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साणंद में PM मोदी ने किया भारत के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन, चिप निर्माण में आत्मनिर्भरता को नई रफ्तार

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साणंद में PM मोदी ने किया भारत के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन, चिप निर्माण में आत्मनिर्भरता को नई रफ्तार

सारांश

साणंद में भारत का तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट चालू हो गया — फरवरी और मार्च के बाद तीसरी बड़ी उपलब्धि। भारत, जापान और थाईलैंड की साझेदारी से बना यह OSAT प्लांट चिप आयात-निर्भरता घटाने और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की स्थिति मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को गुजरात के साणंद में सीजी सेमी OSAT सुविधा का उद्घाटन किया — यह भारत का तीसरा चालू सेमीकंडक्टर प्लांट है।
इससे पहले 28 फरवरी को पहला और 31 मार्च को दूसरा सेमीकंडक्टर प्लांट चालू किया गया था।
केंद्रीय कैबिनेट ने कुल 12 सेमीकंडक्टर प्लांट को मंजूरी दी है; तीन में व्यावसायिक उत्पादन शुरू।
यह प्लांट भारत, जापान और थाईलैंड के उद्योग साझेदारों का संयुक्त उद्यम है।
प्लांट में अगस्त 2025 में परीक्षण चिप का काम शुरू हुआ था; 2024 में शिलान्यास हुआ था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को गुजरात के साणंद में सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा का औपचारिक उद्घाटन किया — जो भारत का तीसरा चालू सेमीकंडक्टर प्लांट है। इस प्लांट में चिप पैकेजिंग का व्यावसायिक उत्पादन आज से शुरू हो गया है, जिसे सरकार देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम बता रही है।

मुख्य घटनाक्रम

उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, '5 साल पहले भारत ने संकल्प लिया था कि देश को सेमीकंडक्टर हब बनाएंगे। हम 'डिजाइन इंडिया, मेक इन इंडिया' के मंत्र को लेकर आगे बढ़े और आज देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट में भी चिप पैकेजिंग का कॉमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो रहा है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 2024 में इस प्लांट का शिलान्यास हुआ था, अगस्त 2025 में परीक्षण चिप का कार्य आरंभ हुआ और अब पूर्ण व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया है।

मोदी ने इस परियोजना को भारत, जापान और थाईलैंड के उद्योग साझेदारों के संयुक्त प्रयास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यावसायिक उद्यम नहीं, बल्कि 'टेक्नोलॉजी, भरोसे और साझेदारी का ऐसा मॉडल है, जो भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा को नई गति देने वाला है।'

सरकार की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अवसर पर कहा कि पिछले 60 वर्षों से देश में चिप उद्योग विकसित करने की कोशिशें चल रही थीं, लेकिन अब यह सपना साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पहले 28 फरवरी को पहला और 31 मार्च को दूसरा सेमीकंडक्टर प्लांट चालू किया गया था। वैष्णव ने यह भी कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने कुल 12 सेमीकंडक्टर प्लांट को मंजूरी दी है, जिनमें से तीन में अब व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है।

आम जनता और उद्योग पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए आयातित चिप पर भारी निर्भरता से जूझ रहा है। सीजी सेमी OSAT सुविधा के चालू होने से घरेलू चिप निर्माण क्षमता बढ़ेगी और आयात-निर्भरता में कमी आने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभरेगा।

गौरतलब है कि सेमीकंडक्टर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स — स्मार्टफोन से लेकर रक्षा प्रणालियों तक — की रीढ़ हैं। वैश्विक चिप संकट के बाद से अमेरिका, यूरोपीय संघ और चीन सहित तमाम देश घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने की होड़ में हैं।

क्या होगा आगे

सरकार के अनुसार, मंजूरी प्राप्त 12 प्लांटों में से शेष नौ परियोजनाएँ विभिन्न चरणों में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरी तरह चालू होने पर भारत की चिप निर्माण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। भारत-जापान-थाईलैंड की त्रिपक्षीय साझेदारी का यह मॉडल भविष्य की परियोजनाओं के लिए एक संदर्भ बिंदु बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अभी सार्वजनिक नहीं हैं। OSAT सुविधाएँ चिप पैकेजिंग और असेंबली करती हैं, न कि वेफर फैब्रिकेशन — यानी भारत अभी भी चिप डिज़ाइन और फैब्रिकेशन की उच्च-मूल्य कड़ियों से दूर है। 12 में से 9 मंजूर प्लांटों की स्थिति अस्पष्ट रहना और वैश्विक प्रतिस्पर्धियों — ताइवान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका — की तुलना में भारत की क्षमता अभी बहुत सीमित है। साझेदारी का मॉडल सही दिशा में है, पर 'सेमीकंडक्टर हब' का दर्जा पाने के लिए फैब्रिकेशन क्षमता में निवेश अपरिहार्य होगा।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साणंद में उद्घाटित सीजी सेमी OSAT प्लांट क्या है?
सीजी सेमी OSAT (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) सुविधा गुजरात के साणंद में स्थित भारत का तीसरा चालू सेमीकंडक्टर प्लांट है, जहाँ चिप पैकेजिंग और परीक्षण का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हुआ है। यह भारत, जापान और थाईलैंड के उद्योग साझेदारों का संयुक्त उद्यम है।
भारत में अब तक कितने सेमीकंडक्टर प्लांट चालू हो चुके हैं?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, 28 फरवरी को पहला, 31 मार्च को दूसरा और 4 जुलाई को तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट चालू हुआ है। कैबिनेट ने कुल 12 प्लांट को मंजूरी दी है।
इस प्लांट का निर्माण कब शुरू हुआ था?
इस प्लांट का शिलान्यास 2024 में प्रधानमंत्री मोदी ने किया था। अगस्त 2025 में परीक्षण चिप का कार्य शुरू हुआ और 4 जुलाई 2026 को व्यावसायिक उत्पादन के साथ औपचारिक उद्घाटन हुआ।
इस सेमीकंडक्टर प्लांट से भारत को क्या फायदा होगा?
सरकार के अनुसार, इस प्लांट से घरेलू चिप निर्माण क्षमता बढ़ेगी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए आयातित चिप पर निर्भरता कम होगी। इससे वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला में भारत की भागीदारी मजबूत होने की उम्मीद है।
OSAT सुविधा और पूर्ण सेमीकंडक्टर फैब में क्या अंतर है?
OSAT सुविधाएँ तैयार चिप की असेंबली, पैकेजिंग और परीक्षण करती हैं, जबकि पूर्ण फैब्रिकेशन इकाइयाँ सिलिकॉन वेफर से चिप का निर्माण करती हैं। साणंद का यह प्लांट OSAT श्रेणी का है, जो चिप आपूर्ति शृंखला की महत्वपूर्ण लेकिन अंतिम कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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