चीन-रूस 'संयुक्त समुद्री-2026' अभ्यास: छिंगताओ से समुद्री प्रशिक्षण चरण शुरू
सारांश
मुख्य बातें
चीन और रूस की नौसेनाओं ने 9 जुलाई 2026 को 'संयुक्त समुद्री-2026' द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास के समुद्री प्रशिक्षण चरण में आधिकारिक प्रवेश किया। छिंगताओ के नौसैनिक बंदरगाह से रवाना हुए दोनों देशों के युद्धपोत निर्धारित समुद्री क्षेत्र में वास्तविक परिस्थितियों में प्रशिक्षण के लिए आगे बढ़े। यह अभ्यास 6 जुलाई को शुरू हुआ था और बंदरगाह नियोजन चरण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अब समुद्र में उतरा है।
अभ्यास का दायरा और संरचना
समुद्री प्रशिक्षण चरण छिंगताओ के निकटवर्ती समुद्री और हवाई क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है। इसमें भाग लेने वाले चीनी और रूसी अधिकारियों एवं सैनिकों ने बंदरगाह चरण के दौरान आपसी समन्वय और आदान-प्रदान गतिविधियों को अंजाम दिया, जिसने समुद्री चरण की नींव रखी।
मुख्य प्रशिक्षण विषय
योजना के अनुसार इस समुद्री चरण में चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा: संयुक्त टोही अभियान, वायु रक्षा और मिसाइल रक्षा, समुद्री हमले, तथा संयुक्त पनडुब्बी बचाव अभियान। इन विषयों का चयन दोनों नौसेनाओं की परिचालन अंतर-संचालनीयता को परखने और बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
रणनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब चीन और रूस के बीच रक्षा सहयोग लगातार गहरा हो रहा है। गौरतलब है कि दोनों देश पिछले कई वर्षों से 'संयुक्त समुद्री' श्रृंखला के अंतर्गत नियमित नौसैनिक अभ्यास आयोजित करते आए हैं। यह अभ्यास ऐसे भू-राजनीतिक परिदृश्य में हो रहा है जब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर वैश्विक ध्यान बढ़ा हुआ है।
आगे क्या
अभ्यास के समापन के बाद दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन समन्वय का मूल्यांकन किया जाएगा। इस श्रृंखला के भविष्य के संस्करण और अधिक जटिल परिदृश्यों को शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।