साणंद में सीजी सेमी OSAT प्लांट का शुभारंभ: PM मोदी ने चिप व्यावसायिक उत्पादन की शुरुआत की
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को गुजरात के साणंद स्थित सीजी सेमी प्रा. लिमिटेड की आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (OSAT) सुविधा का औपचारिक शुभारंभ किया, जिससे भारत में पहली बार सेमीकंडक्टर चिप्स का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हुआ। ₹7,600 करोड़ की लागत से निर्मित इस संयंत्र को केंद्रीय कैबिनेट ने फरवरी 2024 में भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत मंजूरी दी थी। लॉन्च के तुरंत बाद कंपनी देश और विदेश के ग्राहकों को चिप्स की आपूर्ति शुरू करेगी।
मुख्य घटनाक्रम
शुभारंभ समारोह में केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने संयंत्र में विभिन्न सेमीकंडक्टर प्रक्रियाओं का निरीक्षण किया और इसके बाद एक सार्वजनिक सभा को संबोधित किया।
सीजी सेमी, सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की सहायक कंपनी है, जिसमें जापान की रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स और थाईलैंड की स्टार माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स की संयुक्त भागीदारी है।
उत्पादन क्षमता और तकनीक
इस OSAT सुविधा में QFN (क्वाड फ्लैट नो-लीड), QFP (क्वाड फ्लैट पैकेज) जैसी लेगेसी चिप्स के साथ-साथ FC-BGA (फ्लिप चिप बॉल ग्रिड ऐरे) और FC-CSP (फ्लिप चिप-चिप स्केल पैकेज) जैसी आधुनिक चिप्स का निर्माण होगा। ये चिप्स ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक उपकरणों, 5G और पावर एप्लिकेशन क्षेत्रों की आवश्यकताएँ पूरी करेंगी।
सीजी सेमी का एक दूसरा OSAT संयंत्र निर्माणाधीन है। दोनों सुविधाएँ मिलकर प्रतिदिन 1.5 करोड़ चिप्स का उत्पादन करेंगी। वर्तमान में संयंत्र में 300 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं और अगले पाँच वर्षों में 5,000 प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोज़गार सृजित होने का अनुमान है।
साणंद: ऑटो हब से चिप हब तक
एक समय ऑटोमोबाइल उद्योग के केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले साणंद का परिवर्तन उल्लेखनीय है। फरवरी 2026 में माइक्रोन टेक्नोलॉजी की ATMP सुविधा और मार्च 2026 में केन्स सेमीकॉन की OSAT सुविधा के बाद अब सीजी सेमी के संयंत्र के शुरू होने से साणंद भारत के पहले चिप पैकेजिंग क्लस्टर के रूप में उभर रहा है। इसकी तुलना ताइवान के सिंशु और दक्षिण कोरिया के ग्योंगी जैसे वैश्विक सेमीकंडक्टर केंद्रों से की जा रही है।
गौरतलब है कि गुजरात सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत 6 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है — टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोन टेक्नोलॉजी, सीजी सेमी, केन्स सेमीकॉन, सुची सेमीकॉन और क्रिस्टल मैट्रिक्स — जिनके ज़रिए कुल 14.7 अरब डॉलर का निवेश हो रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया और दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा, "हमारा लक्ष्य केवल एक फैक्ट्री स्थापित करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एक संपूर्ण इकोसिस्टम बनाना है। भारत अब सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन पर फोकस कर रहा है, जिसमें डिज़ाइन इंजीनियर से लेकर मशीन निर्माता और लॉजिस्टिक्स तक के सभी स्तर शामिल हैं।" उन्होंने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' को इसी दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने देश की पहली समर्पित सेमीकंडक्टर नीति घोषित की थी। राज्य सरकार ने तेज़ मंजूरी प्रक्रिया, आधुनिक बुनियादी ढाँचे और व्यवसाय-अनुकूल शासन के ज़रिए इस क्षेत्र को निरंतर समर्थन दिया है।
आगे की राह
सुची सेमीकॉन और क्रिस्टल मैट्रिक्स को हाल ही में नई सेमीकंडक्टर इकाइयाँ स्थापित करने की मंजूरी मिली है। सीजी सेमी का दूसरा संयंत्र भी निर्माणाधीन है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर साणंद वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति को और मज़बूत करेगा।