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सूरत बाढ़: CM भूपेंद्र पटेल ने की समीक्षा, 7,386 लोग बचाए; 358 मिमी बारिश का कहर

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सूरत बाढ़: CM भूपेंद्र पटेल ने की समीक्षा, 7,386 लोग बचाए; 358 मिमी बारिश का कहर

सारांश

सूरत में 358 मिमी बारिश ने तबाही मचाई — CM भूपेंद्र पटेल ने खुद मोर्चा संभाला। NDRF-SDRF ने 7,386 लोगों को बचाया। IMD की नई चेतावनी के बीच प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

मुख्य बातें

CM भूपेंद्र पटेल ने 9 जुलाई को सूरत नगर निगम कार्यालय में बाढ़ की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की।
बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल , गृह मंत्री हर्ष संघवी , वित्त मंत्री कनुभाई देसाई और स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया मौजूद रहे।
बुधवार तक 24 घंटों में सूरत में 358 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
NDRF और SDRF की टीमों ने जलमग्न इलाकों से 7,386 लोगों को सुरक्षित निकाला।
IMD ने गुजरात में आगे भी भारी बारिश की संभावना जताई है; प्रशासन हाई अलर्ट पर।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार, 9 जुलाई को सूरत नगर निगम कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक कर शहर में बाढ़ की गंभीर स्थिति की समीक्षा की। लगातार कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने सूरत के दर्जनों इलाकों को जलमग्न कर दिया है, जिससे राहत और बचाव दल युद्धस्तर पर काम में जुटे हैं।

समीक्षा बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी, वित्त मंत्री कनुभाई देसाई, स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। गृह मंत्री संघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'सूरत नगर निगम कार्यालय में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में भारी बारिश से बने हालात की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई।'

बारिश और बाढ़ का कहर — आँकड़े क्या कहते हैं

आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह तक बीते 24 घंटों में सूरत में करीब 358 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई — जो असाधारण रूप से अधिक है। इस भारी बारिश के चलते शहर के रिहायशी इलाकों, प्रमुख सड़कों, बाज़ारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक क्षेत्रों में पानी भर गया। यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और सामान्य जनजीवन ठप हो गया।

राहत और बचाव अभियान

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीमों ने जलमग्न इलाकों से 7,386 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। गुरुवार को बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आई, लेकिन कई निचले इलाकों में अभी भी जलस्तर ऊँचा बना हुआ है। प्रशासन पानी निकालने, आवश्यक सेवाएँ बहाल करने और प्रभावित नागरिकों की सहायता में जुटा है। राज्य में भारी बारिश के कारण कई लोगों की जान भी जाने की खबर है।

आगे क्या — मौसम विभाग की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुजरात के कुछ इलाकों में आगामी दिनों में फिर से भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने और सभी आवश्यक तैयारियाँ बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य अधिकारी दक्षिण गुजरात के मौसम पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं और स्थिति में किसी भी बदलाव के लिए तैयार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

386 लोगों का बचाव यह दर्शाता है कि शहरी बाढ़ प्रबंधन अभी भी प्रतिक्रियात्मक है, न कि निवारक। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात के तटीय और दक्षिणी जिले हर मानसून में इसी तरह की आपदा झेलते हैं। सवाल यह है कि उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें क्या दीर्घकालिक जल निकासी अवसंरचना में निवेश में तब्दील होती हैं — या हर साल यही चक्र दोहराया जाता है। IMD की अगली भारी बारिश की चेतावनी के बीच प्रशासन की तैयारी की असली परीक्षा अभी बाकी है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरत में बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर है?
सूरत में बुधवार तक 24 घंटों में 358 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर के रिहायशी इलाके, सड़कें, बाज़ार और औद्योगिक क्षेत्र जलमग्न हो गए। NDRF और SDRF की टीमों ने अब तक 7,386 लोगों को सुरक्षित निकाला है।
CM भूपेंद्र पटेल ने सूरत बाढ़ पर क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 9 जुलाई को सूरत नगर निगम कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें केंद्रीय और राज्य स्तर के मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। राहत और बचाव अभियान को तेज़ करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूरत बाढ़ राहत में कौन-सी एजेंसियाँ काम कर रही हैं?
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और अन्य सरकारी एजेंसियाँ संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। अब तक 7,386 लोगों को जलमग्न इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है।
गुजरात में आगे और बारिश होगी?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुजरात के कुछ इलाकों में आगामी दिनों में फिर से भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन को सतर्क रहने और सभी आवश्यक तैयारियाँ बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सूरत बाढ़ से आम जनता पर क्या असर पड़ा है?
भारी बारिश के कारण सूरत में यातायात बाधित हुआ, सामान्य जनजीवन ठप हो गया और कई लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कई लोगों की जान भी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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