयार होने वाले उत्पादों में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने पहले से ही उल्लेखनीय रुचि दिखाई है।

गौरतलब है कि जागीरोड स्थित यह प्लांट भारत की पहली बड़े पैमाने की सेमीकंडक्टर असेंबली इकाइयों में से एक है, जो पूर्वोत्तर भारत में स्थापित हो रही है — एक ऐसा क्षेत्र जो परंपरागत रूप से औद्योगिक निवेश की दृष्टि से पिछड़ा माना जाता था।

असम की आर्थिक वृद्धि: राष्ट्रीय औसत से आगे

मुख्यमंत्री ने बताया कि असम पिछले सात-आठ वर्षों से 12-13 प्रतिशत की निरंतर आर्थिक वृद्धि दर्ज कर रहा है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। उन्होंने इस विस्तार का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए लगातार निवेश, बुनियादी ढाँचे के विकास और औद्योगिक प्रोत्साहन को दिया।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और चीन पर निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक विनिर्माण केंद्र विकसित करने में जुटा है।

दो और सेमीकंडक्टर परियोजनाएँ पाइपलाइन में

सरमा ने खुलासा किया कि राज्य सरकार ने असम में दो और बड़े सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट के लिए समझौते पक्के कर लिए हैं। उनके अनुसार, इन परियोजनाओं से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में असम की स्थिति और सुदृढ़ होगी।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में भी बड़े लक्ष्यों की बात की। उन्होंने कहा, 'हम ग्रीन एनर्जी और बिजली उत्पादन की दिशा में तेज़ी से काम कर रहे हैं। अगले तीन से चार वर्षों में असम बिजली के मामले में सरप्लस राज्य बन जाएगा।' सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए निर्बाध और सस्ती बिजली की उपलब्धता एक बुनियादी ज़रूरत है, इसलिए यह लक्ष्य औद्योगिक रणनीति के साथ सीधे जुड़ा हुआ है।

गुवाहाटी में उच्चस्तरीय बैठकें: पूर्वोत्तर को केंद्र में लाने का संकेत

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि गुवाहाटी जुलाई 2026 में दो उच्चस्तरीय बैठकों की मेज़बानी करेगा। सरमा ने इसे पूर्वोत्तर के विकास के प्रति प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए कहा, 'ये बैठकें देश में कहीं भी हो सकती थीं, लेकिन ये गुवाहाटी में हो रही हैं। इससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर को भारत की विकास गाथा के केंद्र में रखना चाहते हैं।'

यदि नवंबर की समयसीमा के अनुसार निर्यात शुरू होता है, तो असम न केवल पूर्वोत्तर भारत का पहला सेमीकंडक्टर निर्यातक बनेगा, बल्कि वैश्विक चिप आपूर्ति श्रृंखला में भारत की साख को भी नई ऊँचाई देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी समयसीमा की पालना होगी — भारत में बड़े सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट अक्सर देरी के शिकार रहे हैं। नवंबर 2026 की डेडलाइन मात्र पाँच महीने दूर है, और जागीरोड यूनिट की निर्माण प्रगति की स्वतंत्र पुष्टि अभी सार्वजनिक नहीं है। दो अतिरिक्त सेमीकंडक्टर समझौतों का उल्लेख बिना विवरण के किया गया — निवेश राशि, कंपनियों के नाम और उत्पादन क्षमता का खुलासा न होना सवाल खड़े करता है। पूर्वोत्तर में औद्योगिक छलाँग की कहानी वास्तविक है, पर इसे तथ्यों की कड़ी निगरानी की ज़रूरत है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम से सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्यात कब और कहाँ से शुरू होगा?
CM हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, नवंबर 2026 से मोरीगांव जिले के जागीरोड स्थित टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग यूनिट से रोज़ाना 4.8 करोड़ चिप्स का वैश्विक निर्यात शुरू होगा।
टाटा सेमीकंडक्टर यूनिट असम में कहाँ बन रही है?
यह यूनिट असम के मोरीगांव जिले के जागीरोड में निर्माणाधीन है। यह पूर्वोत्तर भारत की पहली बड़े पैमाने की सेमीकंडक्टर असेंबली इकाइयों में से एक है।
असम की आर्थिक वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से कितनी अधिक है?
CM सरमा के अनुसार असम पिछले सात-आठ वर्षों से 12-13 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। इस वृद्धि का श्रेय निरंतर निवेश और बुनियादी ढाँचे के विकास को दिया गया है।
असम में और कितने सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट आने वाले हैं?
CM सरमा ने बताया कि राज्य सरकार ने दो और बड़े सेमीकंडक्टर परियोजनाओं के लिए समझौते पक्के कर लिए हैं, हालाँकि इन परियोजनाओं की कंपनियों के नाम और निवेश राशि का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
असम के सेमीकंडक्टर हब बनने से पूर्वोत्तर भारत को क्या फ़ायदा होगा?
सेमीकंडक्टर विनिर्माण से रोज़गार, तकनीकी कौशल विकास और विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ेगा। इसके अलावा, CM सरमा ने कहा कि गुवाहाटी जुलाई 2026 में दो उच्चस्तरीय बैठकों की मेज़बानी करेगा, जो पूर्वोत्तर को भारत की विकास गाथा के केंद्र में स्थापित करने का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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