यूपी संस्कृत बोर्ड रिजल्ट 2026: पूर्व मध्यमा में 95.91%25 पास, कन्नौज के सुजीत ने मारी बाजी
सारांश
Key Takeaways
- पूर्व मध्यमा द्वितीय में 95.91%25 उत्तीर्ण, कुल 15,029 छात्र सफल।
- उत्तर मध्यमा प्रथम में 94.40%25 और उत्तर मध्यमा द्वितीय में 94.86%25 उत्तीर्ण प्रतिशत।
- तीनों वर्गों में बालिकाओं ने बालकों से बेहतर प्रदर्शन किया।
- कन्नौज के सुजीत कुमार ने पूर्व मध्यमा में 94.43%25 अंकों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
- परीक्षा 241 केंद्रों पर 19-28 फरवरी 2026 के बीच सीसीटीवी निगरानी में संपन्न हुई।
- प्रदेश के 1,091 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों ने इन परीक्षाओं में भाग लिया।
लखनऊ, 24 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की पूर्व मध्यमा द्वितीय, उत्तर मध्यमा प्रथम और उत्तर मध्यमा द्वितीय परीक्षाओं के परिणाम आधिकारिक रूप से जारी कर दिए हैं। तीनों वर्गों में उत्तीर्ण प्रतिशत 94 से 96 प्रतिशत के बीच रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है और राज्य की संस्कृत शिक्षा व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
परीक्षा परिणाम का संक्षिप्त विवरण
पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) में 95.91 प्रतिशत, उत्तर मध्यमा प्रथम में 94.40 प्रतिशत और उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) में 94.86 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने सफलता अर्जित की। परिणाम की घोषणा माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव और माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के सचिव शिव लाल ने संयुक्त रूप से की।
परीक्षाएं 19 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच प्रदेश के 241 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थीं। मूल्यांकन कार्य 7 मार्च से 20 मार्च के बीच 13 मूल्यांकन केंद्रों पर पूर्ण किया गया।
मेधावी छात्रों की उपलब्धियां
पूर्व मध्यमा द्वितीय में कन्नौज के सुजीत कुमार ने 700 में से 661 अंक (94.43%25) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। प्रतापगढ़ की खुशबू सरोज ने 660 अंक (94.29%25) के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया। तृतीय स्थान पर प्रतापगढ़ के मुलायम सिंह यादव और प्रियंका सरोज ने संयुक्त रूप से 653 अंक (93.29%25) प्राप्त किए।
उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) की मेरिट सूची में प्रतापगढ़ के रजनीश यादव ने 1400 में से 1251 अंक (89.36%25) के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया। वंशिका श्रीवास्तव (प्रतापगढ़) 1199 अंक (85.64%25) के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। तृतीय स्थान पर प्रतापगढ़ की काजल और अमरोहा की संस्कृति ने संयुक्त रूप से 1196 अंक (85.43%25) हासिल किए।
वर्गवार पंजीकरण एवं उत्तीर्ण आंकड़े
पूर्व मध्यमा द्वितीय में 21,915 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए जिनमें 21,107 संस्थागत और 808 व्यक्तिगत थे। परीक्षा में 16,615 उपस्थित हुए और 15,029 उत्तीर्ण घोषित किए गए। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.64%25 रहा जो बालकों के 95.68%25 से अधिक है।
उत्तर मध्यमा प्रथम में 19,745 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 15,746 परीक्षा में बैठे और 14,028 उत्तीर्ण हुए। यहां भी बालिकाओं (94.62%25) ने बालकों (94.33%25) को पीछे छोड़ा।
उत्तर मध्यमा द्वितीय में 14,162 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 13,302 परीक्षा में सम्मिलित हुए और 12,306 सफल रहे। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.95%25 रहा जबकि बालकों का 94.47%25। इन तीनों परीक्षाओं में प्रदेश के 1,091 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और निगरानी व्यवस्था
इस वर्ष परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए सभी 241 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। राज्य स्तरीय रियल टाइम कंट्रोल रूम के साथ-साथ जनपद और मंडल स्तर पर भी ऑनलाइन कंट्रोल रूम सक्रिय रहे। प्रत्येक दिन की उपस्थिति ऑनलाइन अपलोड कराई गई, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे योगी सरकार की नकलविहीन परीक्षा नीति की सफलता बताया।
श्रेणीवार परिणाम और व्यापक संदर्भ
पूर्व मध्यमा द्वितीय में 14,199 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी, 816 द्वितीय श्रेणी और 5 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। उत्तर मध्यमा प्रथम में 5,661 प्रथम श्रेणी, 6,087 द्वितीय श्रेणी और 555 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण रहे।
उल्लेखनीय है कि संस्कृत शिक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियां धीरे-धीरे रंग ला रही हैं। जहां एक ओर आधुनिक तकनीकी निगरानी से परीक्षा प्रणाली को मजबूत किया गया, वहीं दूसरी ओर लगातार बेहतर होते परिणाम यह संकेत देते हैं कि संस्कृत विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। परिणाम परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं और आगामी वर्षों में इस प्रवृत्ति के और मजबूत होने की उम्मीद है।