स्क्वैश में भारत की बड़ी छलांग: IOA CEO रघुराम अय्यर बोले — हर जिले में कोर्ट बनाना है लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रघुराम अय्यर ने 17 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मान समारोह में कहा कि IOA, स्क्वैश फेडरेशन ऑफ इंडिया के साथ मिलकर देश के अधिक से अधिक जिलों में स्क्वैश कोर्ट स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अनाहत सिंह ने महज 18 वर्ष की आयु में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतकर भारतीय स्क्वैश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है।
मुख्य घटनाक्रम
यह सम्मान समारोह HACL स्क्वैश और स्क्वैश फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर रघुराम अय्यर ने कहा, 'हम स्क्वैश में हुई प्रगति को देखकर बहुत खुश हैं। हमारा मकसद इस खेल को सभी के लिए सुलभ बनाना है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब अस्थायी कोर्ट उपलब्ध हैं जिन्हें आसानी से और कम निवेश में लगाया जा सकता है, जिससे जमीनी स्तर पर खेल को फैलाना संभव हो गया है।
स्क्वैश की पहुँच बढ़ाने की रणनीति
अय्यर ने बताया कि पहले युवा खिलाड़ियों के लिए स्क्वैश कोर्ट तक पहुँच एक बड़ी चुनौती थी। अब IOA और फेडरेशन मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जो भी इस खेल को अपनाना चाहे, उसे कम से कम कोर्ट तक पहुँच तो मिले। उन्होंने कहा, 'IOA सभी खेलों को लोकप्रिय बनाने के लिए नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के साथ मिलकर काम करेगा।'
2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारी
आगामी 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक को लेकर अय्यर ने कहा कि भाग लेने वाले एथलीटों की अंतिम संख्या अगले एक वर्ष में तय की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि यह संख्या पेरिस ओलंपिक में भाग लेने वाले भारतीय एथलीटों की संख्या के आसपास रहेगी। इसके अलावा, 2028 LA ओलंपिक में क्रिकेट के शामिल होने को लेकर भी तैयारियाँ जोरों पर हैं, जिससे भारत को पदक की उम्मीद है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी
भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा, जो अहमदाबाद में आयोजित होंगे। अय्यर ने बताया कि इन खेलों में 15 से 17 खेलों को शामिल किए जाने की संभावना है और अगले वर्ष की शुरुआत तक खेलों की अंतिम सूची जारी होने की उम्मीद है। स्पोर्ट्स प्रोग्राम अभी तैयार किया जा रहा है।
क्या होगा आगे
अनाहत सिंह की ऐतिहासिक जीत के बाद स्क्वैश के प्रति युवाओं में बढ़ती रुचि को देखते हुए IOA और स्क्वैश फेडरेशन का यह कदम महत्वपूर्ण है। जिला स्तर पर कोर्ट निर्माण की योजना अगर ज़मीन पर उतरती है, तो भारत अगले एक दशक में स्क्वैश में वैश्विक ताकत के रूप में उभर सकता है।