25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अनाहत सिंह वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश फाइनल में, 21 साल बाद भारत को मिला ऐतिहासिक मौका

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अनाहत सिंह वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश फाइनल में, 21 साल बाद भारत को मिला ऐतिहासिक मौका

सारांश

21 साल के इंतज़ार के बाद भारत का वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश फाइनल में वापसी — अनाहत सिंह ने मिस्र की बारब सामेह को चार गेम में हराकर इतिहास की दहलीज़ पर कदम रखा। अब शनिवार के फाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त रुकैया सलेम से होगी टक्कर।

मुख्य बातें

अनाहत सिंह ने 25 जुलाई 2026 को सेमीफाइनल में मिस्र की बारब सामेह को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराया।
अनाहत 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं — 21 साल बाद।
फाइनल में अनाहत का सामना मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुकैया सलेम से होगा।
सलेम ने सेमीफाइनल में हमवतन मलिका एलकाराक्सी को 11-5, 11-9 (तीसरा गेम हारकर) 11-9 से हराया।
महिला फाइनल शनिवार को खेला जाएगा; अनाहत पहली भारतीय महिला विश्व जूनियर चैंपियन बनने से एक जीत दूर हैं।

भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने 25 जुलाई 2026 को वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में मिस्र की बारब सामेह (3/4 वरीयता) को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ अनाहत 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं — यानी 21 साल का लंबा इंतज़ार अब खत्म होने की कगार पर है।

मुख्य घटनाक्रम

शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत ने मैच की शुरुआत दमदार अंदाज़ में की और पहला गेम 11-3 से अपने नाम किया। इसके बाद सामेह ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम 11-8 से जीतकर मुकाबला बराबर कर दिया। हालाँकि, अनाहत ने अपना संयम बनाए रखा और तीसरा व चौथा गेम क्रमशः 11-4 और 11-6 से जीतकर फाइनल का टिकट सुनिश्चित किया।

अनाहत की प्रतिक्रिया

जीत के बाद अनाहत ने कहा, 'मैं सच में बहुत खुश हूँ। मैंने कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में बारब के साथ खेला था और वह भी ऐसा ही कड़ा मुकाबला था, इसलिए मुझे पता था कि मुझे बहुत अच्छा खेलना होगा।' उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले दिन वह अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं खेल पाई थीं, इसलिए इस मैच में उन्होंने पूरी तैयारी के साथ कोर्ट पर कदम रखा। अनाहत ने यह भी कहा, 'मैंने चार वर्ल्ड जूनियर टूर्नामेंट खेले हैं और क्वार्टर-फाइनल व सेमीफाइनल में हार गई थी, इसलिए फाइनल में पहुँचने से मेरे माता-पिता और कोच बहुत खुश हैं, लेकिन टूर्नामेंट अभी खत्म नहीं हुआ है।'

फाइनल में प्रतिद्वंद्वी: रुकैया सलेम

अनाहत का सामना फाइनल में मिस्र की ही दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी रुकैया सलेम से होगा। सलेम ने अपने सेमीफाइनल में हमवतन और 3/4 वरीयता प्राप्त मलिका एलकाराक्सी को 11-5, 11-9, (गेम हारीं), 11-9 से हराया। गौरतलब है कि सलेम पिछले साल इसी चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थीं, और इस बार उन्होंने शुरुआत से ही मज़बूत पकड़ बनाए रखी। मैच के बाद भावुक सलेम ने कहा, 'मेरे पास अभी कहने के लिए शब्द नहीं हैं। मैंने इस पल के लिए बहुत मेहनत की है। पिछले साल इस इवेंट के लिए क्वालीफाई न कर पाना बहुत दुखद था।'

ऐतिहासिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय स्क्वैश लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मज़बूत कर रहा है। 2005 में जोशना चिनप्पा के फाइनल में पहुँचने के बाद से भारत इस मुकाम तक नहीं पहुँच सका था। अनाहत की यह उपलब्धि भारतीय जूनियर स्क्वैश के लिए एक नए युग की शुरुआत का संकेत है।

क्या होगा आगे

वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 का महिला फाइनल शनिवार को खेला जाएगा। अनाहत के पास यह ऐतिहासिक खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का सुनहरा अवसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन खिताब जीतना एक अलग और कठिन परीक्षा होगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनाहत सिंह वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश फाइनल में कैसे पहुँचीं?
अनाहत सिंह ने 25 जुलाई 2026 को सेमीफाइनल में मिस्र की बारब सामेह को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। वह 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं।
वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश 2026 का फाइनल कब और किनके बीच होगा?
महिला फाइनल शनिवार को खेला जाएगा, जिसमें भारत की अनाहत सिंह का सामना मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुकैया सलेम से होगा। सलेम ने सेमीफाइनल में अपनी हमवतन मलिका एलकाराक्सी को हराया।
21 साल का सूखा क्या है जिसका ज़िक्र हो रहा है?
2005 में जोशना चिनप्पा वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फाइनल में पहुँचने वाली आखिरी भारतीय खिलाड़ी थीं। उसके बाद 21 साल तक कोई भारतीय इस मुकाम तक नहीं पहुँच सका, जब तक अनाहत ने 2026 में यह उपलब्धि हासिल नहीं की।
अनाहत सिंह की प्रतिद्वंद्वी रुकैया सलेम कौन हैं?
रुकैया सलेम मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त जूनियर स्क्वैश खिलाड़ी हैं। पिछले साल वह इसी चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थीं, लेकिन इस बार उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई।
क्या अनाहत सिंह पहले भी वर्ल्ड जूनियर टूर्नामेंट में खेल चुकी हैं?
हाँ, अनाहत के अनुसार उन्होंने इससे पहले चार वर्ल्ड जूनियर टूर्नामेंट खेले हैं, लेकिन क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। 2026 में वह पहली बार फाइनल में पहुँची हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 6 दिन पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले