आईएनएस तरंगिणी ने श्रीलंका के सी राइडर्स के साथ समुद्री प्रशिक्षण में सफलता प्राप्त की
सारांश
Key Takeaways
- आईएनएस तरंगिणी ने श्रीलंका के सी राइडर्स के साथ सफल समुद्री प्रशिक्षण किया।
- प्रशिक्षण ने दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया।
- प्रशिक्षण में 26 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।
- कोलंबो में जहाज का स्वागत किया गया।
- यह यात्रा भारत-श्रीलंका समुद्री संबंधों को मजबूत बनाने में सहायक है।
नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना का पाल प्रशिक्षण जहाज आईएनएस तरंगिणी 6 मार्च 2026 को श्रीलंका के नौसेना सी-राइडर्स के समुद्री प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद कोलंबो पहुंचा।
श्रीलंका नौसेना एवं समुद्री अकादमी के तीन अधिकारियों और 26 प्रशिक्षुओं ने त्रिंकोमाली में जहाज पर समुद्री प्रशिक्षण के लिए सवार हुए। समुद्री यात्रा के दौरान, प्रशिक्षुओं ने गहन पाल प्रशिक्षण प्राप्त किया और पाल लगाने तथा पाल के नीचे कार्य करने की बारीकियों से परिचित हुए।
इस यात्रा ने प्रशिक्षुओं को जहाज के चालक दल के मार्गदर्शन में जहाज को चलाने और संभालने का व्यापक अनुभव दिया। इस प्रशिक्षण तैनाती ने दोनों नौसेनाओं के बीच पारस्परिक सीखने और संचालनशीलता को और मजबूत किया, जिससे समुद्री सहयोग और प्रशिक्षण संबंधों को बढ़ावा मिला।
कोलंबो पहुंचने पर, जहाज का स्वागत श्रीलंका नौसेना के प्रतिनिधियों और श्रीलंका में भारत के उच्चायोग के अधिकारियों द्वारा किया गया। आईएनएस तरंगिणी के कमांडिंग अधिकारी ने पश्चिमी नौसेना क्षेत्र के कमांडर रियर एडमिरल जगथ कुमारा से मुलाकात की और नौसेना सहयोग को बढ़ाने और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के उपायों पर चर्चा की।
तीन दिवसीय बंदरगाह प्रवास के दौरान, जहाज श्रीलंका नौसेना के साथ विभिन्न द्विपक्षीय प्रशिक्षण गतिविधियां आयोजित करेगा। इसके अलावा, दोनों नौसेनाओं के चालक दल मैत्रीपूर्ण खेल प्रतियोगिताओं, संयुक्त योग सत्रों और जागरूकता गतिविधियों में भाग लेंगे।
इसके पूर्व, त्रिंकोमाली में, श्रीलंका नौसेना एवं समुद्री अकादमी के कमांडेंट कमोडोर दिनेश बंडारा ने जहाज का दौरा किया और चालक दल तथा श्रीलंका नौसेना सी राइडर्स के साथ संवाद किया। यह प्रशिक्षण तैनाती भारत-श्रीलंका समुद्री संबंधों के बढ़ते अध्याय का प्रतीक है।