अनाहत सिंह वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश फाइनल में, 21 साल बाद भारत को मिला ऐतिहासिक मौका
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने 25 जुलाई 2026 को वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में मिस्र की बारब सामेह (3/4 वरीयता) को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ अनाहत 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं — यानी 21 साल का लंबा इंतज़ार अब खत्म होने की कगार पर है।
मुख्य घटनाक्रम
शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत ने मैच की शुरुआत दमदार अंदाज़ में की और पहला गेम 11-3 से अपने नाम किया। इसके बाद सामेह ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम 11-8 से जीतकर मुकाबला बराबर कर दिया। हालाँकि, अनाहत ने अपना संयम बनाए रखा और तीसरा व चौथा गेम क्रमशः 11-4 और 11-6 से जीतकर फाइनल का टिकट सुनिश्चित किया।
अनाहत की प्रतिक्रिया
जीत के बाद अनाहत ने कहा, 'मैं सच में बहुत खुश हूँ। मैंने कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में बारब के साथ खेला था और वह भी ऐसा ही कड़ा मुकाबला था, इसलिए मुझे पता था कि मुझे बहुत अच्छा खेलना होगा।' उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले दिन वह अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं खेल पाई थीं, इसलिए इस मैच में उन्होंने पूरी तैयारी के साथ कोर्ट पर कदम रखा। अनाहत ने यह भी कहा, 'मैंने चार वर्ल्ड जूनियर टूर्नामेंट खेले हैं और क्वार्टर-फाइनल व सेमीफाइनल में हार गई थी, इसलिए फाइनल में पहुँचने से मेरे माता-पिता और कोच बहुत खुश हैं, लेकिन टूर्नामेंट अभी खत्म नहीं हुआ है।'
फाइनल में प्रतिद्वंद्वी: रुकैया सलेम
अनाहत का सामना फाइनल में मिस्र की ही दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी रुकैया सलेम से होगा। सलेम ने अपने सेमीफाइनल में हमवतन और 3/4 वरीयता प्राप्त मलिका एलकाराक्सी को 11-5, 11-9, (गेम हारीं), 11-9 से हराया। गौरतलब है कि सलेम पिछले साल इसी चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थीं, और इस बार उन्होंने शुरुआत से ही मज़बूत पकड़ बनाए रखी। मैच के बाद भावुक सलेम ने कहा, 'मेरे पास अभी कहने के लिए शब्द नहीं हैं। मैंने इस पल के लिए बहुत मेहनत की है। पिछले साल इस इवेंट के लिए क्वालीफाई न कर पाना बहुत दुखद था।'
ऐतिहासिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय स्क्वैश लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मज़बूत कर रहा है। 2005 में जोशना चिनप्पा के फाइनल में पहुँचने के बाद से भारत इस मुकाम तक नहीं पहुँच सका था। अनाहत की यह उपलब्धि भारतीय जूनियर स्क्वैश के लिए एक नए युग की शुरुआत का संकेत है।
क्या होगा आगे
वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 का महिला फाइनल शनिवार को खेला जाएगा। अनाहत के पास यह ऐतिहासिक खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का सुनहरा अवसर है।