गौतमबुद्धनगर में श्रमिकों के लिए 25 मेडिकल कैंप, 1 मई को 201 कैंपों का स्वास्थ्य महाभियान
सारांश
Key Takeaways
- 24 अप्रैल 2025 को गौतमबुद्धनगर के 25 स्थानों पर निशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित किए गए।
- जिलाधिकारी ने सूरजपुर स्थित अंबेडकर भवन में कैंप का स्थलीय निरीक्षण किया और श्रमिकों से सीधा संवाद किया।
- महिला श्रमिकों के लिए मैमोग्राफी, ब्रेस्ट स्कैनिंग और मोतियाबिंद के निशुल्क ऑपरेशन की विशेष व्यवस्था की गई।
- शारदा हॉस्पिटल और आई केयर टीम सहित कई NGO ने टीबी, एचआईवी और कैंसर स्क्रीनिंग में भाग लिया।
- 1 मई 2025 को 201 मेडिकल कैंपों का विशेष स्वास्थ्य महाभियान चलाया जाएगा, जिसमें 22 निजी अस्पताल भी शामिल होंगे।
- मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि सामान्य जांच के साथ मुफ्त दवाओं का वितरण भी किया गया।
गौतमबुद्धनगर में श्रमिकों के लिए निशुल्क मेडिकल कैंप
गौतमबुद्धनगर में 24 अप्रैल 2025 को प्रदेश सरकार की पहल पर मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग, निजी अस्पतालों और स्वयंसेवी संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से जनपद के 25 स्थानों पर व्यापक निशुल्क मेडिकल कैंपों का आयोजन किया गया। इन कैंपों में हजारों श्रमिकों ने भाग लेकर मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। यह अभियान श्रमिक कल्याण की दिशा में सरकार का एक ठोस और सराहनीय कदम माना जा रहा है।
जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण
जिलाधिकारी ने सूरजपुर स्थित अंबेडकर भवन में लगाए गए मेडिकल कैंप का सीधे जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपस्थित श्रमिकों से सीधा संवाद किया और उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं का फीडबैक लिया।
श्रमिकों ने सेवाओं पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रकार के कैंप भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, ताकि अधिकाधिक श्रमिकों को लाभ मिल सके।
कैंपों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाएं
इन मेडिकल कैंपों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की गई। विशेष रूप से महिला श्रमिकों के लिए मैमोग्राफी और ब्रेस्ट स्कैनिंग जैसी महत्वपूर्ण जांचें उपलब्ध कराई गईं।
इसके अतिरिक्त दंत चिकित्सा का पूर्ण सेटअप, एक्स-रे जांच, आंखों की जांच, मोतियाबिंद के निशुल्क ऑपरेशन और मुफ्त चश्मा वितरण की सुविधाएं भी प्रदान की गईं। बच्चों के लिए पीडियाट्रिक सेवाएं भी सुनिश्चित की गईं।
NGO और अस्पतालों की सक्रिय भागीदारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा सामान्य जांच के साथ-साथ मुफ्त दवाओं का वितरण भी किया गया। विभिन्न एनजीओ और अस्पतालों ने इस पहल में सक्रिय भागीदारी निभाई।
शारदा हॉस्पिटल द्वारा दंत और स्त्री रोग संबंधी जांच, आई केयर टीम द्वारा नेत्र परीक्षण और चश्मा वितरण तथा अन्य संस्थाओं द्वारा टीबी, एचआईवी और कैंसर की स्क्रीनिंग की गई।
कैंप सूरजपुर, बरौला, सेक्टर-16, सर्फाबाद, छपरौला, सलारपुर, गेझा और भंगेल सहित कई श्रमिक-बहुल क्षेत्रों में आयोजित किए गए, ताकि श्रमिकों को उनके कार्यस्थल के निकट ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
1 मई को 201 कैंपों का विशेष स्वास्थ्य महाभियान
जिलाधिकारी ने घोषणा की कि 1 मई 2025 को जनपद में एक विशेष स्वास्थ्य महाभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत 201 मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। इस दिन सभी सरकारी अस्पतालों के साथ 22 निजी अस्पतालों में भी पूरे दिन श्रमिकों की निशुल्क जांच, ऑपरेशन और अन्य उपचार सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।
यह अभियान केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस बड़ी सोच का हिस्सा है जो श्रमिकों को समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ शामिल करने की दिशा में काम कर रही है। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर इस महाभियान का आयोजन इसे और भी प्रतीकात्मक और महत्वपूर्ण बनाता है। आने वाले दिनों में इस मॉडल को अन्य जनपदों में भी लागू किए जाने की संभावना है।