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स्क्वैश में भारत की बड़ी छलांग: IOA CEO रघुराम अय्यर बोले — हर जिले में कोर्ट बनाना है लक्ष्य

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स्क्वैश में भारत की बड़ी छलांग: IOA CEO रघुराम अय्यर बोले — हर जिले में कोर्ट बनाना है लक्ष्य

सारांश

अनाहत सिंह की वर्ल्ड जूनियर खिताब जीत के बाद IOA CEO रघुराम अय्यर ने साफ कहा — स्क्वैश अब सिर्फ शहरों का खेल नहीं रहेगा। हर जिले में कोर्ट पहुँचाने की योजना, कम निवेश में अस्थायी कोर्ट का फॉर्मूला, और 2028 व 2030 की बड़ी तैयारियाँ — भारतीय खेल जगत में बदलाव की बयार है।

मुख्य बातें

IOA CEO रघुराम अय्यर ने 17 अगस्त को कहा कि IOA और स्क्वैश फेडरेशन मिलकर अधिकतम जिलों में स्क्वैश कोर्ट बनाने पर काम कर रहे हैं।
अनाहत सिंह ने 18 वर्ष की उम्र में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीती, जिसने भारतीय स्क्वैश को नई ऊँचाई दी।
अस्थायी कोर्ट की सुविधा से कम निवेश में जमीनी स्तर पर खेल को फैलाना संभव हो रहा है।
2028 LA ओलंपिक में भारतीय एथलीटों की संख्या पेरिस ओलंपिक के आसपास रहने का अनुमान; क्रिकेट को लेकर तैयारियाँ जारी।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी अहमदाबाद करेगा; 15 से 17 खेलों को शामिल करने की योजना, अंतिम सूची अगले वर्ष की शुरुआत में।

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रघुराम अय्यर ने 17 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मान समारोह में कहा कि IOA, स्क्वैश फेडरेशन ऑफ इंडिया के साथ मिलकर देश के अधिक से अधिक जिलों में स्क्वैश कोर्ट स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अनाहत सिंह ने महज 18 वर्ष की आयु में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतकर भारतीय स्क्वैश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है।

मुख्य घटनाक्रम

यह सम्मान समारोह HACL स्क्वैश और स्क्वैश फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर रघुराम अय्यर ने कहा, 'हम स्क्वैश में हुई प्रगति को देखकर बहुत खुश हैं। हमारा मकसद इस खेल को सभी के लिए सुलभ बनाना है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब अस्थायी कोर्ट उपलब्ध हैं जिन्हें आसानी से और कम निवेश में लगाया जा सकता है, जिससे जमीनी स्तर पर खेल को फैलाना संभव हो गया है।

स्क्वैश की पहुँच बढ़ाने की रणनीति

अय्यर ने बताया कि पहले युवा खिलाड़ियों के लिए स्क्वैश कोर्ट तक पहुँच एक बड़ी चुनौती थी। अब IOA और फेडरेशन मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जो भी इस खेल को अपनाना चाहे, उसे कम से कम कोर्ट तक पहुँच तो मिले। उन्होंने कहा, 'IOA सभी खेलों को लोकप्रिय बनाने के लिए नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के साथ मिलकर काम करेगा।'

2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारी

आगामी 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक को लेकर अय्यर ने कहा कि भाग लेने वाले एथलीटों की अंतिम संख्या अगले एक वर्ष में तय की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि यह संख्या पेरिस ओलंपिक में भाग लेने वाले भारतीय एथलीटों की संख्या के आसपास रहेगी। इसके अलावा, 2028 LA ओलंपिक में क्रिकेट के शामिल होने को लेकर भी तैयारियाँ जोरों पर हैं, जिससे भारत को पदक की उम्मीद है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी

भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा, जो अहमदाबाद में आयोजित होंगे। अय्यर ने बताया कि इन खेलों में 15 से 17 खेलों को शामिल किए जाने की संभावना है और अगले वर्ष की शुरुआत तक खेलों की अंतिम सूची जारी होने की उम्मीद है। स्पोर्ट्स प्रोग्राम अभी तैयार किया जा रहा है।

क्या होगा आगे

अनाहत सिंह की ऐतिहासिक जीत के बाद स्क्वैश के प्रति युवाओं में बढ़ती रुचि को देखते हुए IOA और स्क्वैश फेडरेशन का यह कदम महत्वपूर्ण है। जिला स्तर पर कोर्ट निर्माण की योजना अगर ज़मीन पर उतरती है, तो भारत अगले एक दशक में स्क्वैश में वैश्विक ताकत के रूप में उभर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 'हर जिले में कोर्ट' की घोषणा एक ठोस रोडमैप के साथ आती है या यह एक और सद्इच्छा बयान है। भारत में बैडमिंटन और टेनिस की जमीनी पहुँच बढ़ाने के वादे दशकों से होते रहे हैं, लेकिन क्रियान्वयन अक्सर पीछे रह गया। अस्थायी कोर्ट का फॉर्मूला आशाजनक है, लेकिन बिना प्रशिक्षित कोचों और स्थानीय प्रतियोगिताओं के ढाँचे के, केवल कोर्ट होना पर्याप्त नहीं। IOA को यह स्पष्ट करना होगा कि जिला स्तर पर कोर्ट निर्माण की समयसीमा और बजट आवंटन क्या है — तभी यह घोषणा वास्तविक बदलाव का संकेत मानी जाएगी।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रघुराम अय्यर ने स्क्वैश कोर्ट को लेकर क्या कहा?
IOA CEO रघुराम अय्यर ने कहा कि IOA और स्क्वैश फेडरेशन ऑफ इंडिया मिलकर अधिक से अधिक जिलों में स्क्वैश कोर्ट बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब अस्थायी कोर्ट उपलब्ध हैं जिन्हें कम निवेश में आसानी से लगाया जा सकता है।
अनाहत सिंह ने कौन सा खिताब जीता और उनकी उम्र क्या है?
अनाहत सिंह ने महज 18 वर्ष की आयु में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीता। यह भारतीय स्क्वैश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में भारत की क्या तैयारी है?
IOA CEO के अनुसार, भाग लेने वाले एथलीटों की अंतिम संख्या अगले एक वर्ष में तय की जाएगी और यह पेरिस ओलंपिक की संख्या के आसपास रहने की उम्मीद है। 2028 ओलंपिक में क्रिकेट के शामिल होने को लेकर भी तैयारियाँ जोरों पर हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 कहाँ होंगे और इसमें कितने खेल शामिल होंगे?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी भारत के अहमदाबाद शहर में होगी। इसमें 15 से 17 खेलों को शामिल किए जाने की योजना है और खेलों की अंतिम सूची अगले वर्ष की शुरुआत में जारी होने की उम्मीद है।
भारत में स्क्वैश को जमीनी स्तर पर कैसे बढ़ावा दिया जा रहा है?
IOA और स्क्वैश फेडरेशन ऑफ इंडिया अस्थायी कोर्ट के माध्यम से खेल को जिला स्तर तक पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें कम लागत में स्थापित किया जा सकता है। लक्ष्य यह है कि जो भी युवा स्क्वैश खेलना चाहे, उसे कम से कम कोर्ट तक पहुँच मिल सके।
राष्ट्र प्रेस
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