शेयर बाजार में तीसरे दिन भारी गिरावट: सेंसेक्स 999 अंक धराशाई, आईटी सेक्टर 5%25 से ज्यादा टूटा
सारांश
Key Takeaways
- बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को 999.79 अंक (1.29%25) गिरकर 76,664.21 पर बंद हुआ।
- एनएसई निफ्टी 50 275.10 अंक (1.14%25) टूटकर 23,897.95 पर आया।
- निफ्टी आईटी सबसे ज्यादा 5.29 प्रतिशत गिरा — इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा प्रमुख लूजर रहे।
- मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें गिरावट की मुख्य वजह।
- FII की बिकवाली और रुपए की कमजोरी ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया।
- तकनीकी संकेतकों के अनुसार 23,800 अहम सपोर्ट और 24,000 मजबूत रेजिस्टेंस है।
मुंबई, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन लाल निशान में बंद हुआ, जहां बीएसई सेंसेक्स करीब 1,000 अंक लुढ़क गया और एनएसई निफ्टी 50 में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान तनाव और आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली ने बाजार की धारणा को कमजोर किया।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
बाजार बंद होने पर बीएसई सेंसेक्स 999.79 अंक यानी 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,664.21 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 275.10 अंक यानी 1.14 प्रतिशत टूटकर 23,897.95 पर आ गया।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 77,483.80 पर खुलकर दिन के दौरान 1,260 अंक यानी 1.6 प्रतिशत तक गिरकर 76,403.87 के निचले स्तर को छू गया। निफ्टी 24,100.55 पर खुलने के बाद 359 अंक यानी 1.5 प्रतिशत लुढ़ककर 23,813.65 तक पहुंचा।
व्यापक बाजार और सेक्टोरल प्रदर्शन
व्यापक बाजारों में भी बिकवाली का जोर रहा। निफ्टी मिडकैप में 0.96 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.87 प्रतिशत की गिरावट आई। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
सबसे बड़ी चोट निफ्टी आईटी को लगी जो 5.29 प्रतिशत गिरा। इसके अलावा निफ्टी मीडिया 1.87 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 1.77 प्रतिशत, निफ्टी हेल्थकेयर 1.49 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 1.35 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 0.73 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.72 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी 50 के शेयरों में कोल इंडिया, ट्रेंट, हिंडाल्को, नेस्ले इंडिया, श्रीराम फाइनेंस, एसबीआई और आयशर मोटर के शेयरों में तेजी रही। दूसरी तरफ, इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, सन फार्मा और एसबीआई लाइफ के शेयर 3.2 से 6.9 प्रतिशत तक टूट गए।
आईटी शेयरों में यह गिरावट अमेरिका में मंदी की आशंका और डॉलर की मजबूती के कारण आई, जिससे भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
बाजार विशेषज्ञों का विश्लेषण
बाजार जानकारों के अनुसार, यह सप्ताह निवेशकों के लिए बेहद कमजोर रहा। पश्चिम एशिया में सीजफायर को लेकर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है। हालांकि लेबनान-इजरायल सीजफायर के विस्तार और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत के संकेत मिले हैं, फिर भी कुल मिलाकर तनाव बढ़ने का खतरा बरकरार है।
घरेलू स्तर पर रुपए की कमजोरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार निकासी ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया है। यह उल्लेखनीय है कि पिछले तीन सत्रों में बाजार लगातार दबाव में रहा है, जो वैश्विक अनिश्चितता का स्पष्ट संकेत है।
तकनीकी संकेतक और आगे की राह
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी 50 अपने 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से नीचे आ गया है, जो अल्पकालिक कमजोरी का संकेत है। आरएसआई (RSI) भी 60 के करीब से गिरकर 50 से नीचे पहुंच गया है, जो बाजार में घटती ताकत को दर्शाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 23,800 का स्तर निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट है, जबकि 24,000 अब एक मजबूत रेजिस्टेंस बन गया है। यदि निफ्टी 24,000 के ऊपर टिकता है तो 24,200 तक रिकवरी संभव है, लेकिन 23,800 से नीचे फिसलने पर गिरावट 23,600 तक जा सकती है।
अगले सप्ताह निवेशकों की नजर वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी, जो बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।