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गुजरात बाढ़: 42,158 लोगों को सुरक्षित निकाला, 308 मवेशियों की मौत; उत्तरी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

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गुजरात बाढ़: 42,158 लोगों को सुरक्षित निकाला, 308 मवेशियों की मौत; उत्तरी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

सारांश

गुजरात में भारी बारिश के बाद 42,158 लोगों को सुरक्षित निकाला गया और 308 मवेशियों की मौत हुई। दक्षिण में राहत जारी है, लेकिन अगले 24 घंटों में उत्तरी जिलों — पाटन, बनासकांठा, मेहसाणा — में नई चुनौती की आशंका है। NDRF-SDRF तैनात, कलेक्टर हाई अलर्ट पर।

मुख्य बातें

42,158 लोगों को गुजरात के जोखिम वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार राज्यभर में 308 मवेशियों की मौत हुई है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर के SEOC में राहत कार्यों की समीक्षा की।
अगले 24 घंटों में पाटन, मेहसाणा, वाव-थराद और बनासकांठा में भारी बारिश का अनुमान।
NDRF और SDRF की टीमें उत्तरी जिलों में पहले ही तैनात।
नवसारी में जुलाई औसत का 97% और वलसाड में 93% वर्षा दर्ज, पिछले साल की इसी अवधि से अधिक।

गुजरात में कई दिनों की लगातार भारी बारिश के बाद राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत अभियान चलाते हुए अब तक 42,158 लोगों को जोखिम वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस बाढ़ में पूरे गुजरात में 308 मवेशियों की मौत हुई है, जबकि राहत और पुनर्वास कार्य तेज़ी से जारी हैं।

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार देर शाम गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (SEOC) में बारिश की बदलती स्थिति और राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में मुख्य सचिव एम.के. दास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) डॉ. जयंती रवि और राहत आयुक्त गौरव मकवाना भी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि एहतियात के तौर पर राज्यभर के संवेदनशील इलाकों से 42,158 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है। प्रभावित परिवारों को नकद सहायता देने का काम शुरू हो गया है और घर-गृहस्थी से जुड़ी मदद भी शीघ्र उपलब्ध कराई जाएगी।

दक्षिण से उत्तर की ओर बदला संकट

दक्षिण गुजरात में बारिश की तीव्रता कम होने के साथ ही राज्य का ध्यान बचाव कार्यों से हटकर प्रभावित जिलों में राहत और पुनर्वास पर केंद्रित हो गया है। यह ऐसे समय में हुआ है जब अगले 24 घंटों में उत्तरी गुजरात के पाटन, मेहसाणा, वाव-थराद और बनासकांठा जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

इसके मद्देनज़र राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें इन जिलों में पहले ही तैनात कर दी गई हैं।

वर्षा के आँकड़े: पिछले साल से आगे

राहत आयुक्त ने समीक्षा बैठक में बताया कि इस महीने कई जिलों में बारिश का स्तर पिछले वर्ष जुलाई की इसी अवधि को पार कर चुका है। जुलाई के मासिक औसत के मुकाबले वलसाड में 93%, नवसारी में 97%, डांग में 71%, सूरत में 81%, अहमदाबाद में 66% और अमरेली में 63% वर्षा दर्ज की जा चुकी है।

सरकार के निर्देश और आगे की कार्रवाई

मुख्यमंत्री पटेल ने प्रभावित इलाकों के जिला कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने और सभी ज़रूरी एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ का पानी उतरते ही प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सफाई अभियान, सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय और नुकसान आकलन सर्वे शुरू किए जाएँ। गौरतलब है कि बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए स्वास्थ्य उपायों को प्राथमिकता देना ज़रूरी है। आने वाले दिनों में उत्तरी जिलों की स्थिति पर सरकार की पैनी नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से अधिक लोगों की त्वरित निकासी और NDRF-SDRF की अग्रिम तैनाती सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन नवसारी में 97% और वलसाड में 93% वर्षा के आँकड़े बताते हैं कि यह असाधारण मौसमी घटना है। असली परीक्षा अब उत्तरी जिलों में होगी — जहाँ अगले 24 घंटे निर्णायक हैं — और उसके बाद पुनर्वास की गति और नुकसान मुआवज़े की पारदर्शिता में।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात बाढ़ में अब तक कितने लोगों को निकाला गया है?
अधिकारियों के अनुसार गुजरात के जोखिम वाले इलाकों से अब तक कुल 42,158 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। यह निकासी एहतियात के तौर पर की गई है और राहत-पुनर्वास कार्य जारी हैं।
गुजरात बाढ़ में मवेशियों को कितना नुकसान हुआ?
प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार हाल की भारी बारिश और बाढ़ में पूरे गुजरात में 308 मवेशियों की मौत हुई है। यह आँकड़ा समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सामने रखा गया।
गुजरात के किन जिलों में अभी भी भारी बारिश का खतरा है?
अधिकारियों के अनुसार अगले 24 घंटों में उत्तरी गुजरात के पाटन, मेहसाणा, वाव-थराद और बनासकांठा जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में NDRF और SDRF की टीमें पहले ही तैनात की जा चुकी हैं।
गुजरात सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या राहत उपाय किए हैं?
सरकार ने प्रभावित परिवारों को नकद सहायता देना शुरू कर दिया है और घर-गृहस्थी से जुड़ी मदद शीघ्र दिए जाने का आश्वासन दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को बाढ़ का पानी उतरते ही सफाई अभियान, स्वास्थ्य उपाय और नुकसान सर्वे तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
इस साल गुजरात में बारिश पिछले साल से कितनी ज़्यादा हुई है?
राहत आयुक्त के अनुसार कई जिलों में इस महीने की बारिश पिछले साल जुलाई की इसी अवधि से अधिक हो चुकी है। नवसारी में जुलाई औसत का 97%, वलसाड में 93%, सूरत में 81%, डांग में 71%, अहमदाबाद में 66% और अमरेली में 63% वर्षा दर्ज की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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