डीपफेक वीडियो से सावधान! BSE CEO राममूर्ति के नाम पर चौथी बार फर्जी निवेश जाल

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डीपफेक वीडियो से सावधान! BSE CEO राममूर्ति के नाम पर चौथी बार फर्जी निवेश जाल

सारांश

BSE ने चेतावनी दी है कि CEO सुंदररमन राममूर्ति के नाम पर फर्जी डीपफेक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें शेयर निवेश की झूठी सलाह दी जा रही है। चार महीनों में यह चौथा ऐसा मामला है। निवेशकों से केवल SEBI-पंजीकृत माध्यमों पर भरोसा करने की अपील की गई है।

Key Takeaways

  • BSE लिमिटेड ने 24 अप्रैल 2025 को निवेशकों को फर्जी डीपफेक वीडियो से सतर्क करने के लिए अलर्ट जारी किया।
  • वीडियो में MD और CEO सुंदररमन राममूर्ति को झूठे तरीके से शेयर निवेश की सलाह देते हुए दिखाया गया है।
  • पिछले चार महीनों में यह चौथी बार ऐसा फर्जी डीपफेक वीडियो सामने आया है।
  • वीडियो में व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप जॉइन करने और जल्दी मुनाफे का झूठा लालच दिया जाता है।
  • BSE और उसका कोई भी अधिकारी कभी निवेश सलाह नहीं देता — ऐसा कोई भी कंटेंट फर्जी है।
  • निवेशक संदिग्ध गतिविधि की सूचना साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या SEBI के SCORES पोर्टल पर दे सकते हैं।

मुंबई, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज BSE लिमिटेड ने शुक्रवार, 24 अप्रैल 2025 को निवेशकों के लिए एक अत्यंत जरूरी अलर्ट जारी किया है। एक्सचेंज ने खुलासा किया कि उसके मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सुंदररमन राममूर्ति की छवि का दुरुपयोग करते हुए एक फर्जी डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, जिसमें उन्हें शेयर बाजार में निवेश की सलाह देते हुए दिखाया गया है। यह वीडियो पूरी तरह नकली है और इसका उद्देश्य आम निवेशकों को ठगना है।

क्या है फर्जी डीपफेक वीडियो में?

इस डीपफेक वीडियो में सीईओ राममूर्ति को कुछ खास शेयरों में निवेश करने की सलाह देते हुए और कम समय में भारी मुनाफे का झूठा वादा करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में दर्शकों को व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के लिए भी उकसाया जा रहा है, जहां तथाकथित 'एक्सक्लूसिव स्टॉक टिप्स' देने का दावा किया जाता है।

BSE ने स्पष्ट किया कि न तो सीईओ राममूर्ति और न ही एक्सचेंज का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी कभी किसी को निवेश की सलाह देता है या किसी मैसेजिंग ग्रुप का संचालन करता है। ऐसा कोई भी कंटेंट पूरी तरह फर्जी और धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।

चार महीनों में चौथा मामला — बढ़ता खतरा

BSE ने बताया कि पिछले चार महीनों में यह चौथी बार है जब इस तरह का फर्जी डीपफेक वीडियो सामने आया है। यह आंकड़ा बताता है कि साइबर ठग अब व्यवस्थित तरीके से और बार-बार इस तरह की धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, डीपफेक तकनीक का उपयोग वित्तीय धोखाधड़ी में तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि यह जनता के भरोसे का फायदा उठाती है। जब किसी जानी-मानी हस्ती का चेहरा और आवाज नकली वीडियो में इस्तेमाल होती है, तो आम निवेशक आसानी से भ्रमित हो जाते हैं।

SEBI के निर्देशों के तहत जागरूकता अभियान

BSE ने बताया कि वह भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार लगातार निवेशक जागरूकता अभियान चला रहा है। इन अभियानों का मकसद लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं, अनधिकृत निवेश सलाह और 'फिनफ्लुएंसर' जैसे उभरते खतरों से सतर्क करना है।

गौरतलब है कि SEBI ने पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया पर अनधिकृत निवेश सलाह देने वाले दर्जनों 'फिनफ्लुएंसर्स' के खिलाफ कार्रवाई की है। इस पृष्ठभूमि में BSE का यह अलर्ट और भी अहम हो जाता है।

निवेशकों के लिए जरूरी सावधानियां

BSE ने निवेशकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी वीडियो, संदेश या लिंक पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे शेयर करें। निवेश से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल BSE के आधिकारिक प्लेटफॉर्म और SEBI से पंजीकृत माध्यमों पर ही भरोसा करें।

एक्सचेंज ने यह भी कहा कि वह इस फर्जी कंटेंट को सोशल मीडिया से हटवाने के लिए तेजी से कदम उठा रहा है और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

व्यापक संदर्भ: डिजिटल युग में निवेश धोखाधड़ी का नया चेहरा

यह मामला केवल BSE तक सीमित नहीं है। देशभर में NSE, बड़े ब्रोकरेज हाउसों और यहां तक कि RBI जैसी संस्थाओं के अधिकारियों के नाम पर भी फर्जी वीडियो और संदेश वायरल होते रहे हैं। साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर हर महीने हजारों ऐसी शिकायतें दर्ज होती हैं।

विडंबना यह है कि जिस डिजिटल तकनीक ने भारत में खुदरा निवेशकों की संख्या करोड़ों तक पहुंचाई है, वही तकनीक अब उनके खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल की जा रही है। SEBI के आंकड़ों के अनुसार भारत में डीमैट खातों की संख्या 17 करोड़ से अधिक हो चुकी है — यानी ठगों के लिए संभावित शिकारों का एक विशाल समूह।

आने वाले समय में SEBI और BSE मिलकर डीपफेक से निपटने के लिए तकनीकी और कानूनी दोनों मोर्चों पर और सख्त कदम उठा सकते हैं। निवेशकों को चाहिए कि वे किसी भी 'जल्दी अमीर बनो' स्कीम से सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत SEBI के SCORES पोर्टल या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर दें।

Point of View

बल्कि एक सुनियोजित साइबर अपराध अभियान है जो भारत के बढ़ते खुदरा निवेशक वर्ग को निशाना बना रहा है। विडंबना देखिए — जिस डिजिटल क्रांति ने करोड़ों भारतीयों को पहली बार शेयर बाजार से जोड़ा, वही तकनीक अब उन्हीं के खिलाफ हथियार बन रही है। BSE और SEBI की जागरूकता मुहिम स्वागत योग्य है, लेकिन सवाल यह है कि जब एक ही पैटर्न चार बार दोहराया जा रहा है तो क्या मौजूदा साइबर कानून और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी पर्याप्त है? यह मामला डीपफेक विनियमन पर एक ठोस राष्ट्रीय नीति की मांग को और तेज करता है।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

BSE का डीपफेक वीडियो क्या है और इसमें क्या दिखाया गया है?
BSE CEO सुंदररमन राममूर्ति की छवि का उपयोग करके एक फर्जी डीपफेक वीडियो बनाया गया है जिसमें उन्हें शेयरों में निवेश की सलाह देते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो में व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप जॉइन करने और जल्दी मुनाफे का झूठा वादा किया जाता है।
क्या BSE के CEO सुंदररमन राममूर्ति सच में निवेश सलाह देते हैं?
नहीं, BSE ने स्पष्ट किया है कि न CEO राममूर्ति और न एक्सचेंज का कोई अधिकारी कभी निवेश सलाह देता है या किसी मैसेजिंग ग्रुप का संचालन करता है। ऐसा कोई भी कंटेंट पूरी तरह फर्जी है।
BSE के नाम पर डीपफेक वीडियो कितनी बार आ चुके हैं?
BSE के अनुसार पिछले चार महीनों में यह चौथी बार है जब इस तरह का फर्जी डीपफेक वीडियो सामने आया है। यह बार-बार होने वाली धोखाधड़ी एक सुनियोजित साइबर अपराध की ओर इशारा करती है।
अगर ऐसा कोई फर्जी निवेश वीडियो दिखे तो क्या करें?
ऐसे किसी भी वीडियो, लिंक या संदेश को शेयर न करें और उस पर भरोसा न करें। साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत रिपोर्ट करें और निवेश की जानकारी के लिए केवल BSE के आधिकारिक प्लेटफॉर्म या SEBI से पंजीकृत माध्यमों का उपयोग करें।
BSE इस डीपफेक वीडियो के खिलाफ क्या कार्रवाई कर रहा है?
BSE ने कहा है कि वह इस फर्जी कंटेंट को सोशल मीडिया से हटवाने के लिए तेजी से काम कर रहा है। इसके अलावा जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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