बड़ा फैसला: आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द किया, नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
सारांश
Key Takeaways
- भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 24 अप्रैल 2025 को पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस औपचारिक रूप से रद्द कर दिया।
- लाइसेंस रद्द करने का आधार बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की धारा 22(4) है; बैंक ने लाइसेंस शर्तों का बार-बार उल्लंघन किया।
- बैंक को धारा 5(बी) और 6 के तहत परिभाषित कोई भी बैंकिंग गतिविधि तत्काल प्रभाव से करने की अनुमति नहीं है।
- बैंक को बंद करने (वाइंडिंग अप) के लिए हाई कोर्ट में शीघ्र आवेदन किया जाएगा।
- आरबीआई ने आश्वासन दिया कि बैंक के पास सभी ग्राहकों की जमा राशि लौटाने के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी मौजूद है।
- इससे पहले 11 मार्च 2022, 31 जनवरी 2024 और 16 फरवरी 2024 को भी बैंक पर विभिन्न प्रतिबंध लगाए गए थे।
मुंबई, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार, 24 अप्रैल 2025 को पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस औपचारिक रूप से रद्द कर दिया। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि बैंक ने लाइसेंस की अनिवार्य शर्तों और बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के प्रावधानों का बार-बार उल्लंघन किया, जिसके चलते यह कठोर कदम उठाना अपरिहार्य हो गया।
लाइसेंस रद्द होने की प्रक्रिया और कानूनी आधार
आरबीआई ने अपने आधिकारिक आदेश में कहा कि बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की धारा 22(4) के अंतर्गत 24 अप्रैल को कारोबार समाप्त होने के पश्चात पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस निरस्त माना जाएगा।
इसके साथ ही, केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि एक्ट की धारा 5(बी) और धारा 6 के तहत परिभाषित किसी भी बैंकिंग गतिविधि को संचालित करने की अनुमति अब इस बैंक को नहीं होगी। आरबीआई ने संकेत दिया कि बैंक के समापन (वाइंडिंग अप) के लिए संबंधित हाई कोर्ट में शीघ्र ही आवेदन दायर किया जाएगा।
ग्राहकों की जमा राशि पर आरबीआई का आश्वासन
हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक ने खाताधारकों को आश्वस्त किया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के पास पर्याप्त तरलता (लिक्विडिटी) उपलब्ध है, जिससे सभी ग्राहकों की जमा राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा। केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि इस बैंक को जारी रखना न तो व्यावसायिक दृष्टि से उचित है और न ही यह सार्वजनिक हित में है।
पूर्व में की गई कार्रवाइयों का क्रम
यह निर्णय अचानक नहीं आया। आरबीआई ने 11 मार्च 2022 से ही पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर नए ग्राहक जोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद 31 जनवरी 2024 और 16 फरवरी 2024 को बैंक पर और कड़े प्रतिबंध लागू किए गए, जिनमें मौजूदा खातों में नई राशि जमा करने और वॉलेट में टॉप-अप करने जैसी सेवाओं पर रोक शामिल थी।
यह पूरी कार्रवाई एक सुनियोजित नियामकीय प्रक्रिया का हिस्सा रही, जो वर्षों से चल रही अनुपालन विफलताओं के कारण अंततः लाइसेंस रद्द करने तक पहुंची।
व्यापक प्रभाव और आगे की राह
पेटीएम पेमेंट्स बैंक की मूल कंपनी One97 Communications के शेयरों और Paytm के व्यापक कारोबार पर इस निर्णय का दीर्घकालिक प्रभाव पड़ना तय है। भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र में पेटीएम की भूमिका को देखते हुए यह घटना फिनटेक उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी है।
गौरतलब है कि यह उस दौर में हुआ है जब आरबीआई डिजिटल बैंकिंग और पेमेंट्स क्षेत्र में नियामकीय अनुशासन को लेकर अत्यंत सतर्क है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से अन्य छोटे पेमेंट्स बैंकों को भी अपनी अनुपालन प्रक्रियाओं की समीक्षा करनी होगी।
आने वाले हफ्तों में हाई कोर्ट में दाखिल किए जाने वाले वाइंडिंग अप आवेदन और ग्राहकों को उनकी जमा राशि वापस मिलने की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।