साणंद में सीजी सेमी OSAT का उद्घाटन: मोदी बोले — भारत अब चिप निर्माता, 500 करोड़ चिप्स का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को गुजरात के साणंद में सीजी सेमी की आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा का औपचारिक उद्घाटन किया और भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में ऐतिहासिक कदम करार दिया। इस संयंत्र में फिलहाल प्रतिवर्ष 20 करोड़ चिप्स का उत्पादन होगा, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 500 करोड़ चिप्स प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य घटनाक्रम
मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि वर्ष 2024 में इस परियोजना का शिलान्यास हुआ था, अगस्त 2025 में परीक्षण-चिप्स का उत्पादन आरंभ हुआ और अब औपचारिक उद्घाटन के साथ व्यावसायिक चिप पैकेजिंग शुरू हो चुकी है। उन्होंने इसे हजारों कर्मियों की मेहनत, तकनीकी दक्षता और उद्योग जगत की प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।
यह संयंत्र भारत, जापान और थाईलैंड के औद्योगिक साझेदारों के सहयोग से स्थापित किया गया है। मोदी ने इसे केवल व्यावसायिक परियोजना नहीं, बल्कि तकनीक, विश्वास और वैश्विक साझेदारी का मॉडल बताया।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति का अगला चरण
मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 की तुलना में देश का मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग 7 गुना बढ़ा है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में करीब 11 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता और निर्यातक बन चुका है।
गौरतलब है कि सरकार की रणनीति अब केवल अंतिम उत्पाद निर्माण तक सीमित नहीं — लक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक्स की पूरी वैल्यू चेन को भारत में विकसित करना है: उत्पाद से कंपोनेंट्स और अब सेमीकंडक्टर तक।
साणंद बनेगा भारत की सिलिकॉन वैली
मोदी ने साणंद को भविष्य का प्रमुख सेमीकंडक्टर क्लस्टर बताते हुए कहा कि जैसे अमेरिका की सिलिकॉन वैली, ताइवान का साइंस पार्क और जापान के तकनीकी क्लस्टर वैश्विक औद्योगिक विकास के केंद्र बने, वैसे ही साणंद भी भारत का प्रमुख सेमीकंडक्टर केंद्र बनेगा। यहाँ चिप पैकेजिंग के साथ-साथ केमिकल उद्योग, टेस्टिंग लैब, डिजाइन सेंटर और सहायक उद्योग विकसित होंगे, जिससे हजारों नए रोजगार सृजित होंगे।
आदिवासी बेटियों की भूमिका
प्रधानमंत्री ने झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों की उन युवतियों का विशेष उल्लेख किया, जिन्होंने ITI जैसी संस्थाओं से शिक्षा लेकर मलेशिया में आधुनिक सेमीकंडक्टर तकनीक का प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब भारत में चिप निर्माण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हैं। उन्होंने कहा कि इन युवाओं का आत्मविश्वास और तकनीकी दक्षता भारत के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है।
सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और आगे की राह
मोदी ने घोषणा की कि 2026 तक पाँच सेमीकंडक्टर सुविधाओं के संचालन का लक्ष्य है — मूल लक्ष्य चार था जो अब बढ़कर पाँच हो गया है। उन्होंने कहा कि केवल छह महीनों में तीन परियोजनाओं में उत्पादन शुरू होना भारत की नीति-स्थिरता और तेज क्रियान्वयन क्षमता का प्रमाण है।
सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य चिप डिजाइन से लेकर फैब्रिकेशन और पैकेजिंग तक पूरा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम भारत में विकसित करना है। मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा — 'आइडिया आपका, साथ मेरा।' उन्होंने सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की क्रांति को अनुसंधान, डिजाइन, स्टार्टअप, नवाचार और सप्लाई चेन प्रबंधन में नए अवसरों का स्रोत बताया।