26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अनाहत सिंह बनीं पहली भारतीय वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन, मिस्र का 15 साल का दबदबा तोड़ा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अनाहत सिंह बनीं पहली भारतीय वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन, मिस्र का 15 साल का दबदबा तोड़ा

सारांश

18 साल की अनाहत सिंह ने कनाडा के नियाग्रा में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश का महिला खिताब जीतकर इतिहास रचा — वे यह ताज पाने वाली पहली भारतीय और 2010 के बाद पहली गैर-मिस्र खिलाड़ी बनीं। मिस्र का 15 साल पुराना दबदबा टूटा।

मुख्य बातें

अनाहत सिंह ( 18 वर्ष ) वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं।
फाइनल में मिस्र की रुकैया सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराया।
2011 से चले आ रहे मिस्र के 15 साल के वर्चस्व को तोड़ा; 2010 के बाद पहली गैर-मिस्र चैंपियन।
पिछले साल इसी प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीता था; इस बार सीधे स्वर्णिम छलांग।
21 वर्षों में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय भी बनीं।

अनाहत सिंह ने 26 जुलाई 2025 को इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया — 18 वर्षीय यह भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का महिला खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। कनाडा के ओंटारियो स्थित नियाग्रा-ऑन-द-लेक में आयोजित वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर इंडिविजुअल चैंपियनशिप के फाइनल में उन्होंने मिस्र की दूसरी सीड खिलाड़ी रुकैया सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।

मुख्य घटनाक्रम

वर्ल्ड नंबर 20 और टॉप सीड अनाहत ने फाइनल में एकतरफा दबदबे के साथ तीन गेम में जीत दर्ज की। इससे पहले शुक्रवार रात के सेमीफाइनल में उन्होंने मिस्र की बारब सामेह को चार गेम में हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। यह उन्हें 21 वर्षों में वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बनाता है।

गौरतलब है कि पिछले साल इसी प्रतियोगिता में अनाहत सेमीफाइनल तक पहुँची थीं और ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार उन्होंने एक कदम और आगे बढ़कर स्वर्णिम इतिहास रचा।

मिस्र का 15 साल का वर्चस्व टूटा

अनाहत की यह जीत महज एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि स्क्वैश की दुनिया में एक बड़ा भूचाल है। वे 2010 में अमेरिका की अमांडा सोभी के बाद इस खिताब को जीतने वाली पहली गैर-मिस्र खिलाड़ी बनी हैं। 2011 से मिस्र की खिलाड़ियों ने लगातार इस खिताब पर कब्ज़ा बनाए रखा था — अनाहत ने 15 साल के उस अटूट सिलसिले को तोड़ दिया।

खिलाड़ी की प्रतिक्रिया

सेमीफाइनल में जीत के बाद अनाहत ने कहा था, 'मैं सच में बहुत खुश हूँ। मैंने कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में बारब के खिलाफ खेला था और वह भी ऐसा ही कड़ा मुकाबला था, इसलिए मुझे पता था कि मुझे बहुत अच्छा खेलना होगा। कल मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखाया था और मुझे पता था कि आज मुझे कोर्ट पर उतरकर दिखाना होगा कि मैं क्या कर सकती हूँ। मैंने चार वर्ल्ड जूनियर टूर्नामेंट खेले हैं और क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में हार गई थी, इसलिए फाइनल में पहुँचने से मेरे माता-पिता और कोच बहुत खुश हैं, लेकिन टूर्नामेंट अभी खत्म नहीं हुआ है।'

पुरुष वर्ग में मिस्र का दबदबा जारी

पुरुष वर्ग में मिस्र की ताकत बरकरार रही। टॉप सीड मोहम्मद जकारिया ने अपने ही देश के सेफेल्डिन रेफे को सीधे गेम में हराकर लगातार चौथी बार फाइनल में जगह बनाई। उनका सामना मिस्र के दूसरे सीड खिलाड़ी एडम हवाल से होना है, जो उनके संभावित तीसरे वर्ल्ड जूनियर खिताब की राह में खड़े हैं।

आगे की राह

अनाहत की यह जीत भारतीय स्क्वैश के लिए एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत ओलंपिक में स्क्वैश को शामिल कराने की पैरवी कर रहा है। 18 साल की उम्र में विश्व खिताब जीतने वाली अनाहत अब सीनियर सर्किट में और बड़ी उपलब्धियों की दावेदार बन गई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या इसे एक व्यवस्थित पाइपलाइन में बदलेंगे। स्क्वैश अभी भी ओलंपिक से बाहर है, और अनाहत जैसी प्रतिभा को वह वैश्विक मंच नहीं मिल रहा जिसकी वह हकदार है। यह जीत उस माँग को और तेज़ करेगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनाहत सिंह ने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप कैसे जीती?
अनाहत सिंह ने नियाग्रा-ऑन-द-लेक (कनाडा) में आयोजित वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर इंडिविजुअल चैंपियनशिप के महिला फाइनल में मिस्र की दूसरी सीड रुकैया सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराया। सेमीफाइनल में उन्होंने मिस्र की बारब सामेह को चार गेम में पराजित किया था।
अनाहत सिंह की यह जीत ऐतिहासिक क्यों है?
वे वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। इसके अलावा वे 2010 में अमेरिका की अमांडा सोभी के बाद यह खिताब जीतने वाली पहली गैर-मिस्र खिलाड़ी भी बनीं, जिससे मिस्र का 2011 से चला आ रहा 15 साल का एकाधिकार टूट गया।
अनाहत सिंह की उम्र और रैंकिंग क्या है?
अनाहत सिंह की उम्र 18 वर्ष है और वे वर्ल्ड नंबर 20 हैं। इस चैंपियनशिप में वे टॉप सीड के रूप में उतरी थीं।
पुरुष वर्ग में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का फाइनल कैसा रहा?
पुरुष वर्ग में मिस्र के टॉप सीड मोहम्मद जकारिया ने अपने देश के सेफेल्डिन रेफे को सीधे गेम में हराकर लगातार चौथी बार फाइनल में जगह बनाई। उनका मुकाबला मिस्र के दूसरे सीड एडम हवाल से होना है, और जकारिया अपने तीसरे वर्ल्ड जूनियर खिताब की ओर बढ़ रहे हैं।
अनाहत सिंह का पिछले वर्ल्ड जूनियर टूर्नामेंट में प्रदर्शन कैसा था?
पिछले साल इसी प्रतियोगिता में अनाहत सेमीफाइनल तक पहुँची थीं और ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उन्होंने खुद बताया कि उन्होंने चार वर्ल्ड जूनियर टूर्नामेंट खेले हैं, जिनमें वे क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में हारती रही थीं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 14 घंटे पहले
  2. कल
  3. 2 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले